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Fatehabad News: रोड स्वीपिंग मशीन खरीदने की तैयारी में नगर परिषद, ट्रायल में पसंद नहीं आई
Wed, 08 Oct 2025 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 08 Oct 2025 11:22 PM IST
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रोड स्वीपिंग मशीन के टैंक की जांच करते अधिकारी। संवाद
फतेहाबाद। नगर परिषद प्रशासन शहर के मुख्य रोड की सफाई को लेकर खुद की रोड स्वीपिंग मशीन खरीदने की तैयारी कर रहा है। बुधवार को नगर परिषद अधिकारियों ने पुराना बस स्टैंड के सामने से मशीन का ट्रायल शुरू किया और करीब डेढ़ घंटे तक चला। हालांकि ट्रायल के दौरान नगर परिषद अधिकारियों को मशीन पंसद नहीं आई। ट्रायल दौरान कोई पार्षद मौजूद नहीं रहा।
नगर परिषद प्रशासन की तरफ से रोड स्वीपिंग मशीन को लेकर प्रक्रिया करीब डेढ़ माह से चल रही है। मशीन को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने डीएमसी के पास प्रस्ताव भेजा था। बुधवार को कंपनी के अधिकारी मशीन लेकर ट्रायल के लिए पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक मशीन का ट्रायल लिया गया। पहले मशीन को ताऊ देवीलाल मार्केट की सड़क की सफाई करवाई गई और इसके बाद मशीन से डिवाइडर की सफाई हुई लेकिन मशीन को लेकर नगर परिषद के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। धीमे कार्य और छोटी होने के कारण अधिकारियों ने बड़ी मशीन का ट्रायल लेने का फैसला लिया है। अधिकारियों की माने मशीन की कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है और इसमें जीएसटी अलग है। इसके अलावा बड़ी मशीन की कीमत करीब 45 लाख रुपये और जीएसटी अलग से है।
पार्षदों के विरोध के चलते दो साल पहले वापस भेजी थी मशीन
नगर निकाय मुख्यालय से नाइट स्वीपिंग मशीन नगर परिषद के पास अक्टूबर 2021 में भेजी गई थी। नगर परिषद मशीन को लेकर हर माह साढ़े चार लाख रुपये का भुगतान करता रहा। इसके अलावा 50 लीटर तेल भी नगर परिषद की ओर से दिया जाता था। वर्ष 2023 में इसको लेकर पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया और हाउस बैठक में बंद करने का प्रस्ताव पास किया था। विरोध के चलते मशीन को वापस भेज दिया गया था। मशीन को लेकर नगर निकाय ने शर्त ये लगाई थी कि पांच साल लगातार भुगतान के बाद मशीन नगर परिषद को सुपुर्द हो जाएगी लेकिन बीच में ही इस पर रोक लग गई थी।
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ट्रायल के चक्कर में नहीं चला जागरूकता अभियान
नगर परिषद की तरफ से बुधवार को जीरो वेस्ट वार्ड यानि मॉडल टाउन में जागरूकता अभियान चलाया जाना था। लेकिन मशीन के ट्रायल के चलते नगर परिषद अधिकारी अभियान शुरू ही नहीं कर पाए।
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छोटी स्वीपिंग मशीन को लेकर हमने ही राय दी है। गुरुग्राम समेत बड़े शहरों में मशीनों से सफाई हो रही है इसलिए यहां भी होनी चाहिए।
सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद
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मशीन को लेकर अभी ट्रायल लिया जा रहा है। सहमति से ही खरीद की जाएगी। ये मशीन नगर परिषद खुद की खरीदेगा। छोटी मशीन का ट्रायल लिया गया और अभी बड़ी का भी लिया जाएगा।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद
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नगर परिषद प्रशासन की तरफ से रोड स्वीपिंग मशीन को लेकर प्रक्रिया करीब डेढ़ माह से चल रही है। मशीन को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने डीएमसी के पास प्रस्ताव भेजा था। बुधवार को कंपनी के अधिकारी मशीन लेकर ट्रायल के लिए पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक मशीन का ट्रायल लिया गया। पहले मशीन को ताऊ देवीलाल मार्केट की सड़क की सफाई करवाई गई और इसके बाद मशीन से डिवाइडर की सफाई हुई लेकिन मशीन को लेकर नगर परिषद के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। धीमे कार्य और छोटी होने के कारण अधिकारियों ने बड़ी मशीन का ट्रायल लेने का फैसला लिया है। अधिकारियों की माने मशीन की कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है और इसमें जीएसटी अलग है। इसके अलावा बड़ी मशीन की कीमत करीब 45 लाख रुपये और जीएसटी अलग से है।
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पार्षदों के विरोध के चलते दो साल पहले वापस भेजी थी मशीन
नगर निकाय मुख्यालय से नाइट स्वीपिंग मशीन नगर परिषद के पास अक्टूबर 2021 में भेजी गई थी। नगर परिषद मशीन को लेकर हर माह साढ़े चार लाख रुपये का भुगतान करता रहा। इसके अलावा 50 लीटर तेल भी नगर परिषद की ओर से दिया जाता था। वर्ष 2023 में इसको लेकर पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया और हाउस बैठक में बंद करने का प्रस्ताव पास किया था। विरोध के चलते मशीन को वापस भेज दिया गया था। मशीन को लेकर नगर निकाय ने शर्त ये लगाई थी कि पांच साल लगातार भुगतान के बाद मशीन नगर परिषद को सुपुर्द हो जाएगी लेकिन बीच में ही इस पर रोक लग गई थी।
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ट्रायल के चक्कर में नहीं चला जागरूकता अभियान
नगर परिषद की तरफ से बुधवार को जीरो वेस्ट वार्ड यानि मॉडल टाउन में जागरूकता अभियान चलाया जाना था। लेकिन मशीन के ट्रायल के चलते नगर परिषद अधिकारी अभियान शुरू ही नहीं कर पाए।
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छोटी स्वीपिंग मशीन को लेकर हमने ही राय दी है। गुरुग्राम समेत बड़े शहरों में मशीनों से सफाई हो रही है इसलिए यहां भी होनी चाहिए।
सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद
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मशीन को लेकर अभी ट्रायल लिया जा रहा है। सहमति से ही खरीद की जाएगी। ये मशीन नगर परिषद खुद की खरीदेगा। छोटी मशीन का ट्रायल लिया गया और अभी बड़ी का भी लिया जाएगा।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद