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Fatehabad News: पंचायतों के दो वर्ष पूरे, गांवों में कई बड़े प्रोजेक्ट अभी तक नहीं चढ़ पाए सिरे

Sun, 15 Dec 2024 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 15 Dec 2024 12:09 AM IST
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Two years of Panchayats completed, many big projects in villages have not yet been completed
गांव पीलीमंदोरी में ठूईयां की ओर जाने वाली फिरनी का किया गया निर्माण कार्य।
फतेहाबाद। प्रदेश में नई पंचायत के गठन हुए दो वर्ष का समय बीत चुका है। इन दो वर्षों में जहां जिले के कुछ गांवों में दशकों पुरानी समस्याओं का हल हुआ है, वहीं कई गांव ऐसे भी हैं, जहां चुनिंदा विकास कार्य भी नहीं हुए हैं।
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जिले में 260 ग्राम पंचायतें हैं। नवंबर 2022 में इन गांवों में नई पंचायतों का गठन हुआ था। पढ़े-लिखे सरपंचों के साथ साथ जिले में 2595 पंच भी चुने गए थे। नई पंचायतों के सामने इस बार बजट की राशि को सीमित करने से कई प्रकार की समस्याएं भी आई। गांव मेहूवाला, ढिंगसरा, पीलीमंदोरी, भट्टू कलां, भोडियाखेड़ा और ढाणी ठोबा सहित कई गांवाें में छोटे-छोटे विकास कार्य ज्यादा करवाएं गए। मगर ग्राम पंचायतों के द्वारा भवन निर्माण जैसे बड़े विकास कार्य नहीं करवा जा सके हैं। जलघर, स्कूलों के भवन और सामुदायिक केंद्र सहित कई बड़े प्रोजेक्ट अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। संवाद
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गांव पीलीमंदोरी में 6 करोड़ से हुए काम, मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी होने का इंतजार
गांव पीलीमंदोरी के सरपंच धर्मवीर गोरछिया बताते हैं कि गांव में पिछले दो वर्षों में फिरनियां, स्ट्रीट लाइट, गांव का प्रवेश द्वार, शहीद सैनिकों के स्मारक, रुपाणा माइनर में सीमेंट के मोगे दबाने सहित कई विकास कार्य हुए हैं। जिन पर करीब 6 करोड़ की राशि लगी है। गांव के गंदे पानी के तालाब और पंडित जसराज के नाम पर लाइब्रेरी बनाने को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जनवरी 2023 में घोषणा की थी। अब लगभग दो वर्ष का समय पूरा होने को है, लेकिन अभी तक राशि मंजूर नहीं हो सकी है। इसके अलावा स्कूल के भवन निर्माण और पेयजल की जर्जर पाइप लाइन को बदलने के लिए भी राशि जारी होने का इंतजार है।
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गांव भोडियाखेड़ा में जलघर की डिग्गी की मरम्मत की दरकार
गांव भोडियाखेड़ा में सर्वसम्मति से चुनी गई सरपंच कौशल्या देवी के प्रतिनिधि अनिल गढ़वाल ने बताया कि गांव में फिरनियों के निर्माण कार्य, खेतों के रास्ते पक्के होने और जलघर की डिग्गी के मरम्मत कार्य के अलावा कोई काम नहीं हुआ है। गांव में जलघर की डिग्गी करीब 40 वर्ष पुरानी है। जिसकी क्षमता आबादी के अनुसार कम है। ऐसे में अगर जलघर की डिग्गी का निर्माण होता है तो इससे ग्रामीणों को पेयजल की समस्या खत्म हो जाएगी।
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गांव ढिंगसरा में स्कूल के नए भवन की मांग अधूरी
गांव ढिंगसरा के सरपंच सुभाष मूंड ने बताया कि गांव में फिरनियां पक्की करने, फिरनियों पर कैमरे लगाने और खेल मैदान में सुधार कार्य किया गया है। इसके अलावा कोई काम नहीं हो सका है। गांव में स्कूल का भवन और जलघर की डिग्गी बिल्कुल जर्जर है। इसको लेकर कई बार मांग की गई हैं, लेकिन काम नहीं हो सका है।
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ढाणी ठोबा में एक भी भवन का निर्माण नहीं हुआ
ढाणी ठोबा के सरपंच मनोज कुमार ने बताया कि गांव में एक भी भवन का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। गलियां, खेतों के रास्ते, शेड, पेयजल, शौचालय सहित कई काम हुए हैं। गांव में दो साल में करीब एक करोड़ से कम राशि के काम हुए हैं। गांव में अभी और विकास कार्यों की दरकार है।

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गांव मेहूवाला में 71 लाख से डली पाइप लाइन
गांव मेहूवाला के सरपंच प्रतिनिधि राकेश लोयल ने बताया कि गांव में पानी की निकासी की समस्या वर्षों पुरानी थी। 71 लाख की राशि से पाइप लाइन डालकर जोहड़ तक पहुंचाया गया है। गांव में कन्या प्राथमिक पाठशाला का भवन काफी पुराना है। उसको जर्जर घोषित कर दिया गया है। राशि मंजूर होने का इंतजार है।
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