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Fatehabad News: मिड डे मील के लिए पांच साल बाद खरीदे जाएंगे बर्तन, विभाग ने स्कूलों से मांगी डिमांड
Mon, 15 Apr 2024 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 15 Apr 2024 12:42 AM IST
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फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में मिड डे मील की गुणवता जांचती हुई जिला शिक्षा अधिकारी। फोटो शिक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शिक्षा विभाग नया सत्र शुरू होने के साथ अब विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड डे मील के लिए नए बर्तन भी देने जा रहा है। बर्तनों को लेकर शिक्षा विभाग ने स्कूलों से डिमांड मांगी है। हालांकि विभाग दो बार डिमांड मांग चुका है, लेकिन स्कूल देने में लापरवाही बरत रहे हैं। विभाग पांच साल में एक बार बर्तनों के लिए राशि जारी करता है।
विभाग द्वारा खाना पकाने व परोसने के लिए स्कूलों को बर्तन उपलब्ध करवाता है। इसके लिए स्कूलों को नामांकन के मुताबिक राशि जारी की जाती है। विभाग ने इसके लिए स्लैब जारी कर रखा है। स्लैब के मुताबिक राशि 10 हजार रुपये लेकर 25 हजार रुपये तक की जारी होगी।
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बर्तन खरीदने के लिए ये जारी होगी राशि
स्कूल में नामांकन का स्लैब राशि होगी जारी
0 से 50 10000
51 से 150 15000
151 से 250 20000
251 से ज्यादा 25000
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अब तक प्राइमरी और मिडल स्कूलों में हुए दाखिले की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
बाल वाटिका 1204
पहली 3378
दूसरी 3978
तीसरी 6570
चौथी 8916
पांचवीं 9118
छठी 8283
सातवीं 9639
आठवीं 10361
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गैस चूल्हे पर ही मिड डे मील बनाने के जारी हो चुके हैं निर्देश
मिड डे मील अधिकतर स्कूलों में गैस चूल्हे पर न बनाकर बल्कि दूसरे संसाधनों का प्रयोग किया जा रहा है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी कर रखे हैं कि सिर्फ गैस चूल्हे का ही प्रयोग किया जाए। स्कूल मुखियाओं का कहना है कि भट्ठी न होने के कारण ऐसे में गैस चूल्हे पर काफी संख्या में विद्यार्थियों के लिए खाना बनाना संभव नहीं हो पाता है। विभाग कुक कोस्ट के रूप में प्राइमरी स्कूलों को 5 रुपये 45 पैसे और मिडिल स्कूलों को 7 रुपये 18 पैसे प्रति विद्यार्थी के हिसाब से बजट जारी करता है।
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मिड डे मील के लिए स्कूलों को बर्तन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसको लेकर स्कूलों से डिमांड मांगी गई है। डिमांड आने के बाद निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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फतेहाबाद। शिक्षा विभाग नया सत्र शुरू होने के साथ अब विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड डे मील के लिए नए बर्तन भी देने जा रहा है। बर्तनों को लेकर शिक्षा विभाग ने स्कूलों से डिमांड मांगी है। हालांकि विभाग दो बार डिमांड मांग चुका है, लेकिन स्कूल देने में लापरवाही बरत रहे हैं। विभाग पांच साल में एक बार बर्तनों के लिए राशि जारी करता है।
विभाग द्वारा खाना पकाने व परोसने के लिए स्कूलों को बर्तन उपलब्ध करवाता है। इसके लिए स्कूलों को नामांकन के मुताबिक राशि जारी की जाती है। विभाग ने इसके लिए स्लैब जारी कर रखा है। स्लैब के मुताबिक राशि 10 हजार रुपये लेकर 25 हजार रुपये तक की जारी होगी।
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बर्तन खरीदने के लिए ये जारी होगी राशि
स्कूल में नामांकन का स्लैब राशि होगी जारी
0 से 50 10000
51 से 150 15000
151 से 250 20000
251 से ज्यादा 25000
अब तक प्राइमरी और मिडल स्कूलों में हुए दाखिले की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
बाल वाटिका 1204
पहली 3378
दूसरी 3978
तीसरी 6570
चौथी 8916
पांचवीं 9118
छठी 8283
सातवीं 9639
आठवीं 10361
गैस चूल्हे पर ही मिड डे मील बनाने के जारी हो चुके हैं निर्देश
मिड डे मील अधिकतर स्कूलों में गैस चूल्हे पर न बनाकर बल्कि दूसरे संसाधनों का प्रयोग किया जा रहा है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी कर रखे हैं कि सिर्फ गैस चूल्हे का ही प्रयोग किया जाए। स्कूल मुखियाओं का कहना है कि भट्ठी न होने के कारण ऐसे में गैस चूल्हे पर काफी संख्या में विद्यार्थियों के लिए खाना बनाना संभव नहीं हो पाता है। विभाग कुक कोस्ट के रूप में प्राइमरी स्कूलों को 5 रुपये 45 पैसे और मिडिल स्कूलों को 7 रुपये 18 पैसे प्रति विद्यार्थी के हिसाब से बजट जारी करता है।
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मिड डे मील के लिए स्कूलों को बर्तन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसको लेकर स्कूलों से डिमांड मांगी गई है। डिमांड आने के बाद निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी