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सूर्य नमस्कार का उद्देश्य शरीर को स्फूर्तिवान बनाना : अनिल
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गांव मानावाली में सूर्य नमस्कार करवाते आयूष विभाग की टीम।
फतेहाबाद। हर घर हर परिवार सूर्य नमस्कार महाअभियान के तहत शुक्रवार को गांव मानावाली, खैरातीखेड़ा, भोडिया खेड़ा और कुकड़ांवाली स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। आयुष योग सहायक अनिल कुमार ने गांव मानावाली, खेराती खेड़ा व भोडिया खेड़ा में और मनोज कुमार ने गांव कुकड़ावाली की आंगनबाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों को सूर्य नमस्कार के अभ्यास का प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार का उद्देश्य शरीर को स्फूर्तिवान बनाना है। आम धारणा के विपरीत, सूर्य नमस्कार क्रिया का अभ्यास उगते सूरज की ओर पीठ कर किया जाता है। उन्होंने बताया कि परंपरागत रूप से उगते सूरज का स्वागत झुककर और उसकी ओर पीठ करके प्रार्थना करके करेंगे, ताकि पीछे से उसकी ऊर्जा को अवशोषित किया जा सके। ऐसा करने से हम पीठ और रीढ़ को उत्तेजित करते हैं और शरीर में ऊर्जा का एक चक्र चलाते हैं।
आयुष योग सहायकों ने बताया कि जिस प्रकार सूर्य ने अपनी शक्तिशाली ऊर्जा के माध्यम से दुनिया को जीवन दिया, उसी प्रकार हम भी सूर्य नमस्कार के अभ्यास के माध्यम से अपने शरीर को ऊर्जावान बना सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को संकल्प दिलाया कि वे सूर्य नमस्कार व योग प्राणायाम को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।
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इस दौरान उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार का उद्देश्य शरीर को स्फूर्तिवान बनाना है। आम धारणा के विपरीत, सूर्य नमस्कार क्रिया का अभ्यास उगते सूरज की ओर पीठ कर किया जाता है। उन्होंने बताया कि परंपरागत रूप से उगते सूरज का स्वागत झुककर और उसकी ओर पीठ करके प्रार्थना करके करेंगे, ताकि पीछे से उसकी ऊर्जा को अवशोषित किया जा सके। ऐसा करने से हम पीठ और रीढ़ को उत्तेजित करते हैं और शरीर में ऊर्जा का एक चक्र चलाते हैं।
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आयुष योग सहायकों ने बताया कि जिस प्रकार सूर्य ने अपनी शक्तिशाली ऊर्जा के माध्यम से दुनिया को जीवन दिया, उसी प्रकार हम भी सूर्य नमस्कार के अभ्यास के माध्यम से अपने शरीर को ऊर्जावान बना सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को संकल्प दिलाया कि वे सूर्य नमस्कार व योग प्राणायाम को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।
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