{"_id":"60bf9ca88ebc3ec9505ed973","slug":"tohana-farmers-protest-fatehabad-news-rtk6121044134","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल से रिहा होकर टोहाना पहुंचे किसान मक्खन सिंह, खुली जीप में घर छोड़कर आए आंदोलनकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल से रिहा होकर टोहाना पहुंचे किसान मक्खन सिंह, खुली जीप में घर छोड़कर आए आंदोलनकारी
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दो जून को नागरिक अस्पताल में जा रहे विधायक देवेंद्र सिंह बबली का विरोध करने पर जेल भेजे गए किसान मक्खन सिंह को मंगलवार को जमानत मिल गई। मक्खन सिंह को 4 जून को सुबह पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। मंगलवार दोपहर 12 बजे वह जेल से बाहर आया। वहां से सीधा टोहाना में टाउन पार्क के बाहर पहुंचने पर मक्खन सिंह का भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, सुरेश कौथ, रमेश डांगरा आदि किसान नेताओं ने स्वागत किया। मक्खन सिंह को फूलमालाएं पहनाकर टोहाना से खुली जीप में बिठाकर उनके घर गांव फतेहपुरी में छोड़ा गया। इस दौरान गुरनाम सिंह ने मक्खन सिंह को अपनी यूनियन की ब्लॉक कमेटी में शामिल करने की भी घोषणा की।
रात को टाउन पार्क के पास धरनास्थल पर ही सोये गुरनाम चढूनी : मक्खन सिंह की जमानत सोमवार को नहीं होने के चलते गुरनाम सिंह चढूनी लौटकर टाउन पार्क के पास आ गए। रात को वह अपने साथियों जोगिंद्र नैन, सुरेश कौथ आदि के साथ टाउन पार्क के पास धरनास्थल पर ही सोये। मंगलवार सुबह अधिवक्ता सत्यवान डूल्ट, मुकेश मान पातड़ द्वारा लगाई गई मक्खन सिंह की जमानत याचिका मंजूर होने के बाद वह हिसार जेल से बाहर आए। रातभर किसान नेताओं के धरनास्थल पर ही रूके रहने की सूचना मिलने से पुलिस प्रशासन में खलबली मची रही। गुप्तचर विभाग पूरी तरह से अलर्ट रहा और देर रात तक की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के पास भेजी गई।
रमेश डांगरा ने दिलवाई मक्खन सिंह को जमानत : संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में सदर थाना में तीन दिन से धरना चल रहा था। इस धरने से विधायक व प्रशासन पर दबाव बना तो विधायक ने किसानों से माफी मांग ली। उसके बाद विधायक ने निजी सचिव व चालक द्वारा दर्ज करवाए दोनों केसों को वापस लेने के लिए एफिडेविट भी दिलवा दिया। इसके बाद किसान नेता विकास सिंसर व रवि आजाद को रिहा किया गया। डांगरा ने बताया कि विधायक के निजी सचिव के बयान पर दर्ज हुए मुकदमे में किसान नेता मक्खन सिंह फतेहपुरी को गिरफ्तार किया गया था। मगर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रशासन द्वारा मक्खन सिंह को भी रिहा करने के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त किया गया था। सोमवार को जमानत नहीं मिली तो प्रशासन की कार्रवाई पर आशंका पैदा हुई जिसके बाद गुरनाम सिंह चढूनी वापस टोहाना आ गए। रमेश डांगरा ने मक्खन सिंह की जमानत दिलवा दी।
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न्यायालय ने प्रदेश सरकार से मांगा था जवाब : इस बारे में अधिवक्ता मुकेश मान पातड़ ने बताया कि सोमवार को न्यायालय ने इस मसले को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। मंगलवार को जवाब दाखिल करने के बाद किसान को जमानत मिल गई है। अब रिलीज ऑर्डर फैक्स के माध्यम से भेज दिया गया है।
प्रशासन व किसानों के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण रही थी। दोनों तरफ की सूझबूझ से मामला निपटा लिया गया। मंगलवार को किसान मक्खन सिंह को जमानत मिल गई है। वह जेल से बाहर आ चुके हैं। -डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, डीसी, फतेहाबाद।
किसान मक्खन सिंह ने बहादुरी के साथ इस आंदोलन में भाग लिया इसलिए उसे यूनियन की ब्लॉक कमेटी में शामिल किया है। जेल में बंद तीनों किसानों को जमानत मिल गई है। हमारे सारी मांगें पूरी हो चुकी हैं। अब दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन की मजबूती में सेवाएं जारी रहेंगी। -गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू (चढूनी)।
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रात को टाउन पार्क के पास धरनास्थल पर ही सोये गुरनाम चढूनी : मक्खन सिंह की जमानत सोमवार को नहीं होने के चलते गुरनाम सिंह चढूनी लौटकर टाउन पार्क के पास आ गए। रात को वह अपने साथियों जोगिंद्र नैन, सुरेश कौथ आदि के साथ टाउन पार्क के पास धरनास्थल पर ही सोये। मंगलवार सुबह अधिवक्ता सत्यवान डूल्ट, मुकेश मान पातड़ द्वारा लगाई गई मक्खन सिंह की जमानत याचिका मंजूर होने के बाद वह हिसार जेल से बाहर आए। रातभर किसान नेताओं के धरनास्थल पर ही रूके रहने की सूचना मिलने से पुलिस प्रशासन में खलबली मची रही। गुप्तचर विभाग पूरी तरह से अलर्ट रहा और देर रात तक की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के पास भेजी गई।
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रमेश डांगरा ने दिलवाई मक्खन सिंह को जमानत : संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में सदर थाना में तीन दिन से धरना चल रहा था। इस धरने से विधायक व प्रशासन पर दबाव बना तो विधायक ने किसानों से माफी मांग ली। उसके बाद विधायक ने निजी सचिव व चालक द्वारा दर्ज करवाए दोनों केसों को वापस लेने के लिए एफिडेविट भी दिलवा दिया। इसके बाद किसान नेता विकास सिंसर व रवि आजाद को रिहा किया गया। डांगरा ने बताया कि विधायक के निजी सचिव के बयान पर दर्ज हुए मुकदमे में किसान नेता मक्खन सिंह फतेहपुरी को गिरफ्तार किया गया था। मगर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रशासन द्वारा मक्खन सिंह को भी रिहा करने के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त किया गया था। सोमवार को जमानत नहीं मिली तो प्रशासन की कार्रवाई पर आशंका पैदा हुई जिसके बाद गुरनाम सिंह चढूनी वापस टोहाना आ गए। रमेश डांगरा ने मक्खन सिंह की जमानत दिलवा दी।
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न्यायालय ने प्रदेश सरकार से मांगा था जवाब : इस बारे में अधिवक्ता मुकेश मान पातड़ ने बताया कि सोमवार को न्यायालय ने इस मसले को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। मंगलवार को जवाब दाखिल करने के बाद किसान को जमानत मिल गई है। अब रिलीज ऑर्डर फैक्स के माध्यम से भेज दिया गया है।
प्रशासन व किसानों के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण रही थी। दोनों तरफ की सूझबूझ से मामला निपटा लिया गया। मंगलवार को किसान मक्खन सिंह को जमानत मिल गई है। वह जेल से बाहर आ चुके हैं। -डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, डीसी, फतेहाबाद।
किसान मक्खन सिंह ने बहादुरी के साथ इस आंदोलन में भाग लिया इसलिए उसे यूनियन की ब्लॉक कमेटी में शामिल किया है। जेल में बंद तीनों किसानों को जमानत मिल गई है। हमारे सारी मांगें पूरी हो चुकी हैं। अब दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन की मजबूती में सेवाएं जारी रहेंगी। -गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू (चढूनी)।