{"_id":"619bd894f6c1ba43c66f8ccf","slug":"the-air-of-the-district-is-still-not-in-a-better-condition-fatehabad-news-hsr6175385198","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी भी बेहतर स्थिति में नहीं है जिले की हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी भी बेहतर स्थिति में नहीं है जिले की हवा
विज्ञापन
सुबह-सुबह बाजार में छाया धुआं।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिले की हवा अभी भी बेहतर स्थिति में नहीं है। सोमवार को भी एक्यूआई 230 से 260 के बीच रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार एक्यूआई 100 से कम होने पर ही पूरी तरह राहत मिलेगी। अब ठंड बढ़ने के साथ ही पराली की आग से निकलने वाला धुआं स्मॉग बना रहा है। इससे परेशानी अधिक बढ़ रही है। सुबह के समय खेतों में चारों तरफ धुएं की ही चादर सी बिछी नजर आती है। धुएं के कारण अभी भी आंखों की जलन से जूझना पड़ रहा है। खासकर, दुपहिया वाहनों पर चलने वालों को ज्यादा समस्या हो रही है।
सोमवार को देर शाम तक हरसैक से नहीं पहुंचे आंकड़े
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार हरसैक की तरफ से रविवार रात को पराली जलाने वाली की लोकेशन सोमवार देर शाम तक नहीं भेजी गई। मीडिया के समक्ष आंकड़े जारी नहीं हो सके। गौरतलब है कि हर रोज हरसैक द्वारा सैटेलाइट से फायर लोकेशन लेने के बाद कृषि विभाग व जिला प्रशासन को भेजी जाती है। इसके बाद कृषि विभाग व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करके रिपोर्ट भेजती है और किसान पर जुर्माना लगाती हैं। सोमवार को ऐसा कोई आंकड़ा देर शाम तक जारी नहीं हुआ।
सोमवार को यह रहा एक्यूआई का स्तर
सुबह 10 बजे : 258
सुबह 11 बजे : 257
दोपहर 12 बजे : 256
दोपहर 1 बजे : 253
दोपहर 2 बजे : 249
दोपहर 3 बजे : 245
शाम 4 बजे : 240
शाम 5 बजे : 237
शाम 6 बजे : 234
शाम 7 बजे : 233
कोट
खेतों में पराली जलाने के कारण प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए किसानों से आग्रह किया जाता है कि पराली को आग न लगाएं बल्कि अन्य विकल्पों को अपनाएं।
सुनील श्योराण, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
कोट
सोमवार देर शाम तक हरसैक की ओर से फायर लोकेशन नहीं भेजी गई। हरसैक से मिली लोकेशन को हमारी टीमें ट्रेस करती हैं।
राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग
विज्ञापन
सोमवार को देर शाम तक हरसैक से नहीं पहुंचे आंकड़े
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार हरसैक की तरफ से रविवार रात को पराली जलाने वाली की लोकेशन सोमवार देर शाम तक नहीं भेजी गई। मीडिया के समक्ष आंकड़े जारी नहीं हो सके। गौरतलब है कि हर रोज हरसैक द्वारा सैटेलाइट से फायर लोकेशन लेने के बाद कृषि विभाग व जिला प्रशासन को भेजी जाती है। इसके बाद कृषि विभाग व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करके रिपोर्ट भेजती है और किसान पर जुर्माना लगाती हैं। सोमवार को ऐसा कोई आंकड़ा देर शाम तक जारी नहीं हुआ।
विज्ञापन
सोमवार को यह रहा एक्यूआई का स्तर
सुबह 10 बजे : 258
सुबह 11 बजे : 257
दोपहर 12 बजे : 256
दोपहर 1 बजे : 253
दोपहर 2 बजे : 249
दोपहर 3 बजे : 245
शाम 4 बजे : 240
शाम 5 बजे : 237
शाम 6 बजे : 234
शाम 7 बजे : 233
कोट
खेतों में पराली जलाने के कारण प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए किसानों से आग्रह किया जाता है कि पराली को आग न लगाएं बल्कि अन्य विकल्पों को अपनाएं।
सुनील श्योराण, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
कोट
सोमवार देर शाम तक हरसैक की ओर से फायर लोकेशन नहीं भेजी गई। हरसैक से मिली लोकेशन को हमारी टीमें ट्रेस करती हैं।
राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग