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कोरोना के डर से बुजुर्गों को नहीं आ रही नींद, युवाओं में दोबारा संक्रमित होने का भय

Wed, 12 May 2021 11:22 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 12 May 2021 11:22 PM IST
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The elderly are not able to sleep due to fear of corona, fear of getting infected again in the youth
कोरोना महामारी की चपेट में आए युवा से लेकर बुजुर्ग तक घबराएं हुए हैं। किसी को कोरोना संक्रमित होने के बाद नींद नहीं आ रही है तो कोई घबरा रहा है कि वह अब कहीं दोबारा संक्रमित तो नहीं हो जाए। किसी को वहम हो रहा है कि उसका आइसोलेशन समय तो पूरा हो चुका है लेकिन पता नहीं कि वह स्वस्थ हुआ है या नहीं। नागरिक अस्पताल की मनोरोग टीम द्वारा होम आइसोलेट संक्रमितों की कि जा रही काउंसलिंग में ये सामने आ रहा है।
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कोरोना संक्रमित मिलने वाले मरीज के साथ मनोरोग विभाग की जिला मेंटल हेल्थ कार्यक्रम की टीम परिवार और पड़ोसियों का डाटा जुटाकर काउंसलिंग कर रहा है। संक्रमितों की काउंसलिंग कर रही मनोरोग विभाग की क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक गविंद्र कौर का कहना है कि संक्रमित बुजुर्ग नींद न आने की शिकायत कर रहे हैं। संक्रमित होने का पता चलने के बाद घबराकर उन्हें नींद नहीं आ रही है। इसके अलावा युवा बार-बार ये ही सवाल कर रहे हैं कि वह अब कहीं दोबारा संक्रमित तो नहीं हो जाएंगे, इसके अलावा मन में वहम है कि उनका आइसोलेशन समय पूरा हो चुका है इसलिए क्या वह अब स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें दोबारा टेस्ट करवाने की जरूरत है। ऐसे में उन्हें समझाया जा रहा है कि वह व्यायाम करें और पैनिक होने की जरूरत नहीं है। मोबाइल का कम प्रयोग करें और निगेटिव बातें न सुनें और न ही पढ़े। आइसोलेशन का जो समय है उसे पॉजिटिव होकर निकालें। संवाद
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जिले में जानिए क्या है कोरोना मरीजों की स्थिति
अब तक मिले संक्रमित : 13202
ठीक हुए : 9783
सक्रिय : 3104
होम आइसोलेट : 3022
अस्पताल में दाखिल : 82
पड़ोसी पूछ रहे कहीं हमें तो नहीं हो जाएगा कोरोना
मनोरोग विभाग की टीम परिवार के लोगों के साथ पड़ोसियों की भी काउंसलिंग कर रही है। पड़ोसी कांउसलिंग के दौरान ये पूछ रहे हैं कि कहीं उन्हें भी कोरोना तो नहीं हो जाएगा। ऐसे में समझाया जा रहा है कि वह घबराएं नहीं और पड़ोसी के प्रति भी निगेटिव न सोचें। जंाच करवाएं और अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो सावधानी बरतें।
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काउंसलिंग में ये सावधानियां भी बता रहे
होम आइसोलेशन के दौरान खुद को अलग रखें, कमरा, बाथरूम और बर्तनों का अलग प्रयोग करें।
बच्चों और बुजुर्गों को खुद से खास तौर पर दूर रखें।
गले में दिक्कत है तो गर्म पानी के गरारे करें
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा का प्रयोग करें।
कोट
कोरोना संक्रमित मरीजों की फोन पर काउंसलिंग कर रहे है ताकि वह इसको लेकर न घबराएं। जब रिपोर्ट का पता चलता है तो मरीज घबरा जाता है जबकि ऐसे समय में खुद को संभालने की जरूरत होती है। समय पर दवाई और पॉजिटिव विचार से कोरोना महामारी से जंग जीती जा सकती है।
- गविंद्र कौर, क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक, जिला मेंटल हेल्थ कार्यक्रम।
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