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Fatehabad News: समैन के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के पद खाली, फार्मेसी ऑफिसर और स्वीपर तक नहीं
Thu, 16 Apr 2026 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:32 PM IST
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गांव समैन में बना स्वास्थ्य केंद्र
समैन। बारह हजार से ज्यादा की आबादी वाले गांव समैन में स्थित प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी है। इस कारण ग्रामीणों को बीमार होने की स्थिति में उपचार करवाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर बीमारी से लेकर छोटी बीमारी में भी उनको कहीं और का रुख करना पड़ता है।
टोहाना उपमंडल का सबसे बड़े गांवों में शामिल समैन में बस स्टैंड के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थित है। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन दोनों ही लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके अलावा फार्मेसी ऑफिसर का पद भी रिक्त है। वर्तमान में केंद्र में एक स्वास्थ्य निरीक्षक, चार अनुबंधित स्टाफ नर्स, तीन स्थायी स्टाफ नर्स, दो बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी और एक लैब तकनीशियन के सहारे सेवाएं संचालित हो रही हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार रोजाना 70 से अधिक ग्रामीण उपचार के लिए केंद्र में पहुंचते हैं लेकिन डॉक्टर न होने से उन्हें प्राथमिक उपचार ही मिल पाता है। गंभीर मरीजों को टोहाना या हिसार के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
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ग्रामीण साधा राम शर्मा, श्यामबीर, नरेंद्र शर्मा, डॉ. मियां सिंह, रामफल सिंह, धीरा राम, काला और कर्मबीर सिंह ने बताया कि चिकित्सकों की नियुक्ति न होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कई बार इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण निराश होकर लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि निजी अस्पतालों में इलाज महंगा होने के कारण आम लोग बेहतर उपचार से वंचित रह जाते हैं। कई बार स्थिति गंभीर होने पर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि यहां पर स्थायी चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की तुरंत नियुक्ति की जाए ताकि गांव की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। संवाद
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- स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी है इसलिए ग्रामीण इलाज के लिए शहर स्थित निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं। उनकी सरकार से मांग है कि गांव के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए ताकि उनको गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
-नरेंद्र शर्मा, ग्रामीण।
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- स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। यहां पर इलाज तो दूर किसी बीमारी की दवा तक नहीं मिलती है। सरकार स्वास्थ्य के लिए बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन हकीकत कुछ और है। सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए।
- श्यामबीर गिल, ग्रामीण।
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- समैन काफी बड़ा गांव है। आबादी के लिहाज से गांव के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक होने चाहिए। चिकित्सक न होने के कारण ही ग्रामीण शहर के निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाने को मजबूर हैं। इस कारण से उन पर अलग से आर्थिक भार बढ़ जाता है।
- साधा राम, ग्रामीण।
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गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की दो व फार्मासिस्ट का पद खाली है। इस बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जब भी सरकार की तरफ से नई नियुक्ति की जाएगी स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी पूरी को पूरा किया जाएगा।
-राजेश क्रांति, एसएमओ जाखल सर्किल।
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टोहाना उपमंडल का सबसे बड़े गांवों में शामिल समैन में बस स्टैंड के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थित है। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन दोनों ही लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके अलावा फार्मेसी ऑफिसर का पद भी रिक्त है। वर्तमान में केंद्र में एक स्वास्थ्य निरीक्षक, चार अनुबंधित स्टाफ नर्स, तीन स्थायी स्टाफ नर्स, दो बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी और एक लैब तकनीशियन के सहारे सेवाएं संचालित हो रही हैं।
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स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार रोजाना 70 से अधिक ग्रामीण उपचार के लिए केंद्र में पहुंचते हैं लेकिन डॉक्टर न होने से उन्हें प्राथमिक उपचार ही मिल पाता है। गंभीर मरीजों को टोहाना या हिसार के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
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ग्रामीण साधा राम शर्मा, श्यामबीर, नरेंद्र शर्मा, डॉ. मियां सिंह, रामफल सिंह, धीरा राम, काला और कर्मबीर सिंह ने बताया कि चिकित्सकों की नियुक्ति न होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कई बार इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण निराश होकर लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि निजी अस्पतालों में इलाज महंगा होने के कारण आम लोग बेहतर उपचार से वंचित रह जाते हैं। कई बार स्थिति गंभीर होने पर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि यहां पर स्थायी चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की तुरंत नियुक्ति की जाए ताकि गांव की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। संवाद
- स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी है इसलिए ग्रामीण इलाज के लिए शहर स्थित निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं। उनकी सरकार से मांग है कि गांव के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए ताकि उनको गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
-नरेंद्र शर्मा, ग्रामीण।
- स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। यहां पर इलाज तो दूर किसी बीमारी की दवा तक नहीं मिलती है। सरकार स्वास्थ्य के लिए बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन हकीकत कुछ और है। सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए।
- श्यामबीर गिल, ग्रामीण।
- समैन काफी बड़ा गांव है। आबादी के लिहाज से गांव के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक होने चाहिए। चिकित्सक न होने के कारण ही ग्रामीण शहर के निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाने को मजबूर हैं। इस कारण से उन पर अलग से आर्थिक भार बढ़ जाता है।
- साधा राम, ग्रामीण।
गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की दो व फार्मासिस्ट का पद खाली है। इस बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जब भी सरकार की तरफ से नई नियुक्ति की जाएगी स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी पूरी को पूरा किया जाएगा।
-राजेश क्रांति, एसएमओ जाखल सर्किल।