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Fatehabad News: तबादला नीति के विरोध में सात सितंबर को शिक्षामंत्री आवास पर प्रदर्शन करेंगे शिक्षक

Sun, 31 Aug 2025 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 31 Aug 2025 11:15 PM IST
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Teachers will protest at the Education Minister's residence on the 7th against the transfer policy
फतेहाबाद। शिक्षक तबादला नीति पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने कड़ा विरोध जताया है। प्रदेशभर के शिक्षकों की ओर से इस नीति के विरोध में और अन्य मांगों को लेकर 7 सितंबर को पानीपत में शिक्षा मंत्री आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में फतेहाबाद जिले से भी सैकड़ों अध्यापक भाग लेंगे। सरकार अध्यापकों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
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यह बात हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान राजपाल मिताथल, जिला सचिव देसराज माचरा, जिला वरिष्ठ उप प्रधान डॉ नीतू डुडेजा व राज्य ऑडिटर सुरजीत दुसाद ने कही।
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अध्यापक नेताओं ने कहा कि हाल ही में शिक्षक ट्रांसफर नीति के बारे में मिली खबरों अनुसार इसमें पति-पत्नी अंक कटौती का प्रावधान, शिक्षक समुदाय में गहन विवाद और मनोवैज्ञानिक तनाव का कारण बना हुआ है।
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यह नीति न केवल शिक्षकों के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि यह संवैधानिक मूल्यों, मानवीय मूल्यों, और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी विपरीत है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत प्रभाव से अध्यापकों का तबादला करे और नियम 2012 निरस्त कर सभी अध्यापकों की एसीपी लगाई जाए। शिक्षा विभाग तालमेल कमेटी पूर्व में निदेशक द्वारा मानी गई मांगों का शीघ्र निपटान करते हुए पत्र जारी करे। अटकी हुई सभी पदोन्नति यो की सूची जारी हो।
जानबूझकर दंड देने की प्रक्रिया बना दी तबादला नीति : अध्यापक नेताओं ने कहा कि शिक्षक समुदाय को आपस में लड़ाकर, सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और नीतिगत कमियों पर पर्दा डाल रही है। भर्ती ना करके पद को जायज ठहरा रही हैं। मानव संसाधन की बचत की आड़ में स्कूल बंद करने व शिक्षकों को सजा देकर वीआरएस के लिए मजबूर करना चाहती हैं।

उन्होंने कहा कि तबादला नीति जानबूझकर दंड देने की प्रक्रिया बना दी गई है। उसमें तबादले के हर नियम को कच्चे बनाम पक्के, नए बनाम पुराने, स्थानीय बनाम बाहरी, एकल नौकरी बनाम कपल केस बनाकर पेश किया जा रहा हैं ताकि शिक्षक आपस में लड़ते रहे। बच्चों-शिक्षकों की वरिष्ठता और आवश्यकता के आधार पर तबादले ना करके सरकार उन्हें सजा देती जा रही है।
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