{"_id":"69ee503941a147fe1f0e3607","slug":"students-and-parents-who-want-to-go-abroad-are-becoming-targets-of-cyber-fraudsters-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-152762-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: विदेश जाने की चाह रखने वाले छात्र और अभिभावक बन रहे साइबर ठगों का निशाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: विदेश जाने की चाह रखने वाले छात्र और अभिभावक बन रहे साइबर ठगों का निशाना
Sun, 26 Apr 2026 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। विदेश में पढ़ाई व नौकरी पर युवाओं में बढ़ती रुचि का फायदा उठाकर साइबर अपराधी फर्जी एजेंट, कॉल सेंटर व नकली वेबसाइटों के माध्यम से ठगी की वारदात अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने बताया कि ठग व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क कर गारंटी पास, पेपर पहले से उपलब्ध, कम फीस में एडमिशन या बिना परीक्षा सर्टिफिकेट देने का लालच देते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करता है या अपनी निजी जानकारी साझा करता है, ठग उससे संपर्क तोड़ देते हैं या उसके साथ और बड़ी ठगी कर लेते हैं।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर छात्रों से पैसे वसूलते हैं। इसके साथ ही कुछ मामलों में संदिग्ध लिंक या मोबाइल फोन एप डाउनलोड करवाकर उसका एक्सेस हासिल कर बैंकिंग जानकारी चोरी कर लेते हैं।
विज्ञापन
जिला पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए आमजन को सचेत करते हुए कहा कि केवल अधिकृत व विश्वसनीय संस्थानों के माध्यम से ही परीक्षा के लिए आवेदन करें। किसी भी अनजान एजेंट/व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें। गारंटी पास या पेपर लीक जैसे दावों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक/एप को डाउनलोड करने से बचें। इसके अलावा अपनी व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का शिकार हो जाता है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके साथ ही नजदीकी थाना या साइबर सेल में भी सूचना दें। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने बताया कि ठग व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क कर गारंटी पास, पेपर पहले से उपलब्ध, कम फीस में एडमिशन या बिना परीक्षा सर्टिफिकेट देने का लालच देते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करता है या अपनी निजी जानकारी साझा करता है, ठग उससे संपर्क तोड़ देते हैं या उसके साथ और बड़ी ठगी कर लेते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कई मामलों में फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर छात्रों से पैसे वसूलते हैं। इसके साथ ही कुछ मामलों में संदिग्ध लिंक या मोबाइल फोन एप डाउनलोड करवाकर उसका एक्सेस हासिल कर बैंकिंग जानकारी चोरी कर लेते हैं।
विज्ञापन
जिला पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए आमजन को सचेत करते हुए कहा कि केवल अधिकृत व विश्वसनीय संस्थानों के माध्यम से ही परीक्षा के लिए आवेदन करें। किसी भी अनजान एजेंट/व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें। गारंटी पास या पेपर लीक जैसे दावों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक/एप को डाउनलोड करने से बचें। इसके अलावा अपनी व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का शिकार हो जाता है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके साथ ही नजदीकी थाना या साइबर सेल में भी सूचना दें। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।