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Fatehabad News: पगड़ी संभाल जट्टा कमेटी ने नायब तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन
Fri, 09 Jan 2026 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:07 PM IST
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नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते किसान।
जाखल। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति की ओर से गुरुवार को किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपे गए। किसान कमेटी की ओर से कुल तीन मांग पत्र दिए गए, जिनमें से दो ज्ञापन तहसीलदार जाखल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को भेजे गए, जबकि एक मांग पत्र डायरेक्ट इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चीफ इंजीनियर को प्रेषित किया गया।
यह ज्ञापन ब्लॉक प्रधान लाभ सिंह और सचिव हरविंदर बेनीपाल की अध्यक्षता में सौंपे गए। इस दौरान नसीब सिंह, लखविंदर सिंह साधनवास, जगपाल सिंह तलवाड़ा, नसीब सिंह जाखल, बलविंदर सिंह, हरविंदर सिंह उदयपुर, लाल सिंह, हरमेल सिंह, सतगुरु सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
किसानों द्वारा सौंपे गए पहले ज्ञापन में मुख्यमंत्री के नाम मांग रखी गई कि टोहाना को जिला बनाया जाए। किसानों का कहना है कि टोहाना जिला बनने के सभी मानदंडों को पूरा करता है। यहां सात रेलवे स्टेशन स्थित हैं, जिनमें एक बड़ा रेलवे जंक्शन भी शामिल है, जो पंजाब और हरियाणा को जोड़ता है। इसके बावजूद टोहाना को अब तक जिला का दर्जा नहीं मिल पाया है।
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दूसरे ज्ञापन में किसानों ने पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित सरहद ड्रेन की सफाई का मुद्दा उठाया। किसानों ने बताया कि पंजाब सरकार की सीमा तक आने वाले ड्रेन क्षेत्र की सफाई करवा दी गई है, लेकिन हरियाणा की सीमा में आने वाले लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र, जो गांव साधनवास के अंतर्गत आता है, उसकी कभी सफाई नहीं करवाई गई। ड्रेन में मिट्टी के ढेर और गिरे हुए पेड़ पड़े हैं, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सफाई नहीं करवाई गई तो गेहूं, आलू, मटर सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
तीसरा ज्ञापन चीफ इंजीनियर, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, हिसार के नाम दिया गया। इसमें मांग की गई है कि सर्दी के मौसम को देखते हुए खेतों में दी जाने वाली बिजली आपूर्ति रात की बजाय दिन में की जाए। किसानों ने सुझाव दिया कि बिजली आपूर्ति का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा जाए। किसानों का कहना है कि रात के समय कोहरा, धुंध और आवारा पशुओं के कारण खेतों में जाना जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे में रोजाना मिलने वाली आठ घंटे की बिजली आपूर्ति दिन में की जाए, ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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यह ज्ञापन ब्लॉक प्रधान लाभ सिंह और सचिव हरविंदर बेनीपाल की अध्यक्षता में सौंपे गए। इस दौरान नसीब सिंह, लखविंदर सिंह साधनवास, जगपाल सिंह तलवाड़ा, नसीब सिंह जाखल, बलविंदर सिंह, हरविंदर सिंह उदयपुर, लाल सिंह, हरमेल सिंह, सतगुरु सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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किसानों द्वारा सौंपे गए पहले ज्ञापन में मुख्यमंत्री के नाम मांग रखी गई कि टोहाना को जिला बनाया जाए। किसानों का कहना है कि टोहाना जिला बनने के सभी मानदंडों को पूरा करता है। यहां सात रेलवे स्टेशन स्थित हैं, जिनमें एक बड़ा रेलवे जंक्शन भी शामिल है, जो पंजाब और हरियाणा को जोड़ता है। इसके बावजूद टोहाना को अब तक जिला का दर्जा नहीं मिल पाया है।
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दूसरे ज्ञापन में किसानों ने पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित सरहद ड्रेन की सफाई का मुद्दा उठाया। किसानों ने बताया कि पंजाब सरकार की सीमा तक आने वाले ड्रेन क्षेत्र की सफाई करवा दी गई है, लेकिन हरियाणा की सीमा में आने वाले लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र, जो गांव साधनवास के अंतर्गत आता है, उसकी कभी सफाई नहीं करवाई गई। ड्रेन में मिट्टी के ढेर और गिरे हुए पेड़ पड़े हैं, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सफाई नहीं करवाई गई तो गेहूं, आलू, मटर सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
तीसरा ज्ञापन चीफ इंजीनियर, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, हिसार के नाम दिया गया। इसमें मांग की गई है कि सर्दी के मौसम को देखते हुए खेतों में दी जाने वाली बिजली आपूर्ति रात की बजाय दिन में की जाए। किसानों ने सुझाव दिया कि बिजली आपूर्ति का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा जाए। किसानों का कहना है कि रात के समय कोहरा, धुंध और आवारा पशुओं के कारण खेतों में जाना जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे में रोजाना मिलने वाली आठ घंटे की बिजली आपूर्ति दिन में की जाए, ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।