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Fatehabad News: सड़क पर संघर्ष...निजी बसों में बस पास की अनदेखी पर भड़कीं छात्राएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 11:21 PM IST
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Struggle on the road... Students fuming over the disregard for bus passes in private buses.
बस अड्डे पर इंचार्ज से बातचीत करतीं छात्राएं। 
रतिया। लधुवास और पिलछिया रूट पर चलने वाली निजी बसों में छात्राओं के बस पास स्वीकार नहीं किए जाने पर शुक्रवार को छात्राएं भड़क गईं। इसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने इसे परिवहन विभाग का मामला बताया, जिसके बाद छात्राएं समस्या के समाधान के लिए रोडवेज प्रबंधक से मिलने फतेहाबाद गईं।
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महिला कॉलेज की छात्रा प्रियंका, मुस्कान, सिमरन, प्रिया, सबरजीत, पिंकी, सुमन और सपना ने बताया कि वे रोजाना गांव से रतिया स्थित कॉलेज जाती हैं, लेकिन बीते तीन दिनों से प्राइवेट बसों में बस पास को मानने से इनकार किया जा रहा है और उन्हें टिकट खरीदने को मजबूर किया जा रहा है।
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टिकट नहीं लेने पर रास्ते में उतार देते हैं
छात्राओं ने आरोप लगाया कि टिकट नहीं लेने पर उन्हें रास्ते में उतार दिया गया, जिसके बाद वे स्वयं रतिया बस स्टैंड पहुंचीं और वहां एकजुट होकर 112 पुलिस सहायता को कॉल किया। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कोई स्पष्ट समाधान न होने पर छात्राएं रोडवेज अधिकारियों से मिलने रवाना हुईं। रतिया बस अड्डा इंचार्ज भगवान दास से मुलाकात कर छात्राओं ने अपनी समस्या रखी और मांग की कि यदि प्राइवेट बसों में पास मान्य नहीं हैं, तो उनके रूट पर रोडवेज बस चलाई जाए। इंचार्ज ने कहा कि वे मामले की जानकारी जीएम से साझा करेंगे और समाधान का प्रयास करेंगे।
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सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे
छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे पहले भी कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो अभिभावकों के साथ मिलकर बड़ा कदम उठाया जाएगा। इस मामले पर निजी बस संचालक प्रकाश, वेद व अन्य ने कहा कि बस पास मानने से प्राइवेट बस संचालकों को घाटा हो रहा था। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की थी, लेकिन मांग पूरी न होने पर कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें कोर्ट ने उनके पक्ष में निर्णय दिया है।

कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
बस अड्डा इंचार्ज भगवान दास ने भी स्वीकार किया कि कोर्ट के आदेश के तहत ही प्राइवेट बसों में बस पास मान्य नहीं हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह उच्च अधिकारियों से बात कर छात्राओं की समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
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