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पराली की गांठें बेचने वाले ठेकेदारों को कंपनी ने दस महीने से नहीं किया भुगतान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 11:50 PM IST
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The company has not paid for ten months to the contractors selling bales of stubble
बायो एनर्जी प्लांट डूल्ट निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले ही विवादों में चल रहा है। पिछले महीने जहां कारीगरों व मजदूरों ने हड़ताल कर दी थी। वहीं, अब पराली की गांठें बेचने वाले ठेकेदारों को भुगतान न करने के कारण उन्होंने मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि बायो एनर्जी प्लांट में उन्हें 24 घंटों में भुगतान करने का वादा किया गया था। मगर एक साल बीतने के बावजूद मेहनताना नहीं मिला। ठेकेदार सतपाल सिंह धारनिया, मोहन सिंह, जसवंत सिंह, शीशपाल, राजेंद्र सिंह, जयबीर सिंह, सतबीर सिंह, राजू धौलू, कुलदीप सिंह आदि ने आरोप लगाया कि प्लांट के अधिकारियों ने पराली की गांठें खरीद मामले में ठेकेदारों के साथ 135 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से समझौता किया था और 24 घंटों में ही भुगतान करने के लिए सहमति बनी थी। मगर प्लांट के अधिकारियों ने गत वर्ष 55 ठेकेदारों से 3 लाख 80 हजार क्विंटल पराली की गांठें खरीद करके शुगर मिल के पास खाली जगह में बफर स्टॉक किया था। मगर दस महीने बीत चुके हैं, ठेकेदारों को भुगतान नहीं किया गया। पिछले कई महीनों से कंपनी अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मगर झूठे आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला। ठेकेदारों ने डीसी व कृषि विभाग के उपनिदेशक को भी लिखित में शिकायत दी है।
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करीब 70 लाख रुपये हैं बकाया
नाढोड़ी के सतपाल धारनिया ने बताया कि एनर्जी प्लांट डूल्ट की तरफ ठेकेदारों का करीब 70 लाख रुपये बकाया है। अधिकारियों ने ठेकेदारों के फोन उठाने भी बंद कर दिए हैं। इससे दुखी होकर ठेकेदारों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। पराली की गांठों को तैयार करने वाले ठेकेदारों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। इस संबंध में प्लांट के इंचार्ज आशीष बिश्नोई ने ठेकेदारों को भुगतान न करने के सवाल पर बताया कि वह मीडिया में जवाब देने के लिए उत्तरदायी नहीं है। इसलिए कंपनी के जीएम से बात करें।
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ठेकेदारों को अधिक मात्रा में पराली की गांठों का भुगतान कर चुके : जीएम
220 करोड़ रुपये की लागत से बायो एनर्जी प्लांट लगाया जा रहा है। अगर शुरुआती दौर में ही ठेकेदार धरना प्रदर्शन व विरोध करेंगे तो कैसे काम चलेगा। हमने अधिकतर ठेकेदारों का भुगतान निर्धारित मूल्य के हिसाब से कर दिया है। ठेकेदारों के एक-एक रुपये का भुगतान होगा। फरवरी तक प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिसके बाद पराली की गांठें उपयोग में लाई जाएंगी।
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योगेश शर्मा, जीएम, डूल्ट प्लांट
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