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हड़ताल : दूसरे दिन कई इलाकों की बिजली गुल, लोग परेशान
fatehabad
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:30 AM IST
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हड़ताल के दौरान धरने पर बैठे बिजली कर्मचारियों को संबोधित करते कर्मचारी नेता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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23 सबडिवीजनों के निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा और अंतिम दिन कई इलाकों के लिए परेशानी का सबब बन गया। कई जगह बिजली व्यवस्था में फाल्ट आने के चलते कई इलाकों की बिजली काफी देर तक गुल रही। फतेहाबाद शहर में मॉडल टाऊन, थाना रोड, एमसी कालोनी, बीघड़ रोड सहित कई ऐसे इलाके रहे जिनमें बिजली गायब रही।
माडल टाऊन में तो बुधवार देर रात से ही लाइट नहीं थी। वीरवार सुबह भी 10 बजे के बाद लाइट आई। इसी तरह ढाणी छतरियां के फीडर में भी गड़बड़ रही। सुमित सेठी, राहुल कुमार, चिराग रखेजा सहित कई लोगों ने ये आरोप भी लगाए कि बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल को कामयाब करने के लिए कई जगह लाइट काट दी, हालांकि कर्मचारी नेताओं ने इन आरोपों का खंडन किया है। वीरवार को इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और कांग्रेस नेता भी कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंचे।
मार्केट कमेटी के शेड के नीचे जारी धरने पर दूसरे दिन भी काफी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। वीरवार को प्रदर्शन की अध्यक्षता एएचपीसी वर्कर यूनियन के प्रधान अमित शर्मा ने और संचालन एचएसइबी वर्कर यूनियन के यूनिट प्रधान फकीर चंद सैनी ने किया।
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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, कुलजीत कुलड़िया, बलविंद्र सिंह कैरो, के अलावा नागरिक अधिकार मंच से मोहन लाल नरंग, किसान सभा से मनफूल सिंह ढाका, सीआईटीयू से दलबीर आजाद, किसान यूनियन से गुरजीत सिंह नखाटिया, देवीलाल एडवोकेट, पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन से पृथ्वी सिंह काकड़ महासचिव, सर्व कर्मचारी संघ से कुरड़ाराम पूनियां, हरपाल हुड्डा, अध्यापक संघ से रघुनाथ मेहता, सुरजीत दुसाद, सुमेर आर्य के अलावा नगरपालिका, पब्लिक हेल्थ, पशुपालन, आईटीआई आदि विभागों से भी काफी कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया।
लाइट काटने के आरोप बेबुनियाद
प्रदर्शन को राज्य सचिव अजय वशिष्ठ ने संबोधित करते हुए कहा कि बिजली कर्मचारियों पर लाइट काटने के आरोप बेबुनियाद हैं, बल्कि हड़ताल के दौरान भी बिजली कर्मचारियों ने ढाणी इसर लाइन, भिरड़ाना, फुलां, चार मरला कालोनी, भट्ठा कालोनी, भाटिया कालोनी, गांव खाई और अन्य स्थानों पर बिजली व्यवस्था दुरुस्त की है।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 80 प्रतिशत से ज्यादा और फतेहाबाद में 93 प्रतिशत कर्मचारियों ने हड़ताल की है, परंतु सरकार 36 प्रतिशत हड़ताल का ब्यान देकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि निजीकरण से जनता को भारी परेशानी होगी तथा बिजली निगम का घाटा और बढ़ेगा। बिजली आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएगी। धरने को हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जिला सचिव अजमेर सिंह, सुभाष चौहान, रमेश तुषामढ़, दलबीर आजाद, पृथ्वी सिंह काकड़ आदि नेताओं ने भी संबोधित किया।
पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर लगातार दूसरे दिन भी जिले भर के सबस्टेशनों एवं दफ्तरों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पुख्ता थी। सभी सबस्टेशनों पर पुलिस कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा संवेदनशील माने जाने वाले सबस्टेशनों पर खुद पुलिस अधिकारी भी गश्त करते दिखे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान एसपी ओपी नरवाल एवं एएसपी गंगा राम पूनियां ने अपने हाथों में संभाल रही रखी थी। एसपी नरवाल ने टोहाना में भी कई बिजली घरों का निरीक्षण किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था भी जांची।
टोहाना में डटे रहे कर्मचारी, पूर्व मंत्री परमवीर भी पहुंचे समर्थन देने
टोहाना । 23 सब डिवीजनों के निजीकरण की नीतियों के विरोध में सिंचाई विभाग कार्यालय में बिजली विभाग की यूनिट और सब यूनिट स्तर के कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया। वीरवार को दूसरे दिन की हड़ताल में पूर्व कृषि मंत्री सरदार परमवीर सिंह ने धरने को समर्थन दिया। इस दौरान पूर्व कृषिमंत्री ने कहा कि इस सरकार ने अपने घोषणापत्र के एक भी वायदे को पूरा नही किया। इसके चलते सरकारी कर्मचारी, किसान, व्यापारी और गरीब वर्ग सहित सभी सरकार की कुनीतियों से तंग आ चुके है।
टोहाना में हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस धरने की अध्यक्षता हरियाणा कर्मचारी महासंघ से रणबीर धनखड़ और सर्वकर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान राजेश कन्हडी ने की।
इन विभागों ने लिया हड़ताल में भाग
सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्लयूडी, पंचायत, वन विभाग, रोडवेज विभाग, पंचायत, अध्यापक संघ, नगर परिषद, आईटीआई, बीज निगम, सर्वखाप पंचायत सहित अन्य कई विभागों के अनेक कर्मचारियों ने इस हड़ताल में भाग लेकर बिजली विभाग की मांगो को सही ठहराते हुए सरकार की नीतियों को कोसा। इस अवसर पर सर्वखाप पंचायत नेता बलवंत सिंह, करनैल सिंह समैण, कृष्ण, चांदीराम पातड, अध्यापक संघ से हरपाल, जगदीश सैनी, कृष्ण नैन, रणजीत ढिल्लो, केडी शर्मा, सिंचाई विभाग से बीरबल, राजकुमार, जनस्वास्थ्य विभाग से सुरेश, कृष्ण सचदेवा, भागचंद शर्मा, रणधीर सिंह, रामकुमार पातड, बिजली बोर्ड से यूनिट प्रधान भूप सिंह, त्रिलोक नाथ, धर्मपाल आदि उपस्थित थे।
रतिया में दूसरी यूनियन ने किया विरोध
23 सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में राज्यव्यापी हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही। वीरवार को हड़ताल की अध्यक्षता यूनिट प्रधान सतपाल सिंह और संचालन रवि दत्त शर्मा ने किया। जिला प्रधान भूप सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारी लगातार 23 सब डिवीजनों के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं, परंतु सरकार हठधर्मिता अपना रही है।
हरियाणा पावर कारपोरेशन एससी बीसी यूनियन ने हड़ताल का विरोध करते हुए इस हड़ताल को मात्र ढकोसला बताया। विजेंद्र साहू की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उन्होंने कहा कि हड़ताल एससी-बीसी कर्मचारियों के खिलाफ है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह सरकार के हर तरह के निजीकरण के विरोध में है, लेकिन उक्त हड़ताल एससीबीसी के हित में नहीं है, इसलिए हम इस हड़ताल का विरोध करते है। ज्ञात रहे कि बुधवार से कई बिजली कर्मी हड़ताल पर हैं, लेकिन उक्त संगठन के कर्मचारी सदस्यों ने बिजली व्यवस्था सुचारू रखी थी।
माडल टाऊन में तो बुधवार देर रात से ही लाइट नहीं थी। वीरवार सुबह भी 10 बजे के बाद लाइट आई। इसी तरह ढाणी छतरियां के फीडर में भी गड़बड़ रही। सुमित सेठी, राहुल कुमार, चिराग रखेजा सहित कई लोगों ने ये आरोप भी लगाए कि बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल को कामयाब करने के लिए कई जगह लाइट काट दी, हालांकि कर्मचारी नेताओं ने इन आरोपों का खंडन किया है। वीरवार को इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और कांग्रेस नेता भी कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंचे।
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मार्केट कमेटी के शेड के नीचे जारी धरने पर दूसरे दिन भी काफी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। वीरवार को प्रदर्शन की अध्यक्षता एएचपीसी वर्कर यूनियन के प्रधान अमित शर्मा ने और संचालन एचएसइबी वर्कर यूनियन के यूनिट प्रधान फकीर चंद सैनी ने किया।
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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, कुलजीत कुलड़िया, बलविंद्र सिंह कैरो, के अलावा नागरिक अधिकार मंच से मोहन लाल नरंग, किसान सभा से मनफूल सिंह ढाका, सीआईटीयू से दलबीर आजाद, किसान यूनियन से गुरजीत सिंह नखाटिया, देवीलाल एडवोकेट, पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन से पृथ्वी सिंह काकड़ महासचिव, सर्व कर्मचारी संघ से कुरड़ाराम पूनियां, हरपाल हुड्डा, अध्यापक संघ से रघुनाथ मेहता, सुरजीत दुसाद, सुमेर आर्य के अलावा नगरपालिका, पब्लिक हेल्थ, पशुपालन, आईटीआई आदि विभागों से भी काफी कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया।
लाइट काटने के आरोप बेबुनियाद
प्रदर्शन को राज्य सचिव अजय वशिष्ठ ने संबोधित करते हुए कहा कि बिजली कर्मचारियों पर लाइट काटने के आरोप बेबुनियाद हैं, बल्कि हड़ताल के दौरान भी बिजली कर्मचारियों ने ढाणी इसर लाइन, भिरड़ाना, फुलां, चार मरला कालोनी, भट्ठा कालोनी, भाटिया कालोनी, गांव खाई और अन्य स्थानों पर बिजली व्यवस्था दुरुस्त की है।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 80 प्रतिशत से ज्यादा और फतेहाबाद में 93 प्रतिशत कर्मचारियों ने हड़ताल की है, परंतु सरकार 36 प्रतिशत हड़ताल का ब्यान देकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि निजीकरण से जनता को भारी परेशानी होगी तथा बिजली निगम का घाटा और बढ़ेगा। बिजली आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएगी। धरने को हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जिला सचिव अजमेर सिंह, सुभाष चौहान, रमेश तुषामढ़, दलबीर आजाद, पृथ्वी सिंह काकड़ आदि नेताओं ने भी संबोधित किया।
पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर लगातार दूसरे दिन भी जिले भर के सबस्टेशनों एवं दफ्तरों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पुख्ता थी। सभी सबस्टेशनों पर पुलिस कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा संवेदनशील माने जाने वाले सबस्टेशनों पर खुद पुलिस अधिकारी भी गश्त करते दिखे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान एसपी ओपी नरवाल एवं एएसपी गंगा राम पूनियां ने अपने हाथों में संभाल रही रखी थी। एसपी नरवाल ने टोहाना में भी कई बिजली घरों का निरीक्षण किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था भी जांची।
टोहाना में डटे रहे कर्मचारी, पूर्व मंत्री परमवीर भी पहुंचे समर्थन देने
टोहाना । 23 सब डिवीजनों के निजीकरण की नीतियों के विरोध में सिंचाई विभाग कार्यालय में बिजली विभाग की यूनिट और सब यूनिट स्तर के कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया। वीरवार को दूसरे दिन की हड़ताल में पूर्व कृषि मंत्री सरदार परमवीर सिंह ने धरने को समर्थन दिया। इस दौरान पूर्व कृषिमंत्री ने कहा कि इस सरकार ने अपने घोषणापत्र के एक भी वायदे को पूरा नही किया। इसके चलते सरकारी कर्मचारी, किसान, व्यापारी और गरीब वर्ग सहित सभी सरकार की कुनीतियों से तंग आ चुके है।
टोहाना में हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस धरने की अध्यक्षता हरियाणा कर्मचारी महासंघ से रणबीर धनखड़ और सर्वकर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान राजेश कन्हडी ने की।
इन विभागों ने लिया हड़ताल में भाग
सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्लयूडी, पंचायत, वन विभाग, रोडवेज विभाग, पंचायत, अध्यापक संघ, नगर परिषद, आईटीआई, बीज निगम, सर्वखाप पंचायत सहित अन्य कई विभागों के अनेक कर्मचारियों ने इस हड़ताल में भाग लेकर बिजली विभाग की मांगो को सही ठहराते हुए सरकार की नीतियों को कोसा। इस अवसर पर सर्वखाप पंचायत नेता बलवंत सिंह, करनैल सिंह समैण, कृष्ण, चांदीराम पातड, अध्यापक संघ से हरपाल, जगदीश सैनी, कृष्ण नैन, रणजीत ढिल्लो, केडी शर्मा, सिंचाई विभाग से बीरबल, राजकुमार, जनस्वास्थ्य विभाग से सुरेश, कृष्ण सचदेवा, भागचंद शर्मा, रणधीर सिंह, रामकुमार पातड, बिजली बोर्ड से यूनिट प्रधान भूप सिंह, त्रिलोक नाथ, धर्मपाल आदि उपस्थित थे।
रतिया में दूसरी यूनियन ने किया विरोध
23 सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में राज्यव्यापी हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही। वीरवार को हड़ताल की अध्यक्षता यूनिट प्रधान सतपाल सिंह और संचालन रवि दत्त शर्मा ने किया। जिला प्रधान भूप सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारी लगातार 23 सब डिवीजनों के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं, परंतु सरकार हठधर्मिता अपना रही है।
हरियाणा पावर कारपोरेशन एससी बीसी यूनियन ने हड़ताल का विरोध करते हुए इस हड़ताल को मात्र ढकोसला बताया। विजेंद्र साहू की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उन्होंने कहा कि हड़ताल एससी-बीसी कर्मचारियों के खिलाफ है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह सरकार के हर तरह के निजीकरण के विरोध में है, लेकिन उक्त हड़ताल एससीबीसी के हित में नहीं है, इसलिए हम इस हड़ताल का विरोध करते है। ज्ञात रहे कि बुधवार से कई बिजली कर्मी हड़ताल पर हैं, लेकिन उक्त संगठन के कर्मचारी सदस्यों ने बिजली व्यवस्था सुचारू रखी थी।