{"_id":"68c30c9b361e1504990e6c84","slug":"sports-talent-will-get-a-boost-7-new-nurseries-allotted-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-140146-2025-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बढ़ावा, 7 नई नर्सरियां आवंटित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बढ़ावा, 7 नई नर्सरियां आवंटित
Thu, 11 Sep 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। हरियाणा सरकार ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए फतेहाबाद को सात नई खेल नर्सरियों की सौगात दी है। इससे जिले में खेल नर्सरियों की कुल संख्या बढ़कर 47 हो गई है।
जिला खेल अधिकारी विष्णु दास ने बताया कि इन सात नर्सरियों में से चार नर्सरियों की जिम्मेदारी सीधे ग्राम पंचायतों को दी गई है, जबकि तीन नर्सरियां एक सरकारी स्कूल, एक निजी स्कूल और एक गुरुकुल संस्थान को आवंटित की गई हैं। यह निर्णय ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। अब खिलाड़ियों की नई पाैध तैयार हो सकेगी।
सरकार की ओर से जिले में खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ाना हमारे लिए गर्व की बात है। हमारा लक्ष्य है कि इन नर्सरियों का सही उपयोग हो और हम यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर सकें। युवा खिलाड़ी इन नर्सरी में जाकर ट्राॅयल देकर नर्सरी में अपना दाखिला करवा सकते हैं।
विज्ञापन
-- -
ग्राम पंचायतों को मिलीं चार खेल नर्सरियां
गांव खेल
ढाणी गोपाल
कुश्ती
फुलां साइकिलिंग
धारसूल खुर्द
कुश्ती
जटान फुटबाल
-- --
तीन शैक्षणिक संस्थानों को भी मिलीं खेल नर्सरियां
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दहमन : कबड्डी
डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, फतेहाबाद : जिम्नास्टिक
गुरुकुल वेद मंदिर संस्कृत विद्यापीठ, मताना : जूडो
-- -- -- -- -- -- -- -
पहले से संचालित हैं करीब 40 खेल नर्सरी
जिले में करीब 40 खेल नर्सरियां संचालित हैं, जिन्होंने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है। सात नई नर्सरियों के जुड़ने से संख्या 47 हो गई हैं। नई खेल नर्सरी मिलने से गांव के युवाओं को काफी मिलेगा। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को महंगी कोचिंग या शहरों में जाने की असमर्थता के कारण अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका नहीं मिल पाता था। ये नई नर्सरियां इस समस्या का समाधान करेंगी, क्योंकि अब खिलाड़ी अपने ही गांव या उसके नजदीक प्रशिक्षण ले पाएंगे। इससे न केवल उनके समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि उन्हें अपने परिवार के पास रहकर ही बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
-- --
सरकार की ओर से जिले में खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ाना हमारे लिए गर्व की बात है। हमारा लक्ष्य है कि इन नर्सरियों का सही उपयोग हो और हम यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर सकें। युवा खिलाड़ी इन नर्सरी में जाकर ट्रायल देकर नर्सरी में अपना दाखिला करवा सकते है।
- विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
जिला खेल अधिकारी विष्णु दास ने बताया कि इन सात नर्सरियों में से चार नर्सरियों की जिम्मेदारी सीधे ग्राम पंचायतों को दी गई है, जबकि तीन नर्सरियां एक सरकारी स्कूल, एक निजी स्कूल और एक गुरुकुल संस्थान को आवंटित की गई हैं। यह निर्णय ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। अब खिलाड़ियों की नई पाैध तैयार हो सकेगी।
विज्ञापन
सरकार की ओर से जिले में खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ाना हमारे लिए गर्व की बात है। हमारा लक्ष्य है कि इन नर्सरियों का सही उपयोग हो और हम यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर सकें। युवा खिलाड़ी इन नर्सरी में जाकर ट्राॅयल देकर नर्सरी में अपना दाखिला करवा सकते हैं।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों को मिलीं चार खेल नर्सरियां
गांव खेल
ढाणी गोपाल
कुश्ती
फुलां साइकिलिंग
धारसूल खुर्द
कुश्ती
जटान फुटबाल
तीन शैक्षणिक संस्थानों को भी मिलीं खेल नर्सरियां
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दहमन : कबड्डी
डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, फतेहाबाद : जिम्नास्टिक
गुरुकुल वेद मंदिर संस्कृत विद्यापीठ, मताना : जूडो
पहले से संचालित हैं करीब 40 खेल नर्सरी
जिले में करीब 40 खेल नर्सरियां संचालित हैं, जिन्होंने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है। सात नई नर्सरियों के जुड़ने से संख्या 47 हो गई हैं। नई खेल नर्सरी मिलने से गांव के युवाओं को काफी मिलेगा। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को महंगी कोचिंग या शहरों में जाने की असमर्थता के कारण अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका नहीं मिल पाता था। ये नई नर्सरियां इस समस्या का समाधान करेंगी, क्योंकि अब खिलाड़ी अपने ही गांव या उसके नजदीक प्रशिक्षण ले पाएंगे। इससे न केवल उनके समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि उन्हें अपने परिवार के पास रहकर ही बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
सरकार की ओर से जिले में खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ाना हमारे लिए गर्व की बात है। हमारा लक्ष्य है कि इन नर्सरियों का सही उपयोग हो और हम यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर सकें। युवा खिलाड़ी इन नर्सरी में जाकर ट्रायल देकर नर्सरी में अपना दाखिला करवा सकते है।
- विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।