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पांच दिनों में 10 डिग्री गिरा पारा
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:40 PM IST
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लगातार पांच दिनों से क्षेत्र में पड़ रही सूखी ठंड से जनजीवन ठहर सा गया है। बुधवार को अधिकतम तापमान लुढ़कर 13 डिग्री के करीब पहुंच गया। शीतलहर से हाड़ कंपकंपाती ठंड का सीधा असर आम जनमानस पर पड़ा है। स्कूली बच्चे ठंड से ज्यादा प्रभावित हैं। मौसम विभाग के अनुसार, तीन दिन और राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस धुंध को गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद बताया जा रहा है। वहीं, किसानों को बारिश का इंतजार है।
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मकर संक्रांति से पहले यहां अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा था। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने करवट ली तो तापमान भी लुढ़क गया जो बुधवार को 13 डिग्री पहुंच गया। यानी इन छह दिनों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस नीचे आया। धुंध का गेहूं की फसल को फायदा है, लेकिन किसानों को अभी बारिश का भी इंतजार है।
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इस सूखी ठंड से बच्चे व वृद्ध बीमारियों की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। खासकर दमा व एलर्जी के मरीजों को परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चे कंपकंपाते स्कूल जा रहे हैं तो कार्यालयों में हाजिरी कम है। लगातार छह दिनों से सूर्य न निकलने से ठंड और भी अत्यधिक महसूस की जा रही है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को यहां का अधिकतम तापमान 13.2 तथा न्यूनतम 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजसिंह ने कहा कि धुंध का मौसम तीन दिन ऐसे रहेगा। अभी बारिश की संभावना नहीं है। दिन का तापमान नीचे चल रहा है, जिस कारण ठंड बढ़ रही है।
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जिले में एक लाख 88 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई है। अभी तक तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा था जो गेहूं के अनुकूल नहीं था। इन दिनों चल रहा मौसम गेहूं के लिए फायदेमंद है। तापमान जितना गिरेगा उतना ही गेहूं के लिए फायदेमंद होगा।
पाला पड़ा तो होगा फसलों को नुकसान
सूखी ठंड पड़ने से खेतों में पानी के जमने की संभावना बनी हुई है, जिसे पाला कहते हैं। ऐसे में अगर पाला पड़ता है तो बेलदार व अन्य फसलों के लिए नुकसानदेह है।