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Fatehabad News: भाखड़ा नहर पर रखवाया पाठ, डाले गए भोग
Sun, 23 Feb 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 23 Feb 2025 11:25 PM IST
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भाखड़ा नहर पुल पर रखे पाठ के भोग के दौरान अरमान को सिरोपा भेंट करते ग्रामीण
रतिया। गांव सरदारेवाला, नंगल, महमदगी, खाई व आसपास के गांवों के लोगों ने भाखड़ा नहर पुल पर हादसे वाली जगह पर गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ रखवा कर उसका भोग डाला। इस हादसे में सुरक्षित बाहर निकले पंजाब निवासी अरमान और जरनैल सिंह को भी भोग के दौरान बुलाया सिरोपा भेंट किया गया।
बता दें कि गांव सरदारेवाला में भाखड़ा नहर में 31 जनवरी को क्रूजर गाड़ी गिर गई थी। जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में बालक सहजदीप, बालिका संजना, रविंद्र कौर, जसविंद्र, तारो बाई, बलबीर, झंडो, कश्मीर कौर, छिंद्रपाल, जंगीरो की मौत हो गई थी। इससे पहले इसी जगह पर 1 जनवरी को भी बाइक नहर में गिरने से बाइक सवार मिल्खा सिंह की भी मौत हो गई थी।
मृतकों की आत्मिक शांति व भाखड़ा नहर पर लगातार हो रहे हो हादसों को रोकने को लेकर यह पाठ रखवाया गया था। सरपंच सिक्का ओढ़ और पप्पू कटारिया ने बताया कि भाखड़ा नहर पर सुरक्षा दीवार न होने के कारण 31 जनवरी से पहले भी कई हादसे हो चुके थे।
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इस पर ग्रामीणों ने मिलकर फैसला किया कि भविष्य में इस स्थान पर और हादसे न हो इसको लेकर इस स्थान पर सुख शांति पाठ रखा गया। रविवार को उसका भोग डालकर लंगर चलाया गया। इस दौरान पप्पू ओढ, पाल सिंह, अशोक कुमार, नरेश कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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बता दें कि गांव सरदारेवाला में भाखड़ा नहर में 31 जनवरी को क्रूजर गाड़ी गिर गई थी। जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में बालक सहजदीप, बालिका संजना, रविंद्र कौर, जसविंद्र, तारो बाई, बलबीर, झंडो, कश्मीर कौर, छिंद्रपाल, जंगीरो की मौत हो गई थी। इससे पहले इसी जगह पर 1 जनवरी को भी बाइक नहर में गिरने से बाइक सवार मिल्खा सिंह की भी मौत हो गई थी।
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मृतकों की आत्मिक शांति व भाखड़ा नहर पर लगातार हो रहे हो हादसों को रोकने को लेकर यह पाठ रखवाया गया था। सरपंच सिक्का ओढ़ और पप्पू कटारिया ने बताया कि भाखड़ा नहर पर सुरक्षा दीवार न होने के कारण 31 जनवरी से पहले भी कई हादसे हो चुके थे।
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इस पर ग्रामीणों ने मिलकर फैसला किया कि भविष्य में इस स्थान पर और हादसे न हो इसको लेकर इस स्थान पर सुख शांति पाठ रखा गया। रविवार को उसका भोग डालकर लंगर चलाया गया। इस दौरान पप्पू ओढ, पाल सिंह, अशोक कुमार, नरेश कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।