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फीस नहीं मिलने चार छात्राओं को स्कूल से निकाला

Tue, 25 Aug 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद Updated Tue, 25 Aug 2015 12:20 AM IST
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बच्चों पर नीजि स्कूल संचालकों की मनमानी के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को भट्टू में फतेहाबाद रोड पर स्थित एनएमसी स्कूल के संचालकों द्वारा चार बहनों को स्कूल से बाहर निकालने का मामला सामने आया है।
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 इन बहनों का कसूर सिर्फ इतना है कि उन्होंने फीस नहीं जमा की है। स्कूल प्रशासन की बेरहमी से आजिज आकर बच्चियों के परिजन दोबारा दाखिले के लिए डीसी दफ्तर पहुंचे और शिकायत दी। जिसके बाद डीसी कार्यालय ने डीईओ को मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं।
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पीड़ित छात्राओं के पिता किरढान निवासी सुभाष ने बताया कि उसके बच्चे पिछले कई सालों से एनएमसी स्कूल भट्टूकलां में पढ़ रहे हैं। उसकी एक बेटी पारूल छठी कक्षा, शालू नौंवीं कक्षा, परी पहली तथा सिया यूकेजी में पढ़ती है। जबकि उसका एक बेटा है जो कि अपाहिज है और वह खुद टेलर का काम करता है। सुभाष ने आरोप लगाया कि उसे 15 अगस्त को स्कूल की फीस जमा करवानी थी।
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लेकिन दिल की बीमारी में पैसे खर्च होने के कारण वह फीस जमा नहीं करवा पाया। उसने बताया कि स्कूल के संचालक ने पहले तो मुझे फोन पर धमकाया और फिर बाद में जब बच्चे स्कूल में गए तो उन्हें बाहर निकाल दिया और कहा कि तुम्हारे पिता ने तुम्हें बताया नहीं क्या। सुभाष का कहना है कि अब उनके बच्चों को दूसरे स्कूल में भी दाखिला नहीं मिलेगा क्योंकि सभी की कक्षाएं चलने लगी है।

क्या कहना है स्कू ल के डायरेक्टर का          
एनएमसी स्कूल के डायरेक्टर सन्नी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसी को बात नहीं है। फीस जरूर मांगी गई थी।

क्योंकि सुभाष थोड़े-थोड़े करके पैसे देता है और वैसे भी पढ़ने वाले बच्चों को पहले भी काफी छूट  दे रखी है। अब पता नहीं सुभाष किस के बहकावे में आकर ये आरोप लगा रहा है।  

प्राइवेट स्कूल कर रहे हैं प्रताड़ित प्रशासन खामोश
अच्छी शिक्षा के लिए अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिल करवाते हैं। लेकिन वहां पर फीस के अलावा फिजूल के फंड के नीचे अभिभावक दबने शुरू हो जाते हैं और फिर उन्हें किसी न किसी तरह से प्रताड़ित किया जाता है।  

कब-कब ऐसे मामले आए सामने
-दो सप्ताह पूर्व गांव सालम खेड़ा में अकाल एकेडमी के एक अध्यापक द्वारा विद्यार्थी को बुरी तरह से पीटने का मामला आया था, जिसमें सदर पुलिस आरोपी अध्यापक पर मामला भी दर्ज किया था। 


-गांव धांगड़ में तीन दिन पूर्व फीस न देने पर दूसरी कक्षा के विद्यार्थी की स्कूल प्रिंसिपल द्वारा पिटाई करने का मामला आया था।
-भट्टू के गांव सूलीखेड़ा के एक प्राइमरी स्कूल में जेबीटी टीचर द्वारा दो माह पूर्व छात्रा की बेरहमी से पिटाई करने का मामला। जिससे छात्रा के दो दांत भी टूट गए थे और पुलिस ने आरोपी टीचर के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।  

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान कैसे होगा कामयाब:
प्रदेश सरकार के साथ मिलकर शिक्षा विभाग बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है और अच्छी शिक्षा की बात कर रही है लेकिन अगर ऐसे स्कूल से फीस के लिए छात्राओं  को बाहर निकाला गया तो बेटियां कैसे पढ़ पाएंगी।  


जब इस बारे में डीसी एनके सोलंकी तथा जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा ने फोन अटेंड नहीं किया।  



इस मामले में भट्टूकलां खंड शिक्षा अधिकारी भागीरथ कुमार को जांच सौंप दी गई है। वह मंगलवार को जांच कर रिपोर्ट देंगे। बच्चों के भविष्य के साथ किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  
दयानंद सिहाग डिप्टी डीईओ


मामला अभी मेरे पास आया नहीं है जैसे ही मामला मेरे पास आएगा जो कार्यवाही बनेगी वह की जाएगी। 
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