{"_id":"664a940af62f6e063903f137","slug":"state-level-meeting-of-farmer-union-ekta-ugrahan-fatehabad-news-c-127-1-shsr1020-116992-2024-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का नहीं करेगा समर्थन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का नहीं करेगा समर्थन
Mon, 20 May 2024 05:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 20 May 2024 05:36 AM IST
विज्ञापन
रतिया के फतेहाबाद रोड सती माई जाखन दादी मंदिर पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की प्रदेशस्तर
रतिया। शहर के फतेहाबाद रोड सती माई जाखन दादी मंदिर पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की प्रदेशस्तरीय बैठक की गई। जिसके मुख्य वक्ता जोगिंदर सिंह उगराहां व हरियाणा राज्य प्रधान कवरजीत सिंह चीका विशेष तौर पर पहुंचे, मंच संचालन जिला प्रधान निर्भय रतिया ने किया।
जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि वोटों से मेहनतकश लोगों के हालत नहीं बदलने वाले बल्कि किसानों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। राजनीतिक लोग 75 सालों से रंग बिरंगे झंडे पार्टियां बदलकर आ रहे हैं। परंतु जीतने के बाद ये विधानसभा और लोक सभा में मेहनतकश लोगों के पक्ष में कानून न बनाकर उल्टा पूंजीपतियों के लिए काम करते हैं। हमारी मुक्ति का एक ही रास्ता है की हमें संगठित होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना होगा। जिससे हम अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकेंगे।
हरियाणा राज्य प्रधान कवरजीत सिंह चीका ने कहा कि प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में आकर किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है इसलिए अगर किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द न किए गए तो किसान इस तानाशाही सरकार के खिलाफ आने वाले दिनों में किसान संयुक्त रूप से संघर्ष का बिगुल फूंकने को मजबूर होंगे ओर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। वही बैठक में निर्णय लिया गया कि भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां हरियाणा किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगा। इस बैठक में अजय प्रधान गुरलाल सिंह, नवजीत सिंह, कुलदीप सिंह माशा सिंह, कर्मा सिंह सहित अनेकों किसान मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि वोटों से मेहनतकश लोगों के हालत नहीं बदलने वाले बल्कि किसानों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। राजनीतिक लोग 75 सालों से रंग बिरंगे झंडे पार्टियां बदलकर आ रहे हैं। परंतु जीतने के बाद ये विधानसभा और लोक सभा में मेहनतकश लोगों के पक्ष में कानून न बनाकर उल्टा पूंजीपतियों के लिए काम करते हैं। हमारी मुक्ति का एक ही रास्ता है की हमें संगठित होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना होगा। जिससे हम अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकेंगे।
विज्ञापन
हरियाणा राज्य प्रधान कवरजीत सिंह चीका ने कहा कि प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में आकर किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है इसलिए अगर किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द न किए गए तो किसान इस तानाशाही सरकार के खिलाफ आने वाले दिनों में किसान संयुक्त रूप से संघर्ष का बिगुल फूंकने को मजबूर होंगे ओर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। वही बैठक में निर्णय लिया गया कि भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां हरियाणा किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगा। इस बैठक में अजय प्रधान गुरलाल सिंह, नवजीत सिंह, कुलदीप सिंह माशा सिंह, कर्मा सिंह सहित अनेकों किसान मौजूद थे।
विज्ञापन