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Fatehabad News: फर्जी वाहन पंजीकरण मामले में चार वर्ष बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
Sat, 03 May 2025 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 03 May 2025 11:53 PM IST
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फतेहाबाद। शहर पुलिस ने वाहन पंजीकरण के नाम पर हुए फर्जीवाड़े के मामले में करीब चार वर्ष बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान चंद्रपाल निवासी लोहानी, पवन उर्फ पोनी निवासी चांग और विनोद कुमार उर्फ बंटी निवासी क्रांतिनगर फतेहाबाद के रूप में हुई है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को इन आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस मामले में पुलिस 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
इस मामले में पुलिस ने तीन पूर्व पांच अप्रैल 2021 को एसडीएम और दो क्लर्क सहित आठ लोगों पर धोखाधड़ी सहित अनेक धाराओं के मामला दर्ज किया था। इस मामले में 10 मई 2021 को जसबीर सिंह, नरेश कुमार, अमित कुमार, प्रदीप कुमार, राजेश कुमार, राजेश, पराग कुमार और अर्जन सिंह को गिरफ्तार किया। इस साल 17 फरवरी को रोहताश और 15 अप्रैल को अतुल सिंह को काबू किया गया था। अब इन तीन आरोपियों चंद्रपाल, पवन उर्फ पोनी और विनोद उर्फ बंटी काबू किया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने की थी कार्रवाई
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच में पता चला था कि वर्ष 2018, 2019 और 2020 में तीन वाहनों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरसी जारी की गई है। यह तीनों मामले अलग-अलग एसडीएम के कार्यकाल के दौरान हुए हैं। एक मामले में सतबीर सिंह जांगू, दूसरे में संजय बिश्नोई और तीसरे में सुरजीत नैन फतेहाबाद में एसडीएम थे। दो वाहन पंजीकरण में क्लर्क ओमप्रकाश सिहाग और राजेश खटक की संलिप्तता मिली थी। तब बिहार के जिला रोहताश के गांव अकबरपुर निवासी शमशीर आलम खां, टोहाना के गांव कन्हड़ी निवासी रमेश और फतेहाबाद के गांव डूल्ट निवासी भीम सिंह सहित आठ लोगों को आरोपी माना गया था लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आते गए।
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इस मामले में पुलिस ने तीन पूर्व पांच अप्रैल 2021 को एसडीएम और दो क्लर्क सहित आठ लोगों पर धोखाधड़ी सहित अनेक धाराओं के मामला दर्ज किया था। इस मामले में 10 मई 2021 को जसबीर सिंह, नरेश कुमार, अमित कुमार, प्रदीप कुमार, राजेश कुमार, राजेश, पराग कुमार और अर्जन सिंह को गिरफ्तार किया। इस साल 17 फरवरी को रोहताश और 15 अप्रैल को अतुल सिंह को काबू किया गया था। अब इन तीन आरोपियों चंद्रपाल, पवन उर्फ पोनी और विनोद उर्फ बंटी काबू किया गया है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने की थी कार्रवाई
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच में पता चला था कि वर्ष 2018, 2019 और 2020 में तीन वाहनों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरसी जारी की गई है। यह तीनों मामले अलग-अलग एसडीएम के कार्यकाल के दौरान हुए हैं। एक मामले में सतबीर सिंह जांगू, दूसरे में संजय बिश्नोई और तीसरे में सुरजीत नैन फतेहाबाद में एसडीएम थे। दो वाहन पंजीकरण में क्लर्क ओमप्रकाश सिहाग और राजेश खटक की संलिप्तता मिली थी। तब बिहार के जिला रोहताश के गांव अकबरपुर निवासी शमशीर आलम खां, टोहाना के गांव कन्हड़ी निवासी रमेश और फतेहाबाद के गांव डूल्ट निवासी भीम सिंह सहित आठ लोगों को आरोपी माना गया था लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आते गए।
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