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Fatehabad News: फतेहाबाद क्षेत्र में बढ़ा गेहूं और सरसों का रकबा
Thu, 07 Dec 2023 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 07 Dec 2023 11:13 PM IST
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फतेहाबाद। जिले में रबी की फसल में शामिल गेहूं और सरसों का रकबा हर वर्ष बढ़ रहा है। इस वर्ष 1,71,000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की बिजाई हो चुकी है जबकि यह कार्य 25 दिसंबर तक होना है, ऐसे में गेहूं का रकबा पिछले साल से बढ़ सकता है। इस बार बाढ़ की वजह से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसान गेहूं की बिजाई अधिक कर रहे हैं।
फतेहाबाद में अभी करीब 12,000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल खड़ी है। इसकी कटाई जारी है। इस क्षेत्र में बाढ़ आने के कारण दोबारा रोपाई करनी पड़ी थी। सोतर का क्षेत्र होने के कारण वहां पर गेहूं की बिजाई होगी। इस साल 1,71,000 हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई हो चुकी है। यह कार्य 25 दिसंबर तक पूरा होना है। ऐसे में गेहूं का रकबा पिछले साल के 1,82,000 हेक्टेयर से अधिक पहुंचने की उम्मीद है।
इसी प्रकार सरसों के अच्छे दाम मिलने के कारण भट्टूकलां क्षेत्र और फतेहाबाद के बड़ोपल, खाराखेड़ी, चिंदड़ आदि गांवों में किसानों का रुझान सरसों की ओर भी बढ़ा है। सरसों का रकबा पिछले साल के 23,055 हेक्टेयर से बढ़कर 24,440 हेक्टेयर हो गया है। यह रकबा करीब पांच प्रतिशत बढ़ा है। वहीं ज्वार, मक्का और चने का रकबा भी बढ़ा है। हालांकि किसान केवल हरे चारे के लिए ज्वार का प्रयोग करते हैं। वहीं रतिया और टोहाना क्षेत्र में मक्का बोया जा रहा है। चने की खेती भट्टूकलां क्षेत्र में हो रही है।
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गन्ने के रकबे में 30 फीसदी की कमी
जिले के किसानों को गन्ने की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इस कारण किसानों ने इस बार पिछले वर्ष की तुलना में गन्ने की बिजाई 30 प्रतिशत कम की है, पिछले वर्ष जिले में गन्ने की बिजाई 2,128 हेक्टेयर थी और इस वर्ष यह रकबा घटकर 1,491 हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
गेहूं की उपज के बेहतर रहने की संभावना
बाढ़ ग्रसित क्षेत्र और गन्ने के खेतों में अभी रबी फसलों की बिजाई हो रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक किसानों ने वर्ष 2023 में भी समर्थन मूल्य से अधिक कीमत मिलने की उम्मीद में अधिक रकबे में गेहूं की बिजाई की है।
अभी गेहूं की उपज बेहतर होने की संभावना दिखाई दे रही है। कृषि मंत्रालय को उम्मीद है कि मौसम की स्थिति अच्छी रहने पर बेहतर उत्पादन होगा। चालू रबी सत्र में 25 दिसंबर तक गेहूं की बोआई होने पर रकबा और बढ़ने की संभावना है। - भीम सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद में अभी करीब 12,000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल खड़ी है। इसकी कटाई जारी है। इस क्षेत्र में बाढ़ आने के कारण दोबारा रोपाई करनी पड़ी थी। सोतर का क्षेत्र होने के कारण वहां पर गेहूं की बिजाई होगी। इस साल 1,71,000 हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई हो चुकी है। यह कार्य 25 दिसंबर तक पूरा होना है। ऐसे में गेहूं का रकबा पिछले साल के 1,82,000 हेक्टेयर से अधिक पहुंचने की उम्मीद है।
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इसी प्रकार सरसों के अच्छे दाम मिलने के कारण भट्टूकलां क्षेत्र और फतेहाबाद के बड़ोपल, खाराखेड़ी, चिंदड़ आदि गांवों में किसानों का रुझान सरसों की ओर भी बढ़ा है। सरसों का रकबा पिछले साल के 23,055 हेक्टेयर से बढ़कर 24,440 हेक्टेयर हो गया है। यह रकबा करीब पांच प्रतिशत बढ़ा है। वहीं ज्वार, मक्का और चने का रकबा भी बढ़ा है। हालांकि किसान केवल हरे चारे के लिए ज्वार का प्रयोग करते हैं। वहीं रतिया और टोहाना क्षेत्र में मक्का बोया जा रहा है। चने की खेती भट्टूकलां क्षेत्र में हो रही है।
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गन्ने के रकबे में 30 फीसदी की कमी
जिले के किसानों को गन्ने की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इस कारण किसानों ने इस बार पिछले वर्ष की तुलना में गन्ने की बिजाई 30 प्रतिशत कम की है, पिछले वर्ष जिले में गन्ने की बिजाई 2,128 हेक्टेयर थी और इस वर्ष यह रकबा घटकर 1,491 हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
गेहूं की उपज के बेहतर रहने की संभावना
बाढ़ ग्रसित क्षेत्र और गन्ने के खेतों में अभी रबी फसलों की बिजाई हो रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक किसानों ने वर्ष 2023 में भी समर्थन मूल्य से अधिक कीमत मिलने की उम्मीद में अधिक रकबे में गेहूं की बिजाई की है।
अभी गेहूं की उपज बेहतर होने की संभावना दिखाई दे रही है। कृषि मंत्रालय को उम्मीद है कि मौसम की स्थिति अच्छी रहने पर बेहतर उत्पादन होगा। चालू रबी सत्र में 25 दिसंबर तक गेहूं की बोआई होने पर रकबा और बढ़ने की संभावना है। - भीम सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, फतेहाबाद।