फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Stalled hepatitis testing process increases patients' anxiety

Fatehabad News: हेपेटाइटिस की ठहरी जांच व्यवस्था ने बढ़ाई मरीजों की बेचैनी

Mon, 27 Jul 2026 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 27 Jul 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
Stalled hepatitis testing process increases patients' anxiety
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टर मनीष टुटेजासंवाद
फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी बीमारी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। जाखल, रतिया और टोहाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में 7720 मरीज हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त मिले हैं बावजूद इसके जिले में जांच की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन

वर्ष 2022 से सैंपल जांच के लिए दूसरे जिलों में भेजे जा रहे हैं और अब 6 माह से जांच पूरी तरह से बंद है। स्वास्थ्य विभाग ने ट्रूनेट मशीन से हेपेटाइटिस सी और बी के जांच के निर्देश दिए हैं लेकिन हकीकत ये है कि विभाग के पास जांच के लिए किट ही नहीं है। किट के ऑर्डर किए गए हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि महंगी होने के कारण खरीद प्रक्रिया जटिल है। ट्रूनेट मशीनों का पहले इस्तेमाल टीबी जांच के लिए हो रहा है।
विज्ञापन

विशेषज्ञों का कहना है कि हेपेटाइटिस बीमारी कई कारणों से फैल रही है। हेपेटाइटिस व्यक्ति के खून के संपर्क में आने, सूई व सिरिंज का दोबारा प्रयोग करने से भी हो सकता है। हालात ये हैं कि नशा लेने वाले युवा भी बीमारी की चपेट में हैं। एक ही सिरिंज के इस्तेमाल से हेपेटाइटिस सी की चपेट में आ रहे हैं। जिले में सिरिंज से नशा लेने वाले 582 मरीज रजिस्टर्ड हैं और जांच के दौरान इनमें 287 हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
जिले में हेपेटाइटिस सी की स्थिति
जिले में अब तक लिए गए सैंपल - 9970 मरीज
पॉजिटिव मिलने के बाद उपचार शुरू - 7720 मरीज
उपचार पूरा हुआ - 7320 मरीज
उपचार चल रहा : 400
----------
हेपेटाइटिस बी की स्थिति
जिले में मरीजों का उपचार शुरू हुआ : 611
उपचार पूरा हुआ : 550 मरीज
उपचार चल रहा : 65
---------
मां से बच्चे में भी आ सकता है हेपेटाइटिस सी
हेपेटाइटिस सी बीमारी को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि कोर्स पूरा होने के तीन माह बाद भी जांच जरूरी है। ये खतरनाक बीमारी मां से बच्चे में भी आ सकती है। अगर समय रहते इसका उपचार लिया जाए तो इसे बच्चे में आने से रोका जा सकता है।
------------
ऐसे फैलता है हेपेटाइटिस सी
हेपेटाइटिस व्यक्ति के खून के संपर्क में आने से हेपेटाइटिस सी हो सकता है।
सूई व सिरिंज का दोबारा प्रयोग करने से
पहले से प्रयोग की गई सूई द्वारा टैटू बनाया जाए और नाक या कान में छेद किया जाए।
किसी दूसरे व्यक्ति का ब्लेड, टूथब्रश का प्रयोग करने से
असुरक्षित यौन संबंधों द्वारा हेपेटाइटिस सी फैलने की आशंका रहती है।
-----------
हेपेटाइटिस सी के ये हैं सामान्य लक्षण
बुखार, हमेशा थकान महसूस करना, भूख न लगना, मतली या उल्टी होना, पेट में दर्द, पेशाब गाढ़े रंग का आना, मिट्टी के रंग जैसा मल आना, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द होना, त्वचा या आंखों में पीलापन होना।

----------
जिले में हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल की जांच ट्रूनेट मशीन से की जाएगी। डिमांड किट भी भेजी गई है। लोगों को बीमारी के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। इस बीमारी से ग्रस्त मरीज के लिए अस्पताल में दवाइयां भी उपलब्ध हैं।
- डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed