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महिला बोली-नोएडा में बेटी अकेली
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21 दिन का लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे कई लोगों के लिए मंगलवार को मुश्किलें खड़ी हो गई जब प्रधानमंत्री ने 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया। यहां पर फंसे और बाहर से अपनों को लाने के लिए काफी संख्या में लोग मूवमेंट पास के लिए लघु सचिवालय पहुंच गए। इसमें अधिकतर महिलाएं थी। महिलाओं ने कहा कि मूवमेंट पास के लिए कई बार एप्लीकेशन लगाई गई लेकिन रद्द कर दी गई। लघु सचिवालय मूवमेंट पास के लिए पहुंची महिलाओं को अधिकारी न होने का कहकर मुख्य गेट से ही वापस लौटा दिया गया। कोई समाधान न निकलता देख महिलाओं की आंखों से आंसू झलक आए। महिलाओं ने कहा कि 300 से 400 किलोमीटर दूर फंस अपनों की चिंता सताए जा रही है। कई बार मूवमेंट पास के लिए एप्लीकेशन लगाई गई लेकिन रद्द कर दी गई।
केस एक : मेरी बेटी नोएडा की एक कंपनी में जॉब करती है और पीजी में रहती है। अब वह पीजी में अकेली ही रह रही है। उसको लाने के लिए कई बार आनलाइन एप्लीकेशन लगाई लेकिन रद्द कर दी गई। कई बार अधिकारियों से मिले लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। नोएडा प्रशासन कह रहा है कि फरीदाबाद तक जाने की छूट दे देंगे लेकिन आगे का पास हरियाणा से लेना होगा लेकिन हरियाणा का पास नहीं मिल रहा है।
- रेखा रानी, गुहार लगाने वाली महिला।
केस दो : मेरी बेटी मायके में आई हुई थी और वह गर्भवती है। उसे वापस पटियाला जाना है लेकिन कोई परमिशन नहीं मिल रही है। बार्डर तक भी हमें नहीं जाने दिया जा रहा है। मेरा दोहता भी बीमार है लेकिन फिर उसे जाने की अनुमति नहीं मिल रही है।
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- रजनीबाई, लघु सचिवालय पहुंचीं महिला।
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केस एक : मेरी बेटी नोएडा की एक कंपनी में जॉब करती है और पीजी में रहती है। अब वह पीजी में अकेली ही रह रही है। उसको लाने के लिए कई बार आनलाइन एप्लीकेशन लगाई लेकिन रद्द कर दी गई। कई बार अधिकारियों से मिले लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। नोएडा प्रशासन कह रहा है कि फरीदाबाद तक जाने की छूट दे देंगे लेकिन आगे का पास हरियाणा से लेना होगा लेकिन हरियाणा का पास नहीं मिल रहा है।
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- रेखा रानी, गुहार लगाने वाली महिला।
केस दो : मेरी बेटी मायके में आई हुई थी और वह गर्भवती है। उसे वापस पटियाला जाना है लेकिन कोई परमिशन नहीं मिल रही है। बार्डर तक भी हमें नहीं जाने दिया जा रहा है। मेरा दोहता भी बीमार है लेकिन फिर उसे जाने की अनुमति नहीं मिल रही है।
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- रजनीबाई, लघु सचिवालय पहुंचीं महिला।