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Fatehabad News: फर्जी बस पास मामले में रिश्वत के आरोपी एसआई को जेल भेजा
Tue, 23 Jun 2026 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 23 Jun 2026 10:46 PM IST
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टोहाना। फर्जी रोडवेज पास मामले में 35 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए सदर थाना में नियुक्त एसआई महेंद्र सिंह को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई एसीबी जींद की टीम ने इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में की थी। टीम ने सोमवार को एसआई को रिश्वत लेते मौके पर ही दबोच लिया था।
एसआई महेंद्र सिंह पर आरोप है कि उसने टोहाना के गांव नांगला निवासी राकेश से फर्जी रोडवेज पास प्रकरण को निपटाने के बदले 72 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एसआई ने उसके घर पहुंचकर कार्रवाई की धमकी दी और पैसे देने का दबाव बनाया। बाद में मामला 35 हजार रुपये में तय हुआ।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना तैयार की। ट्रैप के दौरान बिजली निगम के एसडीओ आनंद कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। सोमवार सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम तक चली। दोपहर के समय शिकायतकर्ता राकेश और उसके परिजन राहुल एसआई के बुलावे पर सदर थाना पहुंचे जहां तय राशि का लेनदेन हुआ। जैसे ही आरोपी को 35 हजार रुपये दिए गए एसीबी टीम ने दबिश देकर एसआई को पकड़ लिया।
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यह था मामला
शिकायतकर्ता को फर्जी बस पास मामले में पकड़ा गया था। इसमें किसी अन्य व्यक्ति के पास पर उसकी फोटो लगाकर यात्रा की जा रही थी। इस मामले की जांच रोडवेज फ्लाइंग इंचार्ज रमेश मजोका की शिकायत के बाद एसआई महेंद्र सिंह को सौंपी गई थी। इसी मामले को निपटाने के लिए रिश्वत के रूप में 35 हजार रुपये मांगे गए थे।
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एसआई महेंद्र सिंह पर आरोप है कि उसने टोहाना के गांव नांगला निवासी राकेश से फर्जी रोडवेज पास प्रकरण को निपटाने के बदले 72 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एसआई ने उसके घर पहुंचकर कार्रवाई की धमकी दी और पैसे देने का दबाव बनाया। बाद में मामला 35 हजार रुपये में तय हुआ।
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शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना तैयार की। ट्रैप के दौरान बिजली निगम के एसडीओ आनंद कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। सोमवार सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम तक चली। दोपहर के समय शिकायतकर्ता राकेश और उसके परिजन राहुल एसआई के बुलावे पर सदर थाना पहुंचे जहां तय राशि का लेनदेन हुआ। जैसे ही आरोपी को 35 हजार रुपये दिए गए एसीबी टीम ने दबिश देकर एसआई को पकड़ लिया।
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यह था मामला
शिकायतकर्ता को फर्जी बस पास मामले में पकड़ा गया था। इसमें किसी अन्य व्यक्ति के पास पर उसकी फोटो लगाकर यात्रा की जा रही थी। इस मामले की जांच रोडवेज फ्लाइंग इंचार्ज रमेश मजोका की शिकायत के बाद एसआई महेंद्र सिंह को सौंपी गई थी। इसी मामले को निपटाने के लिए रिश्वत के रूप में 35 हजार रुपये मांगे गए थे।