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पूर्व मंत्री के प्रयास से भी नहीं निपटा अनाज मंडी में महिलाओं पर पाबंदी का विवाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 10:42 PM IST
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The controversy of ban on women in the grain market was not settled even with the efforts of the former minister
रतिया। अनाज मंडी में मजदूर यूनियन के सदस्यों व धान खरीद करने वाली महिलाओं के बीच मारपीट के बाद उपजा विवाद शांत नहीं हुआ है। वीरवार को पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता व व्यापार मंडल अध्यक्ष अमन जैन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं को मंडी में दिन के समय काम करने की अनुमति देने की मांग रखी। इसके बाद व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों से बातचीत की, मगर मजदूर यूनियन के सदस्य महिलाओं को मंडी में नहीं आने देने की बात पर अड़े रहे। अब पूर्व मंत्री रामस्वरुप रामा के नेतृत्व में उपायुक्त प्रदीप कुमार से मिलने का निर्णय लिया गया है।
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दरअसल, कुछ दिन पूर्व रतिया अनाज मंडी के मजदूरों ने मंडी में धान खरीद करने वाली कुछ महिलाओं पर मजदूर से मारपीट करने का आरोप लगाकर मंडी में हड़ताल कर दी थी। इसके बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों व मजदूर यूनियन के सदस्यों ने रतिया मंडी में धान खरीद करने आने वाली महिलाओं पर पाबंदी लगा दी थी। मजदूरों का आरोप था कि महिलाएं धान खरीद की आड़ में किसानों के धान की चोरी करती हैं। इसके बाद पिछले कुछ दिनों से महिलाएं मंडी में काम करने के लिए पुलिस अधिकारियों, मार्केट कमेटी अधिकारियों के साथ-साथ व्यापार मंडल के सदस्यों से भी मुलाकात कर रही हैं, लेकिन तीन दिनों से जारी बैठकों के बाद भी मसले का हल नहीं हो सका है।
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पूर्व मंत्री का सुझाव : सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मिले प्रवेश
पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा व पूर्व पार्षद सुरेंद्र बाजीगर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता व व्यापार मंडल प्रधान अमन जैन को सुझाव दिया कि मंडी में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक महिलाओं को प्रवेश दिया जाए। उनके बकायदा पहचान-पत्र बना दिए जाएं ताकि कोई चोरी का खतरा न हो। इसके बाद मजदूर यूनियन के सदस्यों को बुलाया तो यूनियन सदस्य पुरुषों को तो मंडी में आने देने की बात पर सहमत हो गए, लेकिन महिलाओं को किसी भी कीमत पर मंडी में न आने देने की बात कही।
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सचिव व व्यापार मंडल पदाधिकारियों से मिलकर मंडी में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक महिलाओं को आने देने के लिए कहा था। मगर बात नहीं बनी। अब डीसी प्रदीप कुमार से मिलेंगे।

- रामस्वरूप रामा, पूर्व मंत्री
हमने इस मसले के हल के लिए मजदूर यूनियन के सदस्यों से बात की थी, मगर मजदूर यूनियन के सदस्य चोरी होने के डर से महिलाओं को मंडी में काम नहीं करने देने की बात कह रहे हैं। - अमन जैन, प्रधान, व्यापार मंडल रतिया
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