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Fatehabad News: घायलों को अस्पताल पहुंचाने को हाईवे पुलिस के पास महज एक एंबुलेंस
Tue, 02 Dec 2025 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 02 Dec 2025 11:19 PM IST
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गांव बड़ोपल व खाराखेड़ी के बीच बना पुलिस प्वाइंट जहां पर पुलिस की तैनाती नहीं है। संवाद
फतेहाबाद। जिले से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए पुलिस गंभीर नजर नहीं आ रही है। न तो दिन के निर्धारित समय पर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां अपने प्वाइंट्स पर मिल रही हैं, और न ही हादसे के घायलों के लिए पर्याप्त एंबुलेंस की सुविधा है।
इन प्वाइंट्स को इसलिए बनाया गया था कि पुलिस का एक निर्धारित स्थान हो सके, लेकिन जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने प्वाइंट्स पर न तो पुलिस गाड़ियां नजर आ रही है और न ही कोई पुलिसकर्मी। वहीं शहर के अंदर बने एक पुलिस प्वाइंट को तो लोगों ने कूड़ा फेंकने की जगह बना दिया गया है।
वहीं जब भी कोई हादसा होता है, तो उन्हें पुलिस को सूचना देने के बाद एंबुलेंस व पुलिस को लेकर लंबा इंतजार करना पड़ता है। पुलिस की इस कमी के कारण कई बार घायलों को गोल्डन ऑवर में इलाज नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान जाने को खतरा उतना ही बढ़ जाता है।
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हादसों के दौरान करना पड़ता है लंबा इंतजार
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस महानिदेशक के आदेश पर गश्त के लिए हर 10 किलोमीटर की दूरी पर पुलिस पेट्रोलिंग टीमों के लिए प्वाइंट्स निर्धारित किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या सड़क हादसे की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। मगर, जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। पड़ताल के दौरान पाया कि दिन के समय इन निर्धारित प्वाइंट्स पर पुलिस की गाड़ियां नदारद मिलती हैं। इससे दुर्घटना होने पर घायलों को समय पर मदद मिलना भी मुश्किल हो जाता है।
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घायलों के लिए सिर्फ एक एंबुलेंस
राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन बड़े-छोटे हादसे होते रहते हैं। ऐसे में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी होता है, लेकिन फतेहाबाद पुलिस के पास सड़क हादसे में घायलों के लिए सिर्फ एक एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। यह संख्या राष्ट्रीय राजमार्ग की व्यस्तता और दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए बेहद अपर्याप्त है। अगर एक ही समय में एक से अधिक स्थानों पर हादसे हो जाते हैं, तो पुलिस के पास घायलों को अस्पताल पहुंचाने का कोई वैकल्पिक साधन नहीं होता।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन प्वाइंट्स बनाए हुए हैं जो हाईवे पर गश्त के लिए उत्तरदायी हैं। इसके अलावा एक एंबुलेंस और डायल 112 की कई गाड़ियां हैं जो हादसे की सूचना मिलते ही बिना देरी के घटनास्थल पर पहुंच जाती हैं।
-जय सिंह, ट्रैफिक थाना प्रभारी।
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इन प्वाइंट्स को इसलिए बनाया गया था कि पुलिस का एक निर्धारित स्थान हो सके, लेकिन जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने प्वाइंट्स पर न तो पुलिस गाड़ियां नजर आ रही है और न ही कोई पुलिसकर्मी। वहीं शहर के अंदर बने एक पुलिस प्वाइंट को तो लोगों ने कूड़ा फेंकने की जगह बना दिया गया है।
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वहीं जब भी कोई हादसा होता है, तो उन्हें पुलिस को सूचना देने के बाद एंबुलेंस व पुलिस को लेकर लंबा इंतजार करना पड़ता है। पुलिस की इस कमी के कारण कई बार घायलों को गोल्डन ऑवर में इलाज नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान जाने को खतरा उतना ही बढ़ जाता है।
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हादसों के दौरान करना पड़ता है लंबा इंतजार
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस महानिदेशक के आदेश पर गश्त के लिए हर 10 किलोमीटर की दूरी पर पुलिस पेट्रोलिंग टीमों के लिए प्वाइंट्स निर्धारित किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या सड़क हादसे की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। मगर, जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। पड़ताल के दौरान पाया कि दिन के समय इन निर्धारित प्वाइंट्स पर पुलिस की गाड़ियां नदारद मिलती हैं। इससे दुर्घटना होने पर घायलों को समय पर मदद मिलना भी मुश्किल हो जाता है।
घायलों के लिए सिर्फ एक एंबुलेंस
राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन बड़े-छोटे हादसे होते रहते हैं। ऐसे में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी होता है, लेकिन फतेहाबाद पुलिस के पास सड़क हादसे में घायलों के लिए सिर्फ एक एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। यह संख्या राष्ट्रीय राजमार्ग की व्यस्तता और दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए बेहद अपर्याप्त है। अगर एक ही समय में एक से अधिक स्थानों पर हादसे हो जाते हैं, तो पुलिस के पास घायलों को अस्पताल पहुंचाने का कोई वैकल्पिक साधन नहीं होता।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन प्वाइंट्स बनाए हुए हैं जो हाईवे पर गश्त के लिए उत्तरदायी हैं। इसके अलावा एक एंबुलेंस और डायल 112 की कई गाड़ियां हैं जो हादसे की सूचना मिलते ही बिना देरी के घटनास्थल पर पहुंच जाती हैं।
-जय सिंह, ट्रैफिक थाना प्रभारी।

गांव बड़ोपल व खाराखेड़ी के बीच बना पुलिस प्वाइंट जहां पर पुलिस की तैनाती नहीं है। संवाद

गांव बड़ोपल व खाराखेड़ी के बीच बना पुलिस प्वाइंट जहां पर पुलिस की तैनाती नहीं है। संवाद