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Fatehabad News: तीन साल बाद नेत्र विभाग को मिलेगी याग लेजर मशीन
Sun, 02 Aug 2026 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:21 PM IST
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नागरिक अस्पताल में नेत्र विभाग संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल के नेत्र विभाग में करीब तीन वर्ष बाद याग लेजर मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। मशीन मिलने से मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंख के लेंस पर बनने वाली झिल्ली का उपचार अस्पताल में ही संभव होगा। अभी मशीन नहीं होने से प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों को बिन उपचार लौटना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने सिटी वेलफेयर क्लब की चार मांगों में से दो मंजूर कर ली हैं जबकि दो अस्वीकार कर दी हैं। स्वीकृत मांगों में याग लेजर मशीन प्रमुख है। यह मशीन मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद लेंस पर बनने वाली झिल्ली हटाने के उपचार में इस्तेमाल होती है। पिछले तीन वर्षों से मशीन के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों या फिर दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा था।
विभाग ने ओसीटी और पेरीमिट्री मशीन उपलब्ध कराने की मांग फिलहाल स्वीकार नहीं की है। हालांकि विभाग का कहना है कि ओसीटी मशीन प्रत्येक जिले के अस्पताल में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। यह मशीन आंखों की कई गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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एंटी ग्लूकोमा दवाओं के संबंध में विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनकी खरीद अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर करेगा। इन दवाओं की उपलब्धता की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की गई है। नेत्र विभाग में आवश्यक मशीनों की कमी को देखते हुए सिटी वेलफेयर क्लब के प्रधान विनोद अरोड़ा ने सरकार को चार प्रमुख मांगों की सूची भेजी थी। विनोद का कहना है कि याग लेजर मशीन आती है तो मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।
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याग लेजर मशीन बिना चीरफाड़ आंख के लेंस से हटाती है झिल्ली
नेत्र विभाग के लिए याग लेजर मशीन की स्वीकृति एक बड़ी राहत है। यह मशीन मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद उत्पन्न होने वाली एक सामान्य समस्या का समाधान करेगी। कई बार ऑपरेशन के बाद लेंस पर एक पतली झिल्ली बन जाती है। यह झिल्ली दृष्टि को धुंधला कर देती है। याग लेजर मशीन मशीन इस झिल्ली को बिना किसी चीरफाड़ के हटा देती है। पिछले तीन साल से इस मशीन के अभाव में मरीजों को काफी असुविधा हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल ओसीटी और पेरीमिट्री मशीनें देने से मना कर दिया है। ओसीटी मशीन आंखों के अंदरूनी हिस्सों की विस्तृत जांच के लिए महत्वपूर्ण होती है। पेरीमिट्री मशीन ग्लूकोमा जैसे रोगों में दृष्टि क्षेत्र की जांच के लिए आवश्यक है। इन मशीनों के बिना आंखों की कई गंभीर बीमारियों का सटीक निदान मुश्किल हो जाता है।
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अस्पताल में याग लेजर मशीन करीब तीन साल से नहीं है। यह मशीन अब जल्द मिलेगी। ओसीटी मशीन के बारे में उच्च अधिकारियों ने फैसला लेना है। एंटी ग्लूकोमा मेडिसिन की खरीद सिविल सर्जन कार्यालय कर सकता है।
- डॉ. राकेश कसवां, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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स्वास्थ्य विभाग ने सिटी वेलफेयर क्लब की चार मांगों में से दो मंजूर कर ली हैं जबकि दो अस्वीकार कर दी हैं। स्वीकृत मांगों में याग लेजर मशीन प्रमुख है। यह मशीन मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद लेंस पर बनने वाली झिल्ली हटाने के उपचार में इस्तेमाल होती है। पिछले तीन वर्षों से मशीन के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों या फिर दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा था।
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विभाग ने ओसीटी और पेरीमिट्री मशीन उपलब्ध कराने की मांग फिलहाल स्वीकार नहीं की है। हालांकि विभाग का कहना है कि ओसीटी मशीन प्रत्येक जिले के अस्पताल में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। यह मशीन आंखों की कई गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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एंटी ग्लूकोमा दवाओं के संबंध में विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनकी खरीद अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर करेगा। इन दवाओं की उपलब्धता की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की गई है। नेत्र विभाग में आवश्यक मशीनों की कमी को देखते हुए सिटी वेलफेयर क्लब के प्रधान विनोद अरोड़ा ने सरकार को चार प्रमुख मांगों की सूची भेजी थी। विनोद का कहना है कि याग लेजर मशीन आती है तो मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।
याग लेजर मशीन बिना चीरफाड़ आंख के लेंस से हटाती है झिल्ली
नेत्र विभाग के लिए याग लेजर मशीन की स्वीकृति एक बड़ी राहत है। यह मशीन मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद उत्पन्न होने वाली एक सामान्य समस्या का समाधान करेगी। कई बार ऑपरेशन के बाद लेंस पर एक पतली झिल्ली बन जाती है। यह झिल्ली दृष्टि को धुंधला कर देती है। याग लेजर मशीन मशीन इस झिल्ली को बिना किसी चीरफाड़ के हटा देती है। पिछले तीन साल से इस मशीन के अभाव में मरीजों को काफी असुविधा हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल ओसीटी और पेरीमिट्री मशीनें देने से मना कर दिया है। ओसीटी मशीन आंखों के अंदरूनी हिस्सों की विस्तृत जांच के लिए महत्वपूर्ण होती है। पेरीमिट्री मशीन ग्लूकोमा जैसे रोगों में दृष्टि क्षेत्र की जांच के लिए आवश्यक है। इन मशीनों के बिना आंखों की कई गंभीर बीमारियों का सटीक निदान मुश्किल हो जाता है।
अस्पताल में याग लेजर मशीन करीब तीन साल से नहीं है। यह मशीन अब जल्द मिलेगी। ओसीटी मशीन के बारे में उच्च अधिकारियों ने फैसला लेना है। एंटी ग्लूकोमा मेडिसिन की खरीद सिविल सर्जन कार्यालय कर सकता है।
- डॉ. राकेश कसवां, नेत्र रोग विशेषज्ञ