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Fatehabad News: भुगतान पर अफसर न होने का बहाना फिर भी पार्क चहेतों को देने की तैयारी
Fri, 06 Feb 2026 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 06 Feb 2026 10:52 PM IST
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फतेहाबाद के मॉडल टाउन स्थित पार्क संवाद
फतेहाबाद। शहर के प्रमुख पार्कों और ग्रीन बेल्ट को नगर परिषद की ओर से संस्थाओं को गोद देने की योजना विवादित हो गई है। नगर परिषद ने बिना कोई सार्वजनिक नोटिस जारी किए संस्थाओं और आरडब्ल्यूए से आवेदन स्वीकार कर लिए, वहीं डीएमसी कार्यालय ने वर्क ऑर्डर की मंजूरी भी दे दी।
कार्यकारी अभियंता नरेंद्र पंवार ने बताया कि सोमवार को पार्कों को संस्थाओं को अलॉट कर दिया जाएगा और इसे लेकर प्रशासनिक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उपप्रधान सविता टुटेजा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्क गोद प्रक्रिया को उचित तरीके से लागू किया जाए।
हालांकि, शहर की कई संस्थाओं ने इस योजना पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि नगर परिषद प्रशासन चहेती संस्थाओं को बड़े पार्क और ग्रीन बेल्ट आवंटित करने के लिए आवेदन स्वीकार कर रहा है। साथ ही पहले काम कर चुकी संस्थाओं का भुगतान लंबित है और कार्यकारी अभियंता की अनुपस्थिति के कारण पार्कों को गोद देने की प्रक्रिया अनियमित बताई जा रही है।
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18 नवंबर को खत्म हुआ था ठेका
नगर परिषद ने वर्ष 2024 नवंबर माह में संस्थाओं को शहर के पार्क और ग्रीन बेल्ट गोद दी थी। पिछले साल 18 नवंबरकको ठेका खत्म हो गया था लेकिन इससे पहले प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया। करीब साढ़े तीन माह से साफ-सफाई पार्को की नहीं हो रही है। दूसरी तरफ नगर परिषद प्रशासन के पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही नियमित कर्मचारी। इससे वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं हो सकी।
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पार्कों का नहीं किया गया भुगतान
नगर परिषद ने जिन संस्थाओं को पार्को का ठेका दिया था, उनका भुगतान सितंबर माह से नहीं किया गया। यानि की साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। मॉडल टाउन के कई छोटे पार्को का ठेका इस माह खत्म हो जाएगा। भुगतान इनका भी नहीं हुआ है। नगर परिषद आमतौर पर पार्कों की देखरेख संस्थाओं को सौंपती है और इसके बदले 4 रुपये 40 पैसे प्रति वर्ग गज की दर से भुगतान किया जाता है।
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इन मुख्य पार्कों को इन संस्थाओं को दिया गया था गोद
पार्क संस्था
पपीहा पार्क - पवन शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट
रानी लक्ष्मी बाई पार्क - रानी लक्ष्मी बाई पार्क सोसायटी, फतेहाबाद
शिवपुरी पार्क - श्मशान भूमि सुधार सभा
पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क - दी प्रोग्रेसिव वेलफेयर सोसायटी, जगजीवनपुरा
पीएनबी ग्रोवर और अशोक पूनिया घर के पास - महर्षि वाल्मीकि आश्रम सेवा समिति
पार्क मोहन लाल जुनेजा के घर के पास - क्षत्रिय राजपूत महासभा
पूनम आंखों के अस्पताल के पास - क्षत्रिय राजपूत महासभा
संदूजा अस्पताल पार्क के पास - क्षत्रिय राजपूत महासभा
बस स्टैंड के पीछे पार्क - क्षत्रिय राजपूत महासभा
पार्क दिनेश गेरा घर के पास - श्रीसंत सज्जन चेरिटेबल ट्रस्ट
अरोड़ा भोजनालय के सामने पार्क - पवन शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट
डॉ. आंबेडकर पार्क - डॉ. भीमराव आंबेडकर सभा
टैक्सी स्टैंड पार्क - मां पाथरी सेवा ट्रस्ट
शहीद उद्यम सिंह पार्क - शहीद उद्यम सिंह कल्याण संस्था
कन्हैया पार्क लघु सचिवालय - जिंदगी संस्था
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कन्हैया पार्क की जिंदगी संस्था बदल चुकी है सूरत
लघु सचिवालय के द्वितीय खंड में बने कन्हैया पार्क के हालात को जिंदगी संस्था ने सुधारा है। पार्क की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। जिंदगी संस्था के सदस्यों ने यहां पर लगातार मेहनत करके यहां हरियाली ला दी, लेकिन अब ठेका खत्म हो गया है तो एक बार फिर से पार्क के हालात खराब हो सकते हैं।
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पार्काें का ठेका खत्म हो चुका है और उन्हें सूचना है कि चहेते लोगों को पार्क गोद देने की तैयारी है। सूची तैयार हो चुकी है। हालात ये है कि बिना नोटिस आवेदन लिए गए हैं। पार्क का ठेका 18 नवंबर को खत्म हो गया था। अगस्त माह तक भुगतान किया गया है और उसके बाद भुगतान भी नहीं हुआ है। जब भुगतान के लिए जाते है तो कहा जाता है कि अधिकारी नहीं है। ऐसे में फिर पार्क कैसे गोद दिए जा सकते हैं।
-हरदीप सिंह, अध्यक्ष, जिंदगी संस्था
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पार्क के लिए अगर कोई आवेदन करेगा तो उसे दे दिया जाएगा। भुगतान का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
-सुरेश चौहान, ईओ, नगर परिषद
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मामला संज्ञान में आया है कि पार्क गोद दिए जा रहे हैं। इस संबंध में अधिकारियों से बात हुई है। उन्हें कहा गया है कि निष्पक्ष रूप से नियम अनुसार ही पार्क गोद दिए जाएं।
-सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद
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कार्यकारी अभियंता नरेंद्र पंवार ने बताया कि सोमवार को पार्कों को संस्थाओं को अलॉट कर दिया जाएगा और इसे लेकर प्रशासनिक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उपप्रधान सविता टुटेजा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्क गोद प्रक्रिया को उचित तरीके से लागू किया जाए।
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हालांकि, शहर की कई संस्थाओं ने इस योजना पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि नगर परिषद प्रशासन चहेती संस्थाओं को बड़े पार्क और ग्रीन बेल्ट आवंटित करने के लिए आवेदन स्वीकार कर रहा है। साथ ही पहले काम कर चुकी संस्थाओं का भुगतान लंबित है और कार्यकारी अभियंता की अनुपस्थिति के कारण पार्कों को गोद देने की प्रक्रिया अनियमित बताई जा रही है।
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18 नवंबर को खत्म हुआ था ठेका
नगर परिषद ने वर्ष 2024 नवंबर माह में संस्थाओं को शहर के पार्क और ग्रीन बेल्ट गोद दी थी। पिछले साल 18 नवंबरकको ठेका खत्म हो गया था लेकिन इससे पहले प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया। करीब साढ़े तीन माह से साफ-सफाई पार्को की नहीं हो रही है। दूसरी तरफ नगर परिषद प्रशासन के पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही नियमित कर्मचारी। इससे वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं हो सकी।
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पार्कों का नहीं किया गया भुगतान
नगर परिषद ने जिन संस्थाओं को पार्को का ठेका दिया था, उनका भुगतान सितंबर माह से नहीं किया गया। यानि की साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। मॉडल टाउन के कई छोटे पार्को का ठेका इस माह खत्म हो जाएगा। भुगतान इनका भी नहीं हुआ है। नगर परिषद आमतौर पर पार्कों की देखरेख संस्थाओं को सौंपती है और इसके बदले 4 रुपये 40 पैसे प्रति वर्ग गज की दर से भुगतान किया जाता है।
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इन मुख्य पार्कों को इन संस्थाओं को दिया गया था गोद
पार्क संस्था
पपीहा पार्क - पवन शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट
रानी लक्ष्मी बाई पार्क - रानी लक्ष्मी बाई पार्क सोसायटी, फतेहाबाद
शिवपुरी पार्क - श्मशान भूमि सुधार सभा
पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क - दी प्रोग्रेसिव वेलफेयर सोसायटी, जगजीवनपुरा
पीएनबी ग्रोवर और अशोक पूनिया घर के पास - महर्षि वाल्मीकि आश्रम सेवा समिति
पार्क मोहन लाल जुनेजा के घर के पास - क्षत्रिय राजपूत महासभा
पूनम आंखों के अस्पताल के पास - क्षत्रिय राजपूत महासभा
संदूजा अस्पताल पार्क के पास - क्षत्रिय राजपूत महासभा
बस स्टैंड के पीछे पार्क - क्षत्रिय राजपूत महासभा
पार्क दिनेश गेरा घर के पास - श्रीसंत सज्जन चेरिटेबल ट्रस्ट
अरोड़ा भोजनालय के सामने पार्क - पवन शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट
डॉ. आंबेडकर पार्क - डॉ. भीमराव आंबेडकर सभा
टैक्सी स्टैंड पार्क - मां पाथरी सेवा ट्रस्ट
शहीद उद्यम सिंह पार्क - शहीद उद्यम सिंह कल्याण संस्था
कन्हैया पार्क लघु सचिवालय - जिंदगी संस्था
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कन्हैया पार्क की जिंदगी संस्था बदल चुकी है सूरत
लघु सचिवालय के द्वितीय खंड में बने कन्हैया पार्क के हालात को जिंदगी संस्था ने सुधारा है। पार्क की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। जिंदगी संस्था के सदस्यों ने यहां पर लगातार मेहनत करके यहां हरियाली ला दी, लेकिन अब ठेका खत्म हो गया है तो एक बार फिर से पार्क के हालात खराब हो सकते हैं।
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पार्काें का ठेका खत्म हो चुका है और उन्हें सूचना है कि चहेते लोगों को पार्क गोद देने की तैयारी है। सूची तैयार हो चुकी है। हालात ये है कि बिना नोटिस आवेदन लिए गए हैं। पार्क का ठेका 18 नवंबर को खत्म हो गया था। अगस्त माह तक भुगतान किया गया है और उसके बाद भुगतान भी नहीं हुआ है। जब भुगतान के लिए जाते है तो कहा जाता है कि अधिकारी नहीं है। ऐसे में फिर पार्क कैसे गोद दिए जा सकते हैं।
-हरदीप सिंह, अध्यक्ष, जिंदगी संस्था
पार्क के लिए अगर कोई आवेदन करेगा तो उसे दे दिया जाएगा। भुगतान का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
-सुरेश चौहान, ईओ, नगर परिषद
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मामला संज्ञान में आया है कि पार्क गोद दिए जा रहे हैं। इस संबंध में अधिकारियों से बात हुई है। उन्हें कहा गया है कि निष्पक्ष रूप से नियम अनुसार ही पार्क गोद दिए जाएं।
-सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद