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Fatehabad News: तापमान में हो रही वृद्धि से धान की पौध पर छाया संकट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 10:44 PM IST
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The rise in temperature has put the rice plants in danger
फतेहाबाद क्षेत्र में तैयार की धान की नर्सरी। स्रोत किसान
फतेहाबाद। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में इन दिनों तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से धान की नर्सरी झुलसने लगी है। तेज धूप और लू के कारण नर्सरी की नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे पौध पीली पड़ने और सूखने की समस्या सामने आ रही है। अगर तापमान में कमी नहीं हुई तो इस धान की पौध बाहर से मंगवानी पड़ सकती जिससे किसानों का खर्च बढ़ सकता है।
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कृषि विकास अधिकारी डॉ. बहादुर गोदारा का कहना है कि मौजूदा मौसम धान की कोमल पौध के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। यदि समय रहते उचित देखभाल नहीं की गई तो रोपाई के दौरान किसानों को कमजोर पौध का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। ऐसे में किसान धान की सीधी बिजाई कर सकते है या उचित देखभाल करके धान की नर्सरी को नुकसान से बचा सकते हैं।
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बेहन को बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय

कृषि एवं कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने किसानों को सलाह दी है कि धान की नर्सरी में सुबह और शाम हल्की सिंचाई जरूर करें ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे। दोपहर के समय खेत में पानी की पतली परत रखने से भी तापमान का असर कम किया जा सकता है। नर्सरी को तेज धूप से बचाने के लिए हरी जाली, पुआल या सूखी घास का हल्का आवरण उपयोग करना फायदेमंद रहेगा। इससे पौध पर सीधे पड़ने वाली गर्मी कम होगी और नमी लंबे समय तक बनी रहेगी। ऐसे में किसानों को बेहन की नियमित निगरानी करने और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि धान की पौध को नुकसान से बचाया जा सके।
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पौध में दिखें ये लक्षण तो तुरंत करें उपचार

यदि धान की पौध में पीलेपन, पत्तियों के सूखने या झुलसने के लक्षण दिखाई दे तो सूक्ष्म पोषक तत्वों और जरूरी दवाओं का छिड़काव करें। खेत की मेड़ों को मजबूत रखने और अनावश्यक पानी की निकासी रोकने की भी सलाह दी गई है। वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में 29 मई से 1 जून तक बारिश होने के आसार जताए जा रहे हैं कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
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