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Fatehabad News: राइस मिल में धान उतारने के विरोध में हड़ताल
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रतिया में नारेबाजी करते मजदूर यूनियन के सदस्य : संवाद
रतिया। राइस मिलर की ओर से सीधा धान राइस मिल में उतारने के विरोध में वीरवार को कच्ची मजदूर यूनियन ने मार्केट कमेटी कार्यालय में अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
वहीं मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार ने बताया कि सीधा धान उतारने के विरोध में मजदूरों की हड़ताल पर व्यापारियों के साथ बातचीत कर समस्या का हल करवा दिया है। अगर कोई सेलर संचालक सीधा धान उतरेगी तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनाज मंडी कच्ची मजदूर यूनियन के प्रधान जिले सिंह रोही राम प्रधान जिले सिंह, रोही राम, सतपाल, जोनी, बूटा आदि ने बताया कि रतिया में हर साल मार्केट कमेटी के कर्मचारी व अधिकारियों की मिली भगत से राइस मिल संचालकों की ओर से सीधा धान राइस मिल में उतार लिया जाता है। इससे मजदूर यूनियन और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
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प्रधान ने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण सीधा धान राइस मिल में उतार लिया जाता है और किसानों को मजबूरन एक क्विंटल धान के पीछे कई कई किलो काट लगवानी पड़ती है जिससे उनका आर्थिक शोषण भी हो रहा है वहीं अगर धान मार्केट कमेटी में आए तो उसके बाद उसे धान को उतार कर सफाई करवाई जाती है और साफ करने के बाद बोरी में भरकर तोलाई करवाई जाती है और बाद में ट्रक में चढ़ाया जाता है। इससे मजदूर यूनियन के सदस्यों को भी मजदूरी मिल जाती है लेकिन सीधा धान उतारने के कारण उनको नुकसान हो रहा है।
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वहीं मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार ने बताया कि सीधा धान उतारने के विरोध में मजदूरों की हड़ताल पर व्यापारियों के साथ बातचीत कर समस्या का हल करवा दिया है। अगर कोई सेलर संचालक सीधा धान उतरेगी तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अनाज मंडी कच्ची मजदूर यूनियन के प्रधान जिले सिंह रोही राम प्रधान जिले सिंह, रोही राम, सतपाल, जोनी, बूटा आदि ने बताया कि रतिया में हर साल मार्केट कमेटी के कर्मचारी व अधिकारियों की मिली भगत से राइस मिल संचालकों की ओर से सीधा धान राइस मिल में उतार लिया जाता है। इससे मजदूर यूनियन और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
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प्रधान ने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण सीधा धान राइस मिल में उतार लिया जाता है और किसानों को मजबूरन एक क्विंटल धान के पीछे कई कई किलो काट लगवानी पड़ती है जिससे उनका आर्थिक शोषण भी हो रहा है वहीं अगर धान मार्केट कमेटी में आए तो उसके बाद उसे धान को उतार कर सफाई करवाई जाती है और साफ करने के बाद बोरी में भरकर तोलाई करवाई जाती है और बाद में ट्रक में चढ़ाया जाता है। इससे मजदूर यूनियन के सदस्यों को भी मजदूरी मिल जाती है लेकिन सीधा धान उतारने के कारण उनको नुकसान हो रहा है।