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अनलोडिंग न करने के विरोध में स्टेट हाईवे पर लगाया जाम
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रतिया में स्टेट हाइवे पर जाम लगाकर बैठे किसान।
- फोटो : Fatehabad
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रतिया। खरीद एजेंसी एफसीआई द्वारा रतिया क्षेत्र के लोकल गोदामों में गेहूं अनलोडिंग करवाने की बजाय रतिया से 60 किलोमीटर दूर बरवाला के खेदड़ गोदाम में अनलोडिंग करने के निर्णय के खिलाफ लेबर यूनियन के सैकड़ों सदस्यों ने शुक्रवार को रतिया सुखचैन माइनर पुल पर दोनों तरफ जाम लगा दिया। जिससे फतेहाबाद बुढलाड़ा स्टेट हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।
रतिया शहर थाना प्रभारी रूपेश चौधरी ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर जाम न खोलने पर अड़ गए और कहा कि जब तक लोकल गोदाम में अनलोडिंग शुरू नहीं करवाई जाएगी तब तक मजदूर जाम नहीं खोलेंगे। जाम लगाने के एक घंटे के बाद एसडीएम सुभाष चंद्र मजदूरों के पास पहुंचे और उन्होंने मजदूरों को आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों और व्यापारियों से बात करके उनकी समस्या का हल कर देंगे। एसडीएम सुभाष चंद्र के आश्वासन के बाद जाम लगा कर बैठे मजदूरों ने एक साइड से जाम खोल दिया और दूसरे साइड सड़क के बीचो-बीच टेंट और धरना लगाकर बैठ गए। मजदूरों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो वह शनिवार से अपने परिवार बीवी बच्चों सहित अनिश्चितकालीन जाम लगा देंगे।
बता दें कि रतिया में मजदूर तीन दिनों से हड़ताल कर रहे हैं। पक्की लेबर यूनियन के प्रधान जोगिंदर सिंह, बेअंत सिंह कच्ची लेबर यूनियन के प्रधान जोनी सिंह, बाबू सिंह ने बताया कि रतिया के सैकड़ों मजदूर विभिन्न एजेंसियों के गोदामों में कार्य करते हैं और वहां पर गेहूं अनलोडिंग कर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं, लेकिन एफसीआई एजेंसी के अधिकारियों ने पिछले तीन दिनों से रतिया के लोकल गोदामों में गेहूं उतरवाने से इनकार कर दिया और बरवाला के खेदड़ गोदाम में गेहूं लगवाया जा रहा है। जिस कारण मजदूरों को रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। इस निर्णय के खिलाफ मजदूरों ने वीरवार को रतिया अनाजमंडी के चारों गेट भी बंद कर दिए थे और मंडी के गेट से किसी भी ट्रक को बाहर नहीं निकले दिया जिस कारण मंडी में आई हुई गेहूं की लोडिंग भी प्रभावित हो रही है। मजदूरों के इस आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन उगरहा, खेती बचाओ संघर्ष समिति, किसान संघर्ष समिति, शहीद भगत सिंह नौजवान सभा, हरियाणा छात्र संगठन के विभिन्न सदस्य ने भी समर्थन दिया और धरना स्थल पर पहुंचे।
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सांसद और विधायक का प्रयास विफल
मजदूरों की हड़ताल को देखते हुए सांसद सुनीता दुग्गल व रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा ने उपायुक्त के साथ-साथ वीरवार को एफसीआई के क्षेत्रीय निदेशक को भी फोन कर मजदूरों की समस्या हल करने की बात कही। जिसके बाद हिसार एफसीआई के अधिकारी ने मजदूर यूनियन के सदस्यों को बातचीत के लिए हिसार बुलाया, जिसमें रतिया के एक दर्जन मजदूर यूनियन के सदस्यों ने भाग लिया। लेकिन सांसद और विधायक का यह प्रयास भी विफल हो गया। इस मीटिंग के दौरान एफसीआई के अधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे का समय मांगा था, लेकिन जब 12 बजे तक भी रतिया क्षेत्र में माल लगवाने का निर्देश नहीं आया तो मजदूरों ने पहले तो मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना लगाकर नारेबाजी की और दो घंटे नारेबाजी करने के बाद उन्होंने फतेहाबाद रतिया मार्ग पर सुखचैन माइनर पुल के ऊपर जाम लगा दिया। जाम लगने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।
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रतिया शहर थाना प्रभारी रूपेश चौधरी ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर जाम न खोलने पर अड़ गए और कहा कि जब तक लोकल गोदाम में अनलोडिंग शुरू नहीं करवाई जाएगी तब तक मजदूर जाम नहीं खोलेंगे। जाम लगाने के एक घंटे के बाद एसडीएम सुभाष चंद्र मजदूरों के पास पहुंचे और उन्होंने मजदूरों को आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों और व्यापारियों से बात करके उनकी समस्या का हल कर देंगे। एसडीएम सुभाष चंद्र के आश्वासन के बाद जाम लगा कर बैठे मजदूरों ने एक साइड से जाम खोल दिया और दूसरे साइड सड़क के बीचो-बीच टेंट और धरना लगाकर बैठ गए। मजदूरों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो वह शनिवार से अपने परिवार बीवी बच्चों सहित अनिश्चितकालीन जाम लगा देंगे।
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बता दें कि रतिया में मजदूर तीन दिनों से हड़ताल कर रहे हैं। पक्की लेबर यूनियन के प्रधान जोगिंदर सिंह, बेअंत सिंह कच्ची लेबर यूनियन के प्रधान जोनी सिंह, बाबू सिंह ने बताया कि रतिया के सैकड़ों मजदूर विभिन्न एजेंसियों के गोदामों में कार्य करते हैं और वहां पर गेहूं अनलोडिंग कर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं, लेकिन एफसीआई एजेंसी के अधिकारियों ने पिछले तीन दिनों से रतिया के लोकल गोदामों में गेहूं उतरवाने से इनकार कर दिया और बरवाला के खेदड़ गोदाम में गेहूं लगवाया जा रहा है। जिस कारण मजदूरों को रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। इस निर्णय के खिलाफ मजदूरों ने वीरवार को रतिया अनाजमंडी के चारों गेट भी बंद कर दिए थे और मंडी के गेट से किसी भी ट्रक को बाहर नहीं निकले दिया जिस कारण मंडी में आई हुई गेहूं की लोडिंग भी प्रभावित हो रही है। मजदूरों के इस आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन उगरहा, खेती बचाओ संघर्ष समिति, किसान संघर्ष समिति, शहीद भगत सिंह नौजवान सभा, हरियाणा छात्र संगठन के विभिन्न सदस्य ने भी समर्थन दिया और धरना स्थल पर पहुंचे।
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सांसद और विधायक का प्रयास विफल
मजदूरों की हड़ताल को देखते हुए सांसद सुनीता दुग्गल व रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा ने उपायुक्त के साथ-साथ वीरवार को एफसीआई के क्षेत्रीय निदेशक को भी फोन कर मजदूरों की समस्या हल करने की बात कही। जिसके बाद हिसार एफसीआई के अधिकारी ने मजदूर यूनियन के सदस्यों को बातचीत के लिए हिसार बुलाया, जिसमें रतिया के एक दर्जन मजदूर यूनियन के सदस्यों ने भाग लिया। लेकिन सांसद और विधायक का यह प्रयास भी विफल हो गया। इस मीटिंग के दौरान एफसीआई के अधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे का समय मांगा था, लेकिन जब 12 बजे तक भी रतिया क्षेत्र में माल लगवाने का निर्देश नहीं आया तो मजदूरों ने पहले तो मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना लगाकर नारेबाजी की और दो घंटे नारेबाजी करने के बाद उन्होंने फतेहाबाद रतिया मार्ग पर सुखचैन माइनर पुल के ऊपर जाम लगा दिया। जाम लगने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।