रतिया। गाय और भैंसों में लंपी स्किन रोग राजस्थान के बाद पंजाब बॉर्डर के साथ लगते रतिया क्षेत्र में घर कर गया है और इस रोग के संक्रमित पशु बढ़ते जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने इस बीमारी से पीड़ित गाय और भैंसों की पहचान करने के लिए आठ टीमों का गठन किया है, जो एक विशेषज्ञ सर्जन की अगुवाई में गांव-गांव जाकर पशुओं को चिह्नित करके उन्हें आइसोलेट कर उनका इलाज कर रहे हैं।
रविवार को भी टीमों ने गांव सहनाल और भूंदड़वास में दो पशुओं को चिह्नित किया और उनका इलाज शुरू कर दिया। पशु हॉस्पिटल रतिया के प्रभारी पशु चिकित्सक सुनील बिश्नोई ने बताया कि रतिया क्षेत्र में लंपी स्किन रोग से आशंकित गायों और भैंसों को चिन्हित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 42 पशु चिह्नित किए जा चुके हैं, जिन का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को भी उनके विभाग द्वारा गठित की गई आठ टीम फील्ड में लगातार काम कर रही हैं तथा रविवार को उक्त बीमारी से आशंकित दो पशुओं को चिह्नित किया गया है। जहां भी लंपी स्किन आशंकित पशु पाया जाता है, वहां पर उक्त आशंकित पशु को संक्रमण फैलने को रोकने के लिए अन्य पशुओं से अलग करके उनका इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रतिया क्षेत्र में स्थिति कंट्रोल में है, लेकिन एहतियात जरूरी है। जिला में पशु मेलों पर रोक लगाई गई है।