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स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई : हरनाम सिंह

Fri, 17 Jan 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 17 Jan 2025 11:14 PM IST
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Swami Vivekananda gave global recognition to Indian culture and spirituality: Harnam Singh
फतेहाबाद के एमएम कॉलेज में आयोजित सेमिनार में अतिथियों को सम्मानित करते प्राचार्यस्त्रोत कॉले
फतेहाबाद। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर एमएम कॉलेज में इतिहास विभाग की तरफ से एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में समर्पित था और इसका उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों, और उनके प्रेरणादायक योगदान को जन-जन तक पहुंचाना था।
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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर अधिवक्ता हरनाम सिंह ने भाग लिया वहीं विशेष तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह रविंद्र आहुजा, नगर प्रचारक भानीराम, सह नगर कार्यवाह सक्षम भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुरचरण दास ने की। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र पाल सिद्धू ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को युवाओं के जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ममता स्वामी ने किया।
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मुख्य वक्ता एडवोकेट हरनाम सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी विचारधारा हमें न केवल अपने देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठ बनाती है, बल्कि समाज के उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने और जीवन में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
आरएसएस के नगर कार्यवाह रविन्द्र आहूजा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनका संदेश आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और परिश्रम पर आधारित है। उनके उपदेश आज के युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाने का माध्यम हैं।
इस दौरान स्वामी विवेकानंद के भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रचार-प्रसार में योगदान पर चर्चा की गई वहीं शिक्षाविदों ने स्वामी विवेकानंद की शिक्षा पद्धति और वर्तमान शिक्षा प्रणाली के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर जोर दिया।
सेमिनार में काफी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाटक, कविता पाठ और भजन प्रस्तुत किए गए। अंत में डॉ. कांता ने आए अतिथियों का धन्यवाद किया।

प्राचार्य डॉ. गुरचरण दास ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. मीनाक्षी कोहली, एसएस मल्होत्रा, डॉ. विजय गोयल, डॉ. नीरज, सरोज कुमारी, मुकेश कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
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