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Fatehabad News: भैंस का कटड़ा निकालने के लिए जोहड़ में गए दो बहनों के भाई की डूबने से मौत

Sat, 09 Aug 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 09 Aug 2025 11:24 PM IST
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The brother of two sisters who went to the pond to take out the buffalo calf died by drowning
फतेहाबाद के गांव भूथनकलां में हादसे के दौरान इट@ठे हुए ग्रामीणस्त्रोत जागरूक पाठक
फतेहाबाद। गांव भूथनकलां में शनिवार सुबह गांव के जोहड़ में डूबने से शख्स की मौत हो गई। मृतक दो बहनों का इकलौता भाई था। मृतक भैंस के कटड़े को निकालने के लिए जोहड़ के अंदर गया था और डूब गया।
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वहीं जब इस बारे में ग्रामीणों को जानकारी लगी तो वे जोहड़ पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद युवाओं ने शव जोहड़ से बाहर निकाला। जोहड़ मृतक के घर के सामने ही बना हुआ है। दूसरी तरफ सूचना पाकर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की गाड़ी लेकर भी कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
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पुलिस के अनुसार गांव भूथनकलां निवासी सुरेंद्र कुमार (42) का हसंगा रोड पर घर है। घर के सामने ही जोहड़ बना हुआ है। वह सुबह भैंसों को तालाब में नहलाने के लिए लेकर गया था। सुबह करीब 10 बजकर 40 मिनट पर भैंस के कटड़े को निकालने के लिए वह जोहड़ में उतर गया।
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लोगों ने रोका, लेकिन भैंस के बार-बार आवाज देने पर जोहड़ में उतर गया
जोहड़ में कटड़े के चले जाने के बाद भैंस आवाज देने लगी। ये देखकर सुरेंद्र से रहा नहीं किया गया और कटड़े को निकालने के लिए जोहड़ के बीच में चला गया। किनारे के पास ही बैठे दो लोगों ने उसे ज्यादा अंदर जाने से मना भी किया, मगर वह नहीं माना। बताया जा रहा है कि कुछ देर तक उसका हाथ ऊपर दिखा लेकिन बाद में दिखना बंद हो गया। ये देखकर तालाब किनारे बैठे दोनों ने शोर मचाया। इस पर आसपास से और ग्रामीण पहुंचे। करीब 15-20 ग्रामीणों ने जोहड़ में उतरकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया। सुरेंद्र को तलाशने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। जब तक वह मिलता तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

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दो बहनें हैं, रक्षाबंधन पर बुआ आई हुई थी
सरपंच राजकुमार ने बताया कि सुरेंद्र कुमार की दो बहनें भी हैं। मगर वह पहले आकर चली गई थी। अब रक्षाबंधन के दिन ही घर पर गांव चौबारा से उसकी बुआ रामप्यारी आई हुई थी। सुरेंद्र पर ही पूरे घर की जिम्मेदारी थी। भाइयों की पहले मौत हो चुकी है। सुरेंद्र विवाहित लेकिन बच्चे नहीं थे।
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