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चेयरमैन चुनाव में शिकस्त झेल चुके दिग्गज अब उपप्रधान बनवाकर साख बचाने की कवायद में

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jul 2022 10:54 PM IST
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Veterans who lost the chairman's election are now in an exercise to save credibility by making him deputy pradhan
फतेहाबाद। चेयरमैन चुनाव में शिकस्त झेल चुके जिले के राजनीतिक दिग्गज अब उपप्रधान पद पर अपने पक्ष का पार्षद बिठाकर अपनी साख बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसके लिए पार्षदों को अपने पाले में करने की कवायदें चल रही हैं। रतिया में भाजपा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। यहां पर भाजपा से ही विधायक होने और जिलाध्यक्ष का भी गृह क्षेत्र होने के बावजूद प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रही। अब रतिया विधायक लक्ष्मण नापा उपप्रधान भाजपा समर्थित को बनवाने की जुगत में हैं। इसलिए एक दिन पहले ही उन्होंने 12 पार्षदों के साथ लंच करके रणनीति तैयार की है। गौरतलब है कि 11 जुलाई सोमवार को फतेहाबाद व रतिया में नवनिर्वाचित चेयरमैन एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके बाद चेयरमैन व पार्षद कार्यभार संभालेंगे।
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निकाय चुनाव में सबसे हावी रहे फतेहाबाद के विधायक
निकाय चुनाव के दौरान सबसे हावी फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम रहे हैं। फतेहाबाद में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र खिंची ने चेयरमैन पद पर जीत हासिल की है। वहीं, भाजपा समर्थित कार्यकर्ता ही अधिकांश पार्षद बने हैं। ऐसे में फतेहाबाद नगर परिषद के उपप्रधान पद पर भी विधायक दुड़ाराम की पसंद के पार्षद का बैठना तय माना जा रहा है।
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टोहाना में परिस्थितियां बबली वर्सिज बराला
इस समय जिले में सबसे बड़ा सियासी गढ़ टोहाना बना हुआ है। जहां जजपा की टिकट पर विधायक बने मौजूदा कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली और सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला में पूरी खींचतान है। भाजपा की भीतरघात के कारण जजपा के चेयरमैन प्रत्याशी की टोहाना में हार हो गई। निर्दलीय नरेश बंसल जीते हैं, जो जीतने के बाद तुरंत सुभाष बराला के खेमे में पहुंच गए। ऐसे में अब मंत्री बबली का प्रयास है कि उपप्रधान पद पर उनका समर्थक पार्षद बैठे।
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जातिगत समीकरण साधने की होगी कोशिश
जिले के सभी नगर परिषद व नगरपालिका में उपप्रधान पद के लिए जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की जाएगी। फतेहाबाद में अनुसूचित जाति से चेयरमैन बने हैं, इसलिए पंजाबी समाज व अग्रवाल समाज के पार्षदों में से कोई एक उपप्रधान पद पर बाजी मारेगा। वहीं, टोहाना में चेयरमैन नरेश बंसल अग्रवाल समाज से हैं, ऐसे में पंजाबी, सैनी या अनुसूचित जाति से किसी पार्षद को उपप्रधान बनाया जा सकता है। रतिया व भूना में भी जातिगत समीकरण हावी रहेगा।
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