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अधिकारियों से बोले परिजन, हम खुद करा लेंगे इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला रतिया (फतेहाबाद)
Updated Sun, 07 Feb 2016 12:20 AM IST
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गांव महमड़ा में स्वाइन फ्लू पीड़ित महिला राजेंद्र कौर की मौत होने और परिजनों द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए जाने के बाद विभाग हरकत में आया।
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शनिवार को विभाग की टीम मृतका के आवास पर पहुंची। टीम ने परिवार के सदस्यों से स्वाइन फ्लू के टेस्ट करवाने और सभी सदस्यों को टैमीफ्लू टेबलेट लेने का आग्रह किया। लेकिन परिवार के सदस्यों ने अपने स्तर पर ही इलाज करवाने और टेस्ट करवाने की बात कह विभाग के आग्रह को ठुकरा दिया। इस पर विभाग की टीम वहां से बैरंग लौट आई। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने पुन: टीम को भेजा और पूरे गांव में घर-घर जाकर सर्वे शुरू करवा दिया।
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बता दें कि महमड़ा की महिला राजेंद्र कौर की हिसार के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। उस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने उपरोक्त महिला की मौत के कारणों की पुष्टि अत्यधिक ब्लड शूगर होने के अलावा गुर्दे प्रभावित होना बताया था। लेकिन एक लैब द्वारा लिए गए सैंपलों में उपरोक्त महिला की मौत का कारण स्वाइन फ्लू बताया गया।
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बाद में सामान्य अस्पताल के मुख्य चिकित्सक विजय जैन ने इस बात की पुष्टि करते हुए मृतका के पति रेशम सिंह को अस्पताल में बुलाकर उसे स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में रेफर किया था। शुक्रवार को पूरा दिन बीत जाने के बावजूद फतेहाबाद के चिकित्सकों ने पीड़ित रेशम सिंह के स्वास्थ्य की तरफ ध्यान नहीं दिया और बिना टेस्ट किए उसे खांसी-जुकाम आदि की दवाई देकर वापस भेज दिया।
टेस्ट नहीं किए जाने पर परिवार के अलावा गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत करने की चेतावनी दी। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बाद में मुख्य चिकित्सक ने महिला चिकित्सक डॉ. डोली व फार्मासिस्ट जनक राज के नेतृत्व में एक टीम को गांव महमड़ा में भेजा। टीम जब मृतका के आवास पर पहुंची तो परिवार के सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति जमकर भड़ास निकाली और दो-टूक कहा कि वह सरकारी स्तर पर किसी भी परिवार के सदस्य का टेस्ट नहीं करवाएंगे और न ही कोई सरकारी दवाई लेंगे। वे अपने स्तर पर ही उपचार करवाएंगे।
क्या कहते हैं मुख्य चिकित्सक
मृतका राजेंद्र कौर के आवास पर चिकित्सकों की टीम गई थी। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने स्वाइन फ्लू के सैंपल देने व टैमीफ्लू की टैबलेट लेने से मना कर दिया था। शनिवार सुबह दोबारा डॉ. रविश गोदारा के नेतृत्व में गांव महमड़ा में टीमें भेजी गई हैं, जो घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं।
डॉ. विजय जैन, मुख्य चिकित्सक, रतिया