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Fatehabad News: निदेशक के निरीक्षण में दिखीं नागरिक अस्पताल में अव्यवस्थाओं की दरारें
Mon, 01 Jun 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:02 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मरीजों की लगी लाइन और जमीन पर बैठी
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में सोमवार सुबह ओपीडी खुलने से करीब 15 मिनट पहले स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. सुशील माही पहुंच गए और सुबह 8 बजे ओपीडी शुरू होने के साथ ही निदेशक ने डॉक्टर व स्टाफ के हाजिरी रजिस्टर की जांच की। इसके बाद ओपीडी ब्लॉक में निरीक्षण किया।
माही ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉक्टरों और कर्मचारियों की खाली कुर्सी की फोटो खींच ली और हाजिरी रजिस्टर लेकर लेट आने वाले स्टाफ को हाजिरी नहीं लगाने दी। सफाई व्यवस्था को लेकर निदेशक ने निर्देश दिए कि ओपीडी खुलने से पहले सफाई होनी चाहिए न कि मौके पर करवाई जाए। वहीं निदेशक की कार्रवाई से अस्पताल स्टाफ में खलबली मच गई।
निदेशक ने अस्पताल में महिला वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, डिस्पेंसरी और एक्सरे कक्ष का निरीक्षण किया। महिला ओपीडी वार्ड में चिकित्सक समय पर नहीं मिले। लेबर कक्ष में निदेशक को कई अनियमितताएं मिलीं। यहां पर इमरजेंसी ट्रे लॉकर में मिली। डायरेक्टर ने जब डिस्पेंसरी में निरीक्षण किया तो व्यवस्था देखकर हैरान रह गए।
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तीमारदार बोला- गर्भवती पत्नी के लिए इंजेक्शन बाहर से लिए, यहां सिर्फ सस्ती दवा मिल रही
निदेशक टीम के साथ डिस्पेंसरी में पहुंचे तो गेट बंद कर दिया। डिस्पेंसरी से मरीजों की खुद पर्ची लेकर जांच की तो उसमें डॉक्टर ने बाहर की दवाई लिखी हुई थी जो कि अंदर नहीं थी। रतिया चुंगी निवासी एक व्यक्ति ने कहा कि पत्नी गर्भवती है और उसे खून बढ़ाने के इंजेक्शन लगने थे जो कि यहां पर नहीं मिले तो बाहर से लेकर आया हूं। यहां सिर्फ सस्ती दवा मिलती है, महंगी दवाई बाहर से लेनी पड़ती है।
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डायरेक्टर ने जांचा दवा का रिकॉर्ड
निदेशक ने अस्पताल के डायलिसिस सेंटर और ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। इससे पहले सिविल सर्जन डॉ. बुधराम, डॉ. गुंजन बंसल, डॉ. भरत सहारण, डॉ. विष्णु मित्तल के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में करीब दो घंटे तक बैठक की। इस दौरान डायरेक्टर ने अस्पताल में दवाइयों के स्टॉक का रिकॉर्ड जांचा। अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट ली कि उनके पास कितनी दवाइयां हैं, कितने की डिमांड की है और कितनी स्टॉक में है। निदेशक ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मेन पॉवर की डिमांड भेजी जाए। अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड और जीडीए कम हैं।
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निदेशक का निरीक्षण, फिर भी गर्मी में डेढ़ घंटा लाइन में मरीज
नागरिक अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे तक लंबी लाइन लगी रही। हालात ये रहे कि परेशान महिलाएं जमीन पर बैठ गई। निदेशक के निरीक्षण के बावजूद अव्यवस्था रही। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सिर्फ दो कर्मचारियों की ही ड्यूटी थी जबकि ओपीडी डेढ़ हजार तक रही।
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माही ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉक्टरों और कर्मचारियों की खाली कुर्सी की फोटो खींच ली और हाजिरी रजिस्टर लेकर लेट आने वाले स्टाफ को हाजिरी नहीं लगाने दी। सफाई व्यवस्था को लेकर निदेशक ने निर्देश दिए कि ओपीडी खुलने से पहले सफाई होनी चाहिए न कि मौके पर करवाई जाए। वहीं निदेशक की कार्रवाई से अस्पताल स्टाफ में खलबली मच गई।
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निदेशक ने अस्पताल में महिला वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, डिस्पेंसरी और एक्सरे कक्ष का निरीक्षण किया। महिला ओपीडी वार्ड में चिकित्सक समय पर नहीं मिले। लेबर कक्ष में निदेशक को कई अनियमितताएं मिलीं। यहां पर इमरजेंसी ट्रे लॉकर में मिली। डायरेक्टर ने जब डिस्पेंसरी में निरीक्षण किया तो व्यवस्था देखकर हैरान रह गए।
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तीमारदार बोला- गर्भवती पत्नी के लिए इंजेक्शन बाहर से लिए, यहां सिर्फ सस्ती दवा मिल रही
निदेशक टीम के साथ डिस्पेंसरी में पहुंचे तो गेट बंद कर दिया। डिस्पेंसरी से मरीजों की खुद पर्ची लेकर जांच की तो उसमें डॉक्टर ने बाहर की दवाई लिखी हुई थी जो कि अंदर नहीं थी। रतिया चुंगी निवासी एक व्यक्ति ने कहा कि पत्नी गर्भवती है और उसे खून बढ़ाने के इंजेक्शन लगने थे जो कि यहां पर नहीं मिले तो बाहर से लेकर आया हूं। यहां सिर्फ सस्ती दवा मिलती है, महंगी दवाई बाहर से लेनी पड़ती है।
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डायरेक्टर ने जांचा दवा का रिकॉर्ड
निदेशक ने अस्पताल के डायलिसिस सेंटर और ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। इससे पहले सिविल सर्जन डॉ. बुधराम, डॉ. गुंजन बंसल, डॉ. भरत सहारण, डॉ. विष्णु मित्तल के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में करीब दो घंटे तक बैठक की। इस दौरान डायरेक्टर ने अस्पताल में दवाइयों के स्टॉक का रिकॉर्ड जांचा। अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट ली कि उनके पास कितनी दवाइयां हैं, कितने की डिमांड की है और कितनी स्टॉक में है। निदेशक ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मेन पॉवर की डिमांड भेजी जाए। अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड और जीडीए कम हैं।
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निदेशक का निरीक्षण, फिर भी गर्मी में डेढ़ घंटा लाइन में मरीज
नागरिक अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे तक लंबी लाइन लगी रही। हालात ये रहे कि परेशान महिलाएं जमीन पर बैठ गई। निदेशक के निरीक्षण के बावजूद अव्यवस्था रही। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सिर्फ दो कर्मचारियों की ही ड्यूटी थी जबकि ओपीडी डेढ़ हजार तक रही।

फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मरीजों की लगी लाइन और जमीन पर बैठी