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Fatehabad News: समाधान देने वाले खुद पानी को मोहताज
Sun, 20 Apr 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 20 Apr 2025 11:14 PM IST
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फतेहाबाद के रजिस्ट्री कार्यालय में लगा वाटर कूलर जिसका नहीं बिजली कनेक्शन। संवाद
फतेहाबाद। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है और तापमान 40 डिग्री तक पहुंच रहा है। लोग पेयजल की समस्या लेकर लघु सचिवालय में अधिकारियों के पास पहुंचते हैं लेकिन हकीकत यह है कि उनके खुद के कार्यालयों में पीने को पानी की व्यवस्था नहीं है।
लघु सचिवालय के दोनों खंडों में पीने को पानी नहीं है। वाटर कूलर लगे हैं लेकिन किसी में बिजली कनेक्शन नहीं है तो कोई खराब पड़ा है। किसी का फिल्टर काम नहीं कर रहा है। हालात ये है कि काम करवाने के लिए आने वाले लोगों को दुकानों से पानी की बोतल लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रह रही है। दूसरी तरफ कार्यालय में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को पानी का कैंपर मंगवाकर अपना काम चलाना पड़ रहा है।
बता दें कि लघु सचिवालय में रजिस्ट्री, पेंशन शाखा, शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग, कृषि एवं कल्याण विभाग और समाज कल्याण विभाग है। यहां आने वाले लोगों को पानी के लिए परिसर से बाहर या दुकान के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। लघु सचिवालय में रोजाना करीब 500 लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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वहीं अधिकारी व कर्मचारी अपने निजी खर्च पर पानी के कैंपर रखवा प्यास बुझा रहे हैं। ई-दिशा में लगे वाटर कूलरों में से कई पिछले दो साल से खराब हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से संबंधित से कई बार मांग की गई है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
एसडीएम कार्यालय के वाटर कूलर खराब
बुधवार को जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि एसडीएम कार्यालय के लगे वाटर कूलर खराब है। उसमें पानी तक नहीं आ रहा है।
एडीसी कार्यालय के भी खराब वाटर कूलर
एडीसी कार्यालय में भी दो वाटर कूलर लगे हैं लेकिन यहां पर भी पानी नहीं मिला। इसके अलावा पानी ठंडा करने के लिए उसमें बिजली कनेक्शन भी नहीं लगा मिला।
डीसी कार्यालय में कैंपरों से पानी हो रहा है सप्लाई
लघु सचिवालय में स्थित उपायुक्त कार्यालय में बने अलग-अलग कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए कैंपर से पानी की सप्लाई हो रही है। यहां पर वाटर कूलर लगे जरूर हैं लेकिन देखरेख के अभाव में खराब पड़े हैं।
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ई-दिशा केंद्र में गर्म पानी पीने को मजबूर हैं लोग
ई-दिशा केंद्र में रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर वाटर कूलर लगा है लेकिन जब पानी पीने के लिए टोंटी को खोला जाता है तो उसमें से गर्म पानी आ रहा है। कारण, वाटर कूलर को चलाने के लिए बिजली कनेक्शन नहीं है और फिल्टर भी खराब है। यही हाल शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग और कृषि विभाग में लगे वाटर कूलरों का है।
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पीने के पानी की टंकियों की सफाई तक नहीं की गई
जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते सचिवालय के भवन की छतों पर रखी पानी की टंकियों की पिछले एक वर्ष से सफाई नहीं हुई है।नियमानुसार इन टंकियों की सफाई हर तीन महीने में होना जरूरी है। वहीं यहां पर लगे सभी वाटर कूलर में फिल्टर लगाए तो गए हैं लेकिन समय के साथ मरम्मत कार्य नहीं किए जाने से खराब हो गए हैं। इससे मजबूरन लोग गर्म और दूषित पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
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ई-दिशा केंद्र के भवन में पेयजल की व्यवस्था को लेकर एसडीएम को लिखित पत्र देकर मांग की गई थी, जिसके बाद एसडीएम की ओर से वाटर कूलरों का मरम्मत कार्य करवाने की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके बाद कुछ मरम्मत कार्य अपने खर्च से करवाई है।
-कपिल खत्री, पार्षद।
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ई-दिशा और लघु सचिवालय में लगे वाटर कूलर खराब हैं। ऐसे में पानी के लिए अधिकारियों के दफ्तरों में जाना पड़ता है, तो कई बार पानी की बोतल खरीद कर प्यास बुझानी पड़ रही है। प्रशासन को जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए। ताकि आमजन को परेशानी न झेलनी पड़े।
-अंकित, निवासी गांव ढिंगसरा।
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रजिस्ट्री के काम से ई-दिशा केंद्र में पहुंचा हूं, यहां पर पानी की कमी है। मुझे प्यास बुझाने के लिए लघु सचिवालय के बाहर दुकान से पानी खरीदना पड़ा। जिला प्रशासन की ओर से आमजन की परेशानी के लिए समाधान शिविर लगाया जाता है, लेकिन यहां पर खुद के लिए पेयजल तक उपलब्ध नहीं है।
-जगदीश, निवासी फतेहाबाद।
अधिकारी नहीं दे रहे जवाब
लघु सचिवालय में वाटर कूलर खराब होने और पेयजल व्यवस्था न होने पर सीटीएम गौरव गुप्ता से 17 अप्रैल को बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे बैठक में है, इस मामले को लेकर फिर बात करेंगे। रविवार को उनसे तीन बार बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
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लघु सचिवालय के दोनों खंडों में पीने को पानी नहीं है। वाटर कूलर लगे हैं लेकिन किसी में बिजली कनेक्शन नहीं है तो कोई खराब पड़ा है। किसी का फिल्टर काम नहीं कर रहा है। हालात ये है कि काम करवाने के लिए आने वाले लोगों को दुकानों से पानी की बोतल लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रह रही है। दूसरी तरफ कार्यालय में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को पानी का कैंपर मंगवाकर अपना काम चलाना पड़ रहा है।
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बता दें कि लघु सचिवालय में रजिस्ट्री, पेंशन शाखा, शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग, कृषि एवं कल्याण विभाग और समाज कल्याण विभाग है। यहां आने वाले लोगों को पानी के लिए परिसर से बाहर या दुकान के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। लघु सचिवालय में रोजाना करीब 500 लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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वहीं अधिकारी व कर्मचारी अपने निजी खर्च पर पानी के कैंपर रखवा प्यास बुझा रहे हैं। ई-दिशा में लगे वाटर कूलरों में से कई पिछले दो साल से खराब हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से संबंधित से कई बार मांग की गई है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
एसडीएम कार्यालय के वाटर कूलर खराब
बुधवार को जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि एसडीएम कार्यालय के लगे वाटर कूलर खराब है। उसमें पानी तक नहीं आ रहा है।
एडीसी कार्यालय के भी खराब वाटर कूलर
एडीसी कार्यालय में भी दो वाटर कूलर लगे हैं लेकिन यहां पर भी पानी नहीं मिला। इसके अलावा पानी ठंडा करने के लिए उसमें बिजली कनेक्शन भी नहीं लगा मिला।
डीसी कार्यालय में कैंपरों से पानी हो रहा है सप्लाई
लघु सचिवालय में स्थित उपायुक्त कार्यालय में बने अलग-अलग कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए कैंपर से पानी की सप्लाई हो रही है। यहां पर वाटर कूलर लगे जरूर हैं लेकिन देखरेख के अभाव में खराब पड़े हैं।
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ई-दिशा केंद्र में गर्म पानी पीने को मजबूर हैं लोग
ई-दिशा केंद्र में रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर वाटर कूलर लगा है लेकिन जब पानी पीने के लिए टोंटी को खोला जाता है तो उसमें से गर्म पानी आ रहा है। कारण, वाटर कूलर को चलाने के लिए बिजली कनेक्शन नहीं है और फिल्टर भी खराब है। यही हाल शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग और कृषि विभाग में लगे वाटर कूलरों का है।
पीने के पानी की टंकियों की सफाई तक नहीं की गई
जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते सचिवालय के भवन की छतों पर रखी पानी की टंकियों की पिछले एक वर्ष से सफाई नहीं हुई है।नियमानुसार इन टंकियों की सफाई हर तीन महीने में होना जरूरी है। वहीं यहां पर लगे सभी वाटर कूलर में फिल्टर लगाए तो गए हैं लेकिन समय के साथ मरम्मत कार्य नहीं किए जाने से खराब हो गए हैं। इससे मजबूरन लोग गर्म और दूषित पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
ई-दिशा केंद्र के भवन में पेयजल की व्यवस्था को लेकर एसडीएम को लिखित पत्र देकर मांग की गई थी, जिसके बाद एसडीएम की ओर से वाटर कूलरों का मरम्मत कार्य करवाने की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके बाद कुछ मरम्मत कार्य अपने खर्च से करवाई है।
-कपिल खत्री, पार्षद।
ई-दिशा और लघु सचिवालय में लगे वाटर कूलर खराब हैं। ऐसे में पानी के लिए अधिकारियों के दफ्तरों में जाना पड़ता है, तो कई बार पानी की बोतल खरीद कर प्यास बुझानी पड़ रही है। प्रशासन को जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए। ताकि आमजन को परेशानी न झेलनी पड़े।
-अंकित, निवासी गांव ढिंगसरा।
रजिस्ट्री के काम से ई-दिशा केंद्र में पहुंचा हूं, यहां पर पानी की कमी है। मुझे प्यास बुझाने के लिए लघु सचिवालय के बाहर दुकान से पानी खरीदना पड़ा। जिला प्रशासन की ओर से आमजन की परेशानी के लिए समाधान शिविर लगाया जाता है, लेकिन यहां पर खुद के लिए पेयजल तक उपलब्ध नहीं है।
-जगदीश, निवासी फतेहाबाद।
अधिकारी नहीं दे रहे जवाब
लघु सचिवालय में वाटर कूलर खराब होने और पेयजल व्यवस्था न होने पर सीटीएम गौरव गुप्ता से 17 अप्रैल को बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे बैठक में है, इस मामले को लेकर फिर बात करेंगे। रविवार को उनसे तीन बार बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।