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Fatehabad News: कविता लेखन में सिमरन प्रथम व एकता रही द्वितीय
Sat, 10 Jan 2026 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:14 PM IST
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महिला महाविद्यालय, रतिया में विश्व हिन्दी दिवस के अवसर आयोजित कविता लेखन प्रतियोगिता में भाग ले
रतिया। शहीद दविंद्र सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में शनिवार को विश्व हिंदी दिवस पर निराला हिंदी साहित्य परिषद हिंदी विभाग की ओर से कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें सिमरन बीए अंतिम वर्ष ने प्रथम स्थान, एकता रानी बीए अंतिम वर्ष ने द्वितीय तथा प्रदीप एमए हिंदी अंतिम वर्ष ने तृतीय स्थान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य परमजीत संधा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना और विचार परंपरा की सशक्त अभिव्यक्ति है।
हिंदी के प्रचार-प्रसार में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में भाषा के प्रति जागरूकता एवं रचनात्मकता का विकास होता है। हिंदी विभाग प्रभारी प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. सैन कुमार के संयोजन में किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय हिंदी: मेरी पहचान, मेरा अभिमान रहा।
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छात्राओं ने कविता लेखन में हिंदी की समृद्धि, उसकी वैश्विक पहचान, सांस्कृतिक विरासत तथा समसामयिक सामाजिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। निर्णायक मंडल की भूमिका प्रो. गगनदीप कौर, डॉ. बलकार, प्रो. सरबजीत कौर ने छात्राओं की रचनात्मकता, भाषा-शैली के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता में सिमरन बीए अंतिम वर्ष ने प्रथम स्थान, एकता रानी बीए अंतिम वर्ष ने द्वितीय स्थान तथा प्रदीप एमए हिंदी अंतिम वर्ष ने तृतीय स्थान किया। प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय में समय समय पर साहित्यिक आयोजन करने की आवश्यकता पर बल दिया। ऐसे आयोजन न केवल हिंदी भाषा के प्रति प्रेम बढ़ाना वाला, बल्कि छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने का रहा। इससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
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इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य परमजीत संधा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना और विचार परंपरा की सशक्त अभिव्यक्ति है।
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हिंदी के प्रचार-प्रसार में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में भाषा के प्रति जागरूकता एवं रचनात्मकता का विकास होता है। हिंदी विभाग प्रभारी प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. सैन कुमार के संयोजन में किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय हिंदी: मेरी पहचान, मेरा अभिमान रहा।
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छात्राओं ने कविता लेखन में हिंदी की समृद्धि, उसकी वैश्विक पहचान, सांस्कृतिक विरासत तथा समसामयिक सामाजिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। निर्णायक मंडल की भूमिका प्रो. गगनदीप कौर, डॉ. बलकार, प्रो. सरबजीत कौर ने छात्राओं की रचनात्मकता, भाषा-शैली के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता में सिमरन बीए अंतिम वर्ष ने प्रथम स्थान, एकता रानी बीए अंतिम वर्ष ने द्वितीय स्थान तथा प्रदीप एमए हिंदी अंतिम वर्ष ने तृतीय स्थान किया। प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय में समय समय पर साहित्यिक आयोजन करने की आवश्यकता पर बल दिया। ऐसे आयोजन न केवल हिंदी भाषा के प्रति प्रेम बढ़ाना वाला, बल्कि छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने का रहा। इससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।