फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   The strike did not receive support from the city government

Fatehabad News: बंद को शहर की सरकार का नहीं मिला समर्थन

Thu, 02 Oct 2025 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 02 Oct 2025 11:00 PM IST
विज्ञापन
The strike did not receive support from the city government
फतेहाबाद के थाना रोड पर सुबह साढ़े 10 बजे बंद पड़ीं दुकानें । संवाद
फतेहाबाद। नगर परिषद के अतिक्रमण अभियान के खिलाफ व्यापारियों ने वीरवार को दो घंटे बाजार बंद रखकर अपनी आवाज बुलंद की। बंद शहर के अंदरूनी बाजारों में पूरी तरह सफल रहा जबकि हाईवे पर हिसार-सिरसा रोड पर मिला-जुला असर देखने को मिला। सुबह नौ बजे से 11 बजे व्यापार मंडल के बैनर तले के व्यापारियों ने नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ हंस मार्केट से जवाहर चौक तक प्रदर्शन किया। जवाहर चौक पर अधिकारियों का पुतला भी फूंका।
विज्ञापन


हालांकि प्रदर्शन में ना तो विपक्ष का कोई बड़ा नेता शामिल हुआ और ना ही पार्षद व्यापारियों के बीच पहुंचे। भाजपा नेता एवं नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। फतेहाबाद से विधानसभा चुनाव लड़ चुके राजेंद्र चौधरी काका ने भी अधिकारियों को घेरा। उन्होंने कहा कि अफसरों की मनमानी ने शहर उजाड़ दिया है और सत्तासीन नेता चुप्पी साधे हुए हैं। नागरिक अधिकार मंच सहित समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी इस बंद में शामिल हुए।
विज्ञापन


व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे फतेहाबाद, अफसरों पर निकाली भड़ास

टोहाना की तरह व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग फतेहाबाद भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नप अफसरों पर जमकर भड़ास निकाली। बजरंग गर्ग ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग के अधिकारी सिर्फ व्यापारियों को निशाना बनाते हैं। हालांकि भाजपा जिला अध्यक्ष को लेकर उनका रुख नरम दिखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


समर्थन के बावजूद प्रदर्शन में नहीं पहुंचे विधायक, बोले- राजनीति रूप नहीं देना चाहता था

कांग्रेसी विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने इस बाजार को समर्थन दिया था, लेकिन वीरवार को बाजार बंद के दौरान वो नदारद दिखे। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो इस मसले को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहते थे। ये सारे समाज की समस्या है। दो दिन पहले हुई एक बैठक में नगर परिषद के 14 पार्षदों ने इस बाजार बंद को समर्थन दिया था लेकिन वीरवार को व्यापारियों के प्रदर्शन में मोहन लाल नारंग, राजेंद्र आहुजा और चंद्रभान वधवा सहित महज तीन पार्षद ही शामिल हुए। इस बाजार बंद में नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ही नदारद थे।

-----

बुलडोजर की संस्कृति सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती। अतिक्रमण हटाने, स्वच्छता, शहर के विकास और नशा मुक्ति जैसे मुद्दों पर जिला प्रशासन को एक कोऑर्डिनेशन कमेटी गठित करनी चाहिए ताकि सामूहिक सामाजिक प्रयासों से समस्याओं का समाधान हो सके।

-मोहन लाल नारंग, पार्षद







-



भाजपा के नेताओं ने अधिकारियों से बात की तो दीवाली तक का समय देने की बात हुई। मगर उसके बाद भी बेलगाम अधिकारियों ने तोड़फोड़ जारी रखी। इस बात से यह पता चलता है कि प्रदेश में बेलगाम अधिकारी ही सरकार चला रहे हैं।


विनोद अरोड़ा, प्रदेश मंत्री हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल



-

नगर परिषद जब भी कोई अभियान चलाता है तो व्यापार मंडल से जरूर राय ली जाती रही है लेकिन इस बार सीधा बुल्डोजर से शेड तोड़े गए, सामान जब्त किया गया। नगर परिषद को पहले व्यापार मंडल के साथ बैठक करनी चाहिए थी। दुकानों के आगे लगे शेड से किसी को अड़चन नहीं होती है। ये धूप और बारिश से बचाव के लिए लगाए जाते हैं।



अशोक नारंग, अध्यक्ष, व्यापार मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed