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Fatehabad News: पूर्व वित्तमंत्री संपत के गांव के स्कूल में बारिश होते ही भर जाता है पानी
Tue, 05 Aug 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 05 Aug 2025 11:24 PM IST
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स्कूल परिसर व खेल मैदान में बरसात से भरा पानी। स्त्रोत : संवाद
भट्टू कलां। राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर व खेल मैदान में बारिश के समय जलभराव हो जाता है। जिससे विद्यार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्कूल पूर्व वित्तमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रो. संपत सिंह के पैतृक गांव भट्टूकलां में है।
वर्ष 1929 में बने इस विद्यालय में 35 कमरे हैं। इसमें से एक को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसे गिराए जाने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया था। इसकी प्रक्रिया अभी चल रही है। स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक 432 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए लैब, कंप्यूटर कमरा, पुस्तकालय सहित स्टाफ के लिए स्कूल में आवश्यकता के हिसाब से कमरे पूरे हैं।
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स्कूल में स्वीकृत अध्यापकों की संख्या है पूरी
करीब 96 वर्ष पूर्व बने इस स्कूल में स्वीकृत अध्यापकों की संख्या 33 है। शिक्षकों के सभी पद भरे हैं। इनमें दो स्पेशल टीचर भी शामिल हैं जो बाहर का कार्य भी देखते हैं। इसके अलावा स्कूल में 6 गैर शैक्षणिक कर्मचारी हैं। स्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम इस बार 96 प्रतिशत रहा है। स्कूल में चौकीदार का पद रिक्त पड़ा है। स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय बने हुए हैं। जो काफी बेहतर स्थिति में हैं।
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मिड-डे मील खाने के लिए नहीं व्यवस्था
भट्टू खंड के सबसे बड़े गांव में मिड-डे मील के बच्चों के खाने के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है। उनको बरामदे में बैठाकर खाना परोसा जाता है। बच्चों को मिड डे मील परोसने के लिए शेड की व्यवस्था होने की जरूरत है। बारिश के दिनों में मैदान में पानी भर जाता है और गर्मियों में तेज धूप में बच्चे मैदान में बैठ नहीं पाते हैं।
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विद्यालय का रिपोर्ट कार्ड -
स्थापना वर्ष - 1929
विद्यार्थियों की संख्या - 432
स्वीकृत शिक्षकों की संख्या - 33
कार्यरत शिक्षक - 33
कमरों की संख्या - 35
जर्जर कमरों की संख्या - 1
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स्कूल परिसर में बारिश के दिनों में जलभराव हो जाता है। कुछ समय पहले मिट्टी भी डाली गई थी। जोहड़ी नजदीक है, इस वजह से दिक्कत आ रही है। अगर मिट्टी की भर्ती और हो जाए तो लेवल ऊंचा उठ जाएगा। इसके अलावा स्कूल में कमरों की स्थिति ठीक है।
- विक्की प्रकाश, कार्यकारी इंचार्ज
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वर्ष 1929 में बने इस विद्यालय में 35 कमरे हैं। इसमें से एक को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसे गिराए जाने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया था। इसकी प्रक्रिया अभी चल रही है। स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक 432 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए लैब, कंप्यूटर कमरा, पुस्तकालय सहित स्टाफ के लिए स्कूल में आवश्यकता के हिसाब से कमरे पूरे हैं।
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स्कूल में स्वीकृत अध्यापकों की संख्या है पूरी
करीब 96 वर्ष पूर्व बने इस स्कूल में स्वीकृत अध्यापकों की संख्या 33 है। शिक्षकों के सभी पद भरे हैं। इनमें दो स्पेशल टीचर भी शामिल हैं जो बाहर का कार्य भी देखते हैं। इसके अलावा स्कूल में 6 गैर शैक्षणिक कर्मचारी हैं। स्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम इस बार 96 प्रतिशत रहा है। स्कूल में चौकीदार का पद रिक्त पड़ा है। स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय बने हुए हैं। जो काफी बेहतर स्थिति में हैं।
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मिड-डे मील खाने के लिए नहीं व्यवस्था
भट्टू खंड के सबसे बड़े गांव में मिड-डे मील के बच्चों के खाने के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है। उनको बरामदे में बैठाकर खाना परोसा जाता है। बच्चों को मिड डे मील परोसने के लिए शेड की व्यवस्था होने की जरूरत है। बारिश के दिनों में मैदान में पानी भर जाता है और गर्मियों में तेज धूप में बच्चे मैदान में बैठ नहीं पाते हैं।
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विद्यालय का रिपोर्ट कार्ड -
स्थापना वर्ष - 1929
विद्यार्थियों की संख्या - 432
स्वीकृत शिक्षकों की संख्या - 33
कार्यरत शिक्षक - 33
कमरों की संख्या - 35
जर्जर कमरों की संख्या - 1
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स्कूल परिसर में बारिश के दिनों में जलभराव हो जाता है। कुछ समय पहले मिट्टी भी डाली गई थी। जोहड़ी नजदीक है, इस वजह से दिक्कत आ रही है। अगर मिट्टी की भर्ती और हो जाए तो लेवल ऊंचा उठ जाएगा। इसके अलावा स्कूल में कमरों की स्थिति ठीक है।
- विक्की प्रकाश, कार्यकारी इंचार्ज