{"_id":"61608fab8ebc3edaf1150d27","slug":"what-the-child-is-doing-in-the-smartphone-should-be-aware-sp-fatehabad-news-hsr6139357164","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चा स्मार्टफोन में क्या कर रहा, जानकारी होनी चाहिए : एसपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चा स्मार्टफोन में क्या कर रहा, जानकारी होनी चाहिए : एसपी
विज्ञापन
प्रिंसिपल सुशील शर्मा को अमर उजाला की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करते एसपी राजेश कुमार। सं?
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। हम स्मार्टफोन पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो वह हमें कंट्रोल करने लगता है। मोबाइल फोन का प्रयोग सीमित होना चाहिए। कोई भी बच्चा स्मार्टफोन प्रयोग कर रहा है तो सावधानी रखनी जरूरी है। बच्चे फ्रॉड करने वालों और हैकर्स के जाल में फंस जाते हैं। इसलिए बच्चा फोन में क्या कर रहा है, इसकी जानकारी अभिभावकों को होनी चाहिए। अभिभावक बच्चों को भ्रमित व आपत्तिजनक कंटैंट फैलाने वाली वेबसाइट्स के बारे में सचेत कर सकते हैं। उक्त कथन पुलिस अधीक्षक आईपीएस राजेश कुमार ने कहे। वे अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को मिनी बाईपास स्थित गांधी विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में कक्षा नौंवी से 12वीं के 150 विद्यार्थियों को जिला पुलिस की साइबर सेल के विशेषज्ञों व एसपी राजेश कुमार ने साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया।
फेसबुक-व्हाट्सएप पर अनजान लोगों को न जोड़ें
एसपी राजेश कुमार ने कहा कि फेसबुक या व्हाट्सएप पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं लेनी चाहिए। इससे हैकर्स व फ्रॉड करने वाले लोग बच्चों को आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। वह फोटो व वीडियो चुराकर फर्जी आईडी बना लेते हैं, फिर आपातकालीन स्थिति बताकर पैसों की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का कम से कम प्रयोग करना चाहिए। विद्यार्थी जीवन में बच्चों को पढ़ाई पर अधिक फोकस करना चाहिए। सोशल मीडिया पर ऊर्जा खर्च करने की बजाय पढ़ाई पर करेंगे तो बेहतर भविष्य बनेगा।
फेक लिंक न खोलें
साइबर वालंटियर देवेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि फोन पर कोई भी लिंक आए तो उसे नहीं खोलना चाहिए। खासकर, लॉटरी व प्रलोभन देने वाले लिंक फेक होते हैं। इन लिंक को खोलने पर कई बार लोग अपना पैसा गवां देते हैं। ओटीपी तो किसी को भी नहीं बताना चाहिए। आजकल ओटीपी के जरिये बड़े स्तर पर फ्रॉड हो रहा है। इस मौके पर साइबर सेल प्रभारी नत्थूराम, पुलिस पीआरओ भीम सिंह के अलावा सभी स्कूल स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
ईमेल का पासवर्ड रखें मजबूत
देवेंद्र सिंह ने बताया कि हमेशा ई-मेल का पासवर्ड मजबूत (स्ट्रांग) रखना चाहिए। कमजोर पासवर्ड जल्दी हैक कर लिए जाते हैं। इसके बाद ई-मेल के जरिये भी फ्रॉड किया जा सकता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई भी अनजान आदमी से फेसबुक, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम पर न जुड़ें।
- अनवेरीफाई लिंक न खोलें।
- कोई भी एप डाउनलोड करनी हो तो प्ले स्टोर का प्रयोग करते हुए वेरीफाईड एप ही डाउनलोड करें।
- लॉटरी या कार-बाइक जीतने जैसे प्रलोभन वाले लिंक न खोलें।
- किसी को भी ओटीपी न बताएं।
अमर उजाला का विद्यार्थियों को जागरूक करने का यह प्रयास काफी सराहनीय रहा है। इस कार्यक्रम से विद्यार्थी काफी हद तक जागरूक हुए हैं। हमारे विद्यालय में विद्यार्थियों के मोबाइल लाने पर प्रतिबंध हैं।
-सुशील शर्मा, प्रिंसिपल
साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों का जागरूक होना बेहद जरूरी है। एसपी सर द्वारा बताई गई बातें विद्यार्थियों को जागरूक करने वाली रहीं। इससे बच्चों को लाभ मिलेगा।
-मोनिका शर्मा, वाइस प्रिंसिपल
वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा का महत्व भी बढ़ा है। अपनी शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए हम इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। मगर भविष्य में सावधानियां भी रखेंगे, ताकि कोई फ्रॉड न कर सकें।
ज्योति, छात्रा, कक्षा दसवीं।
ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई करने हमारे ज्ञान के स्तर में बढ़ोतरी होती हैं। परंतु कई बार छोटी सी लापरवाही से बड़ा नुकसान हो जाता है। कार्यक्रम में हमें साइबर सुरक्षा की नॉलेज मिली है।
-संजना, कक्षा 10वीं
आजकल साइबर फ्रॉड खूब हो रहे हैं। कार्यक्रम में हमें साइबर सुरक्षा को लेकर उपयोगी जानकारी मिली है। यह जानकारियां काफी फायदेमंद रहेगी।
-लक्ष्मी, कक्षा 12वीं
कोरोना काल में ऑनलाइन कक्षाएं लगने के कारण स्मार्टफोन रखना जरूरी हो गया है। मगर हम सावधानियां बरतकर फ्रॉड से बच सकते हैं। कार्यक्रम में भी यही सीखने को मिला है।
स्वीटी, छात्रा, कक्षा नौवीं
थोड़ी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर कुछ लोग साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए हमारा जागरूक होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम से हमारी जागरूकता बढ़ी है।
सुनील, कक्षा 12वीं
एसपी सर द्वारा बताई गई बातों से हमें काफी कुछ सीखने को मिला है। अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक व फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिल्कुल नहीं एक्सेप्ट करेंगे। कार्यक्रम से जागरूकता बढ़ी है।
-जतिन, कक्षा नौंवी
आजकल हर प्रकार के कार्य ऑनलाइन होने लगे हैं। इसलिए मोबाइल व इंटरनेट चलाना भी जरूरी है। मगर सावधानियां रखने से हम फ्रॉड से बच सकते हैं। कार्यक्रम में मिली जानकारी दूसरों से भी साझा करूंगा।
-रिषभ, कक्षा 12वीं।
कार्यक्रम में सीखा है कि कुछ लोग दोस्तकी फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पैसों की डिमांड करते हैं, ऐसे लोगों से हमें बचकर रहना चाहिए। हम भी इसका ख्याल रखेंगे, दूसरों को भी जागरूक करेंगे।
-साहिल, कक्षा 12वीं।
विज्ञापन
फेसबुक-व्हाट्सएप पर अनजान लोगों को न जोड़ें
एसपी राजेश कुमार ने कहा कि फेसबुक या व्हाट्सएप पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं लेनी चाहिए। इससे हैकर्स व फ्रॉड करने वाले लोग बच्चों को आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। वह फोटो व वीडियो चुराकर फर्जी आईडी बना लेते हैं, फिर आपातकालीन स्थिति बताकर पैसों की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का कम से कम प्रयोग करना चाहिए। विद्यार्थी जीवन में बच्चों को पढ़ाई पर अधिक फोकस करना चाहिए। सोशल मीडिया पर ऊर्जा खर्च करने की बजाय पढ़ाई पर करेंगे तो बेहतर भविष्य बनेगा।
विज्ञापन
फेक लिंक न खोलें
साइबर वालंटियर देवेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि फोन पर कोई भी लिंक आए तो उसे नहीं खोलना चाहिए। खासकर, लॉटरी व प्रलोभन देने वाले लिंक फेक होते हैं। इन लिंक को खोलने पर कई बार लोग अपना पैसा गवां देते हैं। ओटीपी तो किसी को भी नहीं बताना चाहिए। आजकल ओटीपी के जरिये बड़े स्तर पर फ्रॉड हो रहा है। इस मौके पर साइबर सेल प्रभारी नत्थूराम, पुलिस पीआरओ भीम सिंह के अलावा सभी स्कूल स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
ईमेल का पासवर्ड रखें मजबूत
देवेंद्र सिंह ने बताया कि हमेशा ई-मेल का पासवर्ड मजबूत (स्ट्रांग) रखना चाहिए। कमजोर पासवर्ड जल्दी हैक कर लिए जाते हैं। इसके बाद ई-मेल के जरिये भी फ्रॉड किया जा सकता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई भी अनजान आदमी से फेसबुक, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम पर न जुड़ें।
- अनवेरीफाई लिंक न खोलें।
- कोई भी एप डाउनलोड करनी हो तो प्ले स्टोर का प्रयोग करते हुए वेरीफाईड एप ही डाउनलोड करें।
- लॉटरी या कार-बाइक जीतने जैसे प्रलोभन वाले लिंक न खोलें।
- किसी को भी ओटीपी न बताएं।
अमर उजाला का विद्यार्थियों को जागरूक करने का यह प्रयास काफी सराहनीय रहा है। इस कार्यक्रम से विद्यार्थी काफी हद तक जागरूक हुए हैं। हमारे विद्यालय में विद्यार्थियों के मोबाइल लाने पर प्रतिबंध हैं।
-सुशील शर्मा, प्रिंसिपल
साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों का जागरूक होना बेहद जरूरी है। एसपी सर द्वारा बताई गई बातें विद्यार्थियों को जागरूक करने वाली रहीं। इससे बच्चों को लाभ मिलेगा।
-मोनिका शर्मा, वाइस प्रिंसिपल
वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा का महत्व भी बढ़ा है। अपनी शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए हम इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। मगर भविष्य में सावधानियां भी रखेंगे, ताकि कोई फ्रॉड न कर सकें।
ज्योति, छात्रा, कक्षा दसवीं।
ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई करने हमारे ज्ञान के स्तर में बढ़ोतरी होती हैं। परंतु कई बार छोटी सी लापरवाही से बड़ा नुकसान हो जाता है। कार्यक्रम में हमें साइबर सुरक्षा की नॉलेज मिली है।
-संजना, कक्षा 10वीं
आजकल साइबर फ्रॉड खूब हो रहे हैं। कार्यक्रम में हमें साइबर सुरक्षा को लेकर उपयोगी जानकारी मिली है। यह जानकारियां काफी फायदेमंद रहेगी।
-लक्ष्मी, कक्षा 12वीं
कोरोना काल में ऑनलाइन कक्षाएं लगने के कारण स्मार्टफोन रखना जरूरी हो गया है। मगर हम सावधानियां बरतकर फ्रॉड से बच सकते हैं। कार्यक्रम में भी यही सीखने को मिला है।
स्वीटी, छात्रा, कक्षा नौवीं
थोड़ी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर कुछ लोग साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए हमारा जागरूक होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम से हमारी जागरूकता बढ़ी है।
सुनील, कक्षा 12वीं
एसपी सर द्वारा बताई गई बातों से हमें काफी कुछ सीखने को मिला है। अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक व फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिल्कुल नहीं एक्सेप्ट करेंगे। कार्यक्रम से जागरूकता बढ़ी है।
-जतिन, कक्षा नौंवी
आजकल हर प्रकार के कार्य ऑनलाइन होने लगे हैं। इसलिए मोबाइल व इंटरनेट चलाना भी जरूरी है। मगर सावधानियां रखने से हम फ्रॉड से बच सकते हैं। कार्यक्रम में मिली जानकारी दूसरों से भी साझा करूंगा।
-रिषभ, कक्षा 12वीं।
कार्यक्रम में सीखा है कि कुछ लोग दोस्तकी फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पैसों की डिमांड करते हैं, ऐसे लोगों से हमें बचकर रहना चाहिए। हम भी इसका ख्याल रखेंगे, दूसरों को भी जागरूक करेंगे।
-साहिल, कक्षा 12वीं।

पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम को संबोधित करते एसपी राजेश कुमार। संवाद- फोटो : Fatehabad