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Fatehabad News: ठंड में यूरिन संक्रमण की बढ़ रही समस्या, कारण- कम पानी पीना
Tue, 06 Jan 2026 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 06 Jan 2026 10:40 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में सर्जन मरीजों की जांच करते हुए संवाद
फतेहाबाद। ठंड के मौसम में जिले में यूरिन संक्रमण और पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज सर्जन और चिकित्सकों के पास उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार ठंड में लोग प्यास कम लगने के कारण पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते। इससे यह समस्याएं अधिक सामने आ रही हैं।
नागरिक अस्पताल के सर्जन डॉ. हिमांशु ने बताया कि ठंड के दिनों में शरीर को पानी की उतनी मांग महसूस नहीं होती, जितनी गर्मियों में होती है। इसी वजह से लोग कम पानी पीते हैं। कम पानी पीने से यूरिन गाढ़ा हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है और यूरिन में संक्रमण हो जाता है। इसके अलावा लंबे समय तक पानी की कमी रहने से किडनी में पथरी बनने का खतरा भी बढ़ जाता है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों में जलन के साथ पेशाब आना, बार-बार पेशाब लगना, पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द, बुखार और कभी-कभी पेशाब में खून आने जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। कई मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने के कारण स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल आना पड़ रहा है। समय पर इलाज न होने पर यूरिन संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है, जिससे गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। वहीं पथरी की समस्या बढ़ने पर ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है।
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रोजाना 8 से 10 गिलास जरूर पीएं पानी
ओपीडी में आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि सर्दियों में भी दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके अलावा पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और किसी भी तरह की जलन, दर्द या असुविधा होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। ज्यादा तला-भुना और नमकयुक्त भोजन पथरी की समस्या को बढ़ा सकता है, इसलिए संतुलित आहार लेना चाहिए। समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से भी इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
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ठंड के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। लोग अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और पानी पीने की आदत को बनाए रखें, ताकि यूरिन संक्रमण और पथरी जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
- डॉ. हिमांशु, सर्जन, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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नागरिक अस्पताल के सर्जन डॉ. हिमांशु ने बताया कि ठंड के दिनों में शरीर को पानी की उतनी मांग महसूस नहीं होती, जितनी गर्मियों में होती है। इसी वजह से लोग कम पानी पीते हैं। कम पानी पीने से यूरिन गाढ़ा हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है और यूरिन में संक्रमण हो जाता है। इसके अलावा लंबे समय तक पानी की कमी रहने से किडनी में पथरी बनने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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अस्पताल में आने वाले मरीजों में जलन के साथ पेशाब आना, बार-बार पेशाब लगना, पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द, बुखार और कभी-कभी पेशाब में खून आने जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। कई मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने के कारण स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल आना पड़ रहा है। समय पर इलाज न होने पर यूरिन संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है, जिससे गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। वहीं पथरी की समस्या बढ़ने पर ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है।
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रोजाना 8 से 10 गिलास जरूर पीएं पानी
ओपीडी में आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि सर्दियों में भी दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके अलावा पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और किसी भी तरह की जलन, दर्द या असुविधा होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। ज्यादा तला-भुना और नमकयुक्त भोजन पथरी की समस्या को बढ़ा सकता है, इसलिए संतुलित आहार लेना चाहिए। समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से भी इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
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ठंड के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। लोग अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और पानी पीने की आदत को बनाए रखें, ताकि यूरिन संक्रमण और पथरी जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
- डॉ. हिमांशु, सर्जन, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।