{"_id":"69dd323f9b1738f4e604d4ae","slug":"there-is-no-health-center-in-hansewala-people-have-to-go-to-the-city-for-treatment-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-151937-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: हांसेवाला में नहीं स्वास्थ्य केंद्र, इलाज कराने जाना पड़ रहा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: हांसेवाला में नहीं स्वास्थ्य केंद्र, इलाज कराने जाना पड़ रहा शहर
Mon, 13 Apr 2026 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
क्रांति, ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि।
- फोटो : credit
समैन। गांव हांसेवाला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों को उपचार के लिए मजबूरन शहर का रुख करना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए ताकि उपचार के लिए उनको इधर-उधर न भटकना पड़े।
गांव में 9 वार्ड हैं और आबादी 3000 के करीब है। गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण लोगों को उकलाना, टोहाना या हिसार का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण बलिंद्र सिंह, क्रांति, रमेश, अमित, नसीब, महावीर सिंह, प्रवीन, दर्शना, शीला देवी, कमलेश, पतासो देवी आदि ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उनके गांव से उकलाना की दूरी 5 किलोमीटर पड़ती है। अन्य शहरों की दूरी गांव से बहुत अधिक है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें हिसार स्थित निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके अलावा जन्म-मृत्यु से संबंधित प्रमाणपत्र के काम गांव समैन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में होते हैं। गांव समैन की दूरी हांसेवाला से 13 किलोमीटर के लगभग है। उनकी सरकार से मांग है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र बनवाया जाए।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
- गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण उन्हें उपचार के लिए मजबूरन शहर के निजी अस्पताल में जाना पड़ता है। इसके अलावा उन्हें जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के काम के लिए भी 13 किलोमीटर दूर गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चक्कर काटने पड़ते है। उनकी सरकार से मांग है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए।
-बलिंद्र गिल, ग्रामीण हांसेवाला।
-
गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी तरह की बीमारी के इलाज के लिए लोग शहर के निजी अस्पताल में जाने को मजबूर हैं। महिलाओं को प्रसूति के लिए भी शहर में जाना पड़ता है इसलिए उनकी सरकार से मांग है कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनवाया जाए।
- क्रांति, ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि।
-गांव में स्वास्थ्य केंद्र के अभाव में महिलाओं को प्रसूति के लिए शहर के निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। यह काफी खर्चीला व जोखिम भरा है। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। गांव की आबादी को देखते हुए प्रदेश सरकार को यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
- संदीप कुमार, ग्रामीण हांसेवाला
विज्ञापन
गांव में 9 वार्ड हैं और आबादी 3000 के करीब है। गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण लोगों को उकलाना, टोहाना या हिसार का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण बलिंद्र सिंह, क्रांति, रमेश, अमित, नसीब, महावीर सिंह, प्रवीन, दर्शना, शीला देवी, कमलेश, पतासो देवी आदि ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
उनके गांव से उकलाना की दूरी 5 किलोमीटर पड़ती है। अन्य शहरों की दूरी गांव से बहुत अधिक है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें हिसार स्थित निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके अलावा जन्म-मृत्यु से संबंधित प्रमाणपत्र के काम गांव समैन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में होते हैं। गांव समैन की दूरी हांसेवाला से 13 किलोमीटर के लगभग है। उनकी सरकार से मांग है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र बनवाया जाए।
विज्ञापन
- गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण उन्हें उपचार के लिए मजबूरन शहर के निजी अस्पताल में जाना पड़ता है। इसके अलावा उन्हें जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के काम के लिए भी 13 किलोमीटर दूर गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चक्कर काटने पड़ते है। उनकी सरकार से मांग है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए।
-बलिंद्र गिल, ग्रामीण हांसेवाला।
-
गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी तरह की बीमारी के इलाज के लिए लोग शहर के निजी अस्पताल में जाने को मजबूर हैं। महिलाओं को प्रसूति के लिए भी शहर में जाना पड़ता है इसलिए उनकी सरकार से मांग है कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनवाया जाए।
- क्रांति, ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि।
-गांव में स्वास्थ्य केंद्र के अभाव में महिलाओं को प्रसूति के लिए शहर के निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। यह काफी खर्चीला व जोखिम भरा है। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। गांव की आबादी को देखते हुए प्रदेश सरकार को यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
- संदीप कुमार, ग्रामीण हांसेवाला

क्रांति, ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि।- फोटो : credit

क्रांति, ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि।- फोटो : credit