{"_id":"68c5a79a70cd9a0fee079ae8","slug":"water-filled-in-the-school-of-village-chindad-studies-of-students-getting-disrupted-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-140270-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: गांव चिंदड़ के स्कूल में भरा पानी विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही बाधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: गांव चिंदड़ के स्कूल में भरा पानी विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही बाधित
Sat, 13 Sep 2025 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 13 Sep 2025 10:49 PM IST
विज्ञापन
गांव चिदंड़ के स्कूल परिसर में जलभराव होने से गैलरी में बैठकर पढ़ाई करती छात्राएं। संवाद
फतेहाबाद। गांव चिंदड़ स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पिछले एक महीने से जलभराव की समस्या ने छात्र और शिक्षकों को भारी परेशानियों में डाल दिया है। स्कूल में पानी जमा रहने के कारण विद्यार्थियों को कक्षाएं बाहर गैलरी में लगानी पड़ रही हैं, जहां सीमित जगह और असुविधा के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
गांव चिंदड़ में लगभग 350 ढाणियों में जलभराव है, जिससे इन ढाणियों के कई छात्र स्कूल आने में असमर्थ हैं। पानी में डूबे रास्तों के कारण कई परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। इसके परिणामस्वरूप स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति करीब 25 प्रतिशत तक कम हो गई है। स्कूल परिसर में जमा पानी के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जिससे वायरल बुखार और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं।
स्कूल के शिक्षक इस समस्या के बारे में प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षकों ने कहा कि यदि जल्द ही स्कूल से पानी की निकासी और साफ-सफाई का प्रबंध नहीं किया गया, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ उन्हें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
विज्ञापन
-- -
गांव की गलियों व खेतों के रास्तों में जलभराव है। इस पानी के अंदर से होकर स्कूल आना पड़ रहा है। वहीं स्कूल परिसर में जमा पानी से मच्छर पनप रहे हैं। इस कारण वे पढ़ाई पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं।
-प्रेरित, छात्र।
-- -
स्कूल के परिसर में जलभराव होने से खेल मैदान डूब चुका है। इससे पढ़ाई के साथ खेलकूद क्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं। जल्द ही स्कूल से जल निकासी के प्रबंध होने चाहिए। ताकि विद्यार्थियों की खेल व पढ़ाई बाधित न हो।
-रोहित, छात्र।
-- -
सारंगपुर गांव से चिंदड़ के स्कूल में पढ़ाई करने आता हूं। रास्ते में जलभराव है। इस कारण पानी में साइकिल नहीं चल पा रही है। मजबूरन उन्हें बस से आना पड़ रहा है। उसके बाद रास्ते में भी पानी जमा है।
-युवराज, छात्र, गांव सारंगपुर।
-- -
पिछले एक माह से सेम का पानी जमा है। इससे अब बदबू आने लगी है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रार्थना भी उनको बरामदे में करनी पड़ रही है। वहीं ढाणियों की छात्राएं स्कूल में नहीं पहुंच पा रही हैं।
-गुरमेश, छात्र।
:: स्कूल कक्षाओं के अनुसार कमरों की संख्या पूरी है। दो कमरों में पानी भरा है। स्कूल परिसर में पानी जमा होने से सुबह के समय होने वाली प्रार्थना बरामदे में करवा रहे हैं। गांव में ढाणियों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में 25 फीसदी छात्र अनुपस्थित रहते हैं।
-रामचंद्र, प्रिसिंपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चिंदड़।
विज्ञापन
गांव चिंदड़ में लगभग 350 ढाणियों में जलभराव है, जिससे इन ढाणियों के कई छात्र स्कूल आने में असमर्थ हैं। पानी में डूबे रास्तों के कारण कई परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। इसके परिणामस्वरूप स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति करीब 25 प्रतिशत तक कम हो गई है। स्कूल परिसर में जमा पानी के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जिससे वायरल बुखार और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं।
विज्ञापन
स्कूल के शिक्षक इस समस्या के बारे में प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षकों ने कहा कि यदि जल्द ही स्कूल से पानी की निकासी और साफ-सफाई का प्रबंध नहीं किया गया, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ उन्हें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
विज्ञापन
गांव की गलियों व खेतों के रास्तों में जलभराव है। इस पानी के अंदर से होकर स्कूल आना पड़ रहा है। वहीं स्कूल परिसर में जमा पानी से मच्छर पनप रहे हैं। इस कारण वे पढ़ाई पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं।
-प्रेरित, छात्र।
स्कूल के परिसर में जलभराव होने से खेल मैदान डूब चुका है। इससे पढ़ाई के साथ खेलकूद क्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं। जल्द ही स्कूल से जल निकासी के प्रबंध होने चाहिए। ताकि विद्यार्थियों की खेल व पढ़ाई बाधित न हो।
-रोहित, छात्र।
सारंगपुर गांव से चिंदड़ के स्कूल में पढ़ाई करने आता हूं। रास्ते में जलभराव है। इस कारण पानी में साइकिल नहीं चल पा रही है। मजबूरन उन्हें बस से आना पड़ रहा है। उसके बाद रास्ते में भी पानी जमा है।
-युवराज, छात्र, गांव सारंगपुर।
पिछले एक माह से सेम का पानी जमा है। इससे अब बदबू आने लगी है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रार्थना भी उनको बरामदे में करनी पड़ रही है। वहीं ढाणियों की छात्राएं स्कूल में नहीं पहुंच पा रही हैं।
-गुरमेश, छात्र।
:: स्कूल कक्षाओं के अनुसार कमरों की संख्या पूरी है। दो कमरों में पानी भरा है। स्कूल परिसर में पानी जमा होने से सुबह के समय होने वाली प्रार्थना बरामदे में करवा रहे हैं। गांव में ढाणियों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में 25 फीसदी छात्र अनुपस्थित रहते हैं।
-रामचंद्र, प्रिसिंपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चिंदड़।