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Fatehabad News: दिव्यांगों पर भी नहीं पिघला लिपिकों का दिल, नहीं दिया पासवर्ड, मेडिकल से वंचित रहे
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दिव्यांग मेडिकल कैंप में खाली बैठे रजिस्ट्रेशन कर्मचारी
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में प्रमाण पत्र के लिए लगाए गए कैंप में एक बार फिर से दिव्यांगों को भटकना पड़ा। पोर्टल से आवेदन न निकल पाने के कारण दिव्यांगों के मेडिकल नहीं हो पाए। लिपिकों की हड़ताल के चलते दो सप्ताह से दिव्यांगों के मेडिकल नहीं हो पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल के काम के लिए स्कूल हेल्थ टीम की डयूटी लगाई थी। लेकिन बुधवार को लगे कैंप के दौरान लिपिकों ने अधिकारियों की बात भी नहीं मानी और पोर्टल के पासवर्ड नहीं बताए गए। इसके चलते पोर्टल से आवेदन नहीं निकले। बुधवार को लगने वाले कैंप में 100 से 150 दिव्यांगों का प्रमाण पत्र के लिए मेडिकल होता है। दिव्यांगों को मेडिकल करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ऑनलाइन आवेदन स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर जाते हैं और अधिकारियों द्वारा पोर्टल से आवेदन निकाल कर वेरिफाई किया जाता है। इसके बाद मेडिकल के लिए संबंधित डॉक्टर के पास भेजा जाता है। डॉक्टर संबंधित दिव्यांग की असेसमेंट करता है।
कोट
दिव्यांगों के मेडिकल को लेकर दूसरी ब्रांच के कर्मचारियों की डयूटी लगाई थी। लेकिन लिपिक पासवर्ड नहीं बता रहे हैं इसके चलते पोर्टल पर काम नहीं हो पाया। अब दिव्यांगों को मेडिकल के लिए अगले सप्ताह बुलाया गया है।
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-डॉ. संगीता अबरोल, उप सिविल सर्जन
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल के काम के लिए स्कूल हेल्थ टीम की डयूटी लगाई थी। लेकिन बुधवार को लगे कैंप के दौरान लिपिकों ने अधिकारियों की बात भी नहीं मानी और पोर्टल के पासवर्ड नहीं बताए गए। इसके चलते पोर्टल से आवेदन नहीं निकले। बुधवार को लगने वाले कैंप में 100 से 150 दिव्यांगों का प्रमाण पत्र के लिए मेडिकल होता है। दिव्यांगों को मेडिकल करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ऑनलाइन आवेदन स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर जाते हैं और अधिकारियों द्वारा पोर्टल से आवेदन निकाल कर वेरिफाई किया जाता है। इसके बाद मेडिकल के लिए संबंधित डॉक्टर के पास भेजा जाता है। डॉक्टर संबंधित दिव्यांग की असेसमेंट करता है।
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कोट
दिव्यांगों के मेडिकल को लेकर दूसरी ब्रांच के कर्मचारियों की डयूटी लगाई थी। लेकिन लिपिक पासवर्ड नहीं बता रहे हैं इसके चलते पोर्टल पर काम नहीं हो पाया। अब दिव्यांगों को मेडिकल के लिए अगले सप्ताह बुलाया गया है।
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-डॉ. संगीता अबरोल, उप सिविल सर्जन