{"_id":"698633568d4bb596e40acea0","slug":"wedding-season-begins-sweetness-of-fruits-becomes-expensive-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-148191-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: शादी का सीजन शुरू, फलों की मिठास हुई महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: शादी का सीजन शुरू, फलों की मिठास हुई महंगी
Sat, 07 Feb 2026 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
शहर की शिवालय मार्केट में लगी फलों की रेहड़ी। संवाद
फतेहाबाद। फरवरी के शुरू होते ही जिले में शादियों के शुभ मुहूर्त निकलने लगे हैं, लेकिन इस बार फलों के दाम ने शादी का खर्च बढ़ा दिया है। जिले में शादियों के सीजन के साथ ही फलों की मांग में उछाल आया है। अधिकतर फल अन्य राज्यों से मंगाए जा रहे हैं, इससे कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है।
पंडित जयवीर शर्मा के अनुसार, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी को विवाह के मुख्य शुभ मुहूर्त हैं। इस वजह से इस माह जिले में हजारों शादियां होने का अनुमान है। शादियों में रस्मों और कैटरिंग में फलों की अनिवार्य भूमिका होने के कारण पपीता, संतरा, अंगूर और अनानास की मांग सबसे अधिक है।
शिवालय मार्केट के दुकानदार सुभाष, प्रदीप, नरेश, सोनू और रामपाल ने बताया कि ताजा और ऑफ सीजन के फलों की मांग बढ़ने से मूल्य सामान्य से अधिक बढ़ गए हैं। ठेकेदार ताजा और ऑफ सीजन फलों की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जबकि ग्राहक घरेलू उपयोग के लिए सीजन के ताजे फलों की खरीदारी कर रहे हैं। इस तरह, शादियों के सीजन में फलों के दामों ने आम लोगों और आयोजकों दोनों की जेब पर असर डाला है।
विज्ञापन
-- -
यहां से होता है फलों का निर्यात
जिले में अनार और अंगूर का निर्यात नासिक महाराष्ट्र से होता है। एप्पल बेर जयपुर राजस्थान, ड्रैगन फ्रूट केरल और त्रिपुरा से है। अन्नास का निर्यात केरल और पश्चिम बंगाल से होता है। जबकि किन्नू और अमरूद की पैदावार जिले में होती है। दूसरे राज्यों से निर्यात होने के कारण मालभाड़ा अधिक होता है। इससे फल पर लागत बढ़ जाती है।
-- -
फल- भाव- एक सप्ताह पहले भाव ( भाव प्रति किलोग्राम में )
काला अंगूर-260-180
हरा अंगूर-200- 150
एप्पल बेर-120-100
केला-50-40
पपीता-50- 45
संतरा-50-40
अनानास-100-80
ड्रेगन फ्रूट-300-250
चिकू-100-90
सेब-250-200
अनार-250-200
तरबूज-50-40
लिची- 240- 190
विज्ञापन
पंडित जयवीर शर्मा के अनुसार, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी को विवाह के मुख्य शुभ मुहूर्त हैं। इस वजह से इस माह जिले में हजारों शादियां होने का अनुमान है। शादियों में रस्मों और कैटरिंग में फलों की अनिवार्य भूमिका होने के कारण पपीता, संतरा, अंगूर और अनानास की मांग सबसे अधिक है।
विज्ञापन
शिवालय मार्केट के दुकानदार सुभाष, प्रदीप, नरेश, सोनू और रामपाल ने बताया कि ताजा और ऑफ सीजन के फलों की मांग बढ़ने से मूल्य सामान्य से अधिक बढ़ गए हैं। ठेकेदार ताजा और ऑफ सीजन फलों की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जबकि ग्राहक घरेलू उपयोग के लिए सीजन के ताजे फलों की खरीदारी कर रहे हैं। इस तरह, शादियों के सीजन में फलों के दामों ने आम लोगों और आयोजकों दोनों की जेब पर असर डाला है।
विज्ञापन
यहां से होता है फलों का निर्यात
जिले में अनार और अंगूर का निर्यात नासिक महाराष्ट्र से होता है। एप्पल बेर जयपुर राजस्थान, ड्रैगन फ्रूट केरल और त्रिपुरा से है। अन्नास का निर्यात केरल और पश्चिम बंगाल से होता है। जबकि किन्नू और अमरूद की पैदावार जिले में होती है। दूसरे राज्यों से निर्यात होने के कारण मालभाड़ा अधिक होता है। इससे फल पर लागत बढ़ जाती है।
फल- भाव- एक सप्ताह पहले भाव ( भाव प्रति किलोग्राम में )
काला अंगूर-260-180
हरा अंगूर-200- 150
एप्पल बेर-120-100
केला-50-40
पपीता-50- 45
संतरा-50-40
अनानास-100-80
ड्रेगन फ्रूट-300-250
चिकू-100-90
सेब-250-200
अनार-250-200
तरबूज-50-40
लिची- 240- 190