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Fatehabad News: बैठक में 40 प्रतिशत ग्रामीणों की उपस्थिति अनिवार्य का सरपंच एसोसिएशन ने जताया एतराज
Mon, 12 Jan 2026 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:43 PM IST
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पत्रकारों से बातचीत करते सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल। संवाद
टोहाना। हरियाणा सरपंच एसोसिएशन ने पंचायत विभाग की ओर से ग्राम सभा की बैठक में 40 प्रतिशत ग्रामीणों की उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्णय पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर गिल ने इस फैसले को अव्यावहारिक बताया है।
गिल ने कहा कि किसी भी ग्राम सभा की बैठक में 40 प्रतिशत लोगों का एकत्रित होना असंभव है। यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रभावित करेगा। गिल ने बताया कि मनरेगा के तहत होने वाले कार्य भी ग्राम सभा की बैठक में ही स्वीकृत किए जाते हैं। 40 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त के कारण मनरेगा के माध्यम से होने वाले विकास कार्य भी बाधित होंगे।
उन्होंने इस नियम की तुलना विधायकों की सभाओं से करते हुए कहा कि किसी भी विधायक के लिए अपनी विधानसभा में पांच प्रतिशत लोगों को भी एकत्रित करना मुश्किल होता है। ऐसे में गांवों में 40 प्रतिशत लोगों को बुलाना कैसे संभव होगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस गांव में 2000 मतदाता हों और 6 प्रत्याशी चुनाव लड़े हो, वहां चुनाव हारे प्रत्याशियों के समर्थक बैठक में क्यों आएंगे।
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एसोसिएशन ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले की तरह 10 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति का नियम ही लागू किया जाना चाहिए। इस संबंध में एसोसिएशन मुख्यमंत्री के नाम राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला को एक ज्ञापन सौंपेगी। इस अवसर पर फतेहपुरी सरपंच गुरसेवक, अमानी से सरपंच प्रतिनिधि लाभ सिंह, इंदाछोई से सुनील व अन्य सरपंच उपस्थित रहे।
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गिल ने कहा कि किसी भी ग्राम सभा की बैठक में 40 प्रतिशत लोगों का एकत्रित होना असंभव है। यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रभावित करेगा। गिल ने बताया कि मनरेगा के तहत होने वाले कार्य भी ग्राम सभा की बैठक में ही स्वीकृत किए जाते हैं। 40 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त के कारण मनरेगा के माध्यम से होने वाले विकास कार्य भी बाधित होंगे।
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उन्होंने इस नियम की तुलना विधायकों की सभाओं से करते हुए कहा कि किसी भी विधायक के लिए अपनी विधानसभा में पांच प्रतिशत लोगों को भी एकत्रित करना मुश्किल होता है। ऐसे में गांवों में 40 प्रतिशत लोगों को बुलाना कैसे संभव होगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस गांव में 2000 मतदाता हों और 6 प्रत्याशी चुनाव लड़े हो, वहां चुनाव हारे प्रत्याशियों के समर्थक बैठक में क्यों आएंगे।
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एसोसिएशन ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले की तरह 10 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति का नियम ही लागू किया जाना चाहिए। इस संबंध में एसोसिएशन मुख्यमंत्री के नाम राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला को एक ज्ञापन सौंपेगी। इस अवसर पर फतेहपुरी सरपंच गुरसेवक, अमानी से सरपंच प्रतिनिधि लाभ सिंह, इंदाछोई से सुनील व अन्य सरपंच उपस्थित रहे।