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Fatehabad News: सीएम के हस्ताक्षर के इंतजार में सीवर प्रोजेक्ट
Sun, 28 Dec 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 28 Dec 2025 11:24 PM IST
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फतेहाबाद के हंस कॉलोनी में स्कूल जाने के लिए बच्चे गंदे पानी में से होकर गुजरते हुए स्त्रोत स
फतेहाबाद। नगर परिषद की सीमा बढ़ने के चार साल बाद भी हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी और आजाद नगर में मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। पंचायत क्षेत्र से शहर में शामिल होने के बाद इन कॉलोनियों को विकास का भरोसा दिया गया था, लेकिन हकीकत में हालात और बदतर हो गए हैं।
सीवरेज प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हो पाया, जिससे करीब आठ हजार की आबादी जलभराव से जूझ रही है। बारिश के दिनों में गलियों में पानी भर जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद में शामिल होते समय डेवलपमेंट चार्ज दोगुने तक वसूले गए थे, लेकिन विकास कार्य जमीन पर नजर नहीं आ रहे।
जनस्वास्थ्य विभाग ने इन कॉलोनियों में सीवरेज पाइप लाइन बिछाने की तैयारी पूरी की हुई है। 24 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब केवल एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी होना बाकी है। प्रोजेक्ट की फाइल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मेज पर लंबित है। हस्ताक्षर होते ही अलॉटमेंट संभव है। हाल ही में प्रस्तावित बैठक से उम्मीद जगी थी, लेकिन उसके रद्द होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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पानी निकासी के लिए होते हैं झगड़े
हंस कॉलोनी में पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। हालात ये है कि पानी खाली प्लॉट में जा रहा है, इसके साथ लगते घरों की नींव कमजोर हो रही है। यही हालात स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी की है। यहां भी पानी निकासी न होने के कारण लोगों में झगड़े हो रहे हैं। हंस कॉलोनी में नगर परिषद ने पानी निकासी के लिए अस्थायी पंप लगा रखा है। इसके जरिये बंद माइनर में पानी डाला जा रहा है।
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नई नियमित कॉलोनियों पर दोगुना विकास शुल्क
नगर परिषद सीमा में पिछले दिनों 13 कॉलोनियां नियमित हुई थी। इन नियमित कॉलोनियों पर विकास शुल्क 240 रुपये प्रति वर्ग गज लगाया गया है। जबकि पहले नियमित हुई कॉलोनियों पर विकास शुल्क 120 रुपये प्रति वर्ग गज है।
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पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। हरनाम सिंह कॉलोनी के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीएम इन दिनों में तीन बार यहां आ चुके हैं। नियमित कॉलोनी होने के बाद बावजूद गांव से खराब हालात हो रहे हैं।
- योगी हंसराज, पार्षद प्रतिनिधि, हरनाम सिंह कॉलोनी
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पानी निकासी के नाम पर बिल तैयार हो रहे है लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। जब तक सीवरेज प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ेगा तब तक समाधान नहीं होगा। जल्द ही मामले को लेकर सीएम से मिलेंगे।
-संजय रूखाया, पार्षद वार्ड 17
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जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अलॉटमेंट के लिए मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर होने हैं। उनके हस्ताक्षर के बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी हो जाएगा।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
लोग बोले-
नगर परिषद में जुड़ने के बाद उम्मीद थी कि विकास कार्य होंगे लेकिन अब पहले से भी हालात खराब हो गए हैं। पानी निकासी प्रबंध न होने से जलभराव हो रहा है, इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। सीवरेज प्रोजेक्ट शुरू न होने से सड़कें भी नहीं बन पा रही हैं।
-सुभाष कुमार, निवासी हरनाम सिंह कॉलोनी
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सरकार ने नियमित हुई कॉलोनी पर डेवलपमेंट चार्ज दोगुना लगा दिया है लेकिन विकास कार्य नहीं करवाए जा रहा हैं। चार साल हो गए हैं लेकिन अभी तक कॉलोनी से पानी निकासी का प्रबंध नहीं हो पाए हैं। जिससे स्थानीय निवासी काफी परेशान हैं।
- डॉ. मनमोहन सिंह, निवासी हरनाम सिंह कॉलोनी
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सीवरेज प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हो पाया, जिससे करीब आठ हजार की आबादी जलभराव से जूझ रही है। बारिश के दिनों में गलियों में पानी भर जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद में शामिल होते समय डेवलपमेंट चार्ज दोगुने तक वसूले गए थे, लेकिन विकास कार्य जमीन पर नजर नहीं आ रहे।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने इन कॉलोनियों में सीवरेज पाइप लाइन बिछाने की तैयारी पूरी की हुई है। 24 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब केवल एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी होना बाकी है। प्रोजेक्ट की फाइल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मेज पर लंबित है। हस्ताक्षर होते ही अलॉटमेंट संभव है। हाल ही में प्रस्तावित बैठक से उम्मीद जगी थी, लेकिन उसके रद्द होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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पानी निकासी के लिए होते हैं झगड़े
हंस कॉलोनी में पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। हालात ये है कि पानी खाली प्लॉट में जा रहा है, इसके साथ लगते घरों की नींव कमजोर हो रही है। यही हालात स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी की है। यहां भी पानी निकासी न होने के कारण लोगों में झगड़े हो रहे हैं। हंस कॉलोनी में नगर परिषद ने पानी निकासी के लिए अस्थायी पंप लगा रखा है। इसके जरिये बंद माइनर में पानी डाला जा रहा है।
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नई नियमित कॉलोनियों पर दोगुना विकास शुल्क
नगर परिषद सीमा में पिछले दिनों 13 कॉलोनियां नियमित हुई थी। इन नियमित कॉलोनियों पर विकास शुल्क 240 रुपये प्रति वर्ग गज लगाया गया है। जबकि पहले नियमित हुई कॉलोनियों पर विकास शुल्क 120 रुपये प्रति वर्ग गज है।
पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। हरनाम सिंह कॉलोनी के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीएम इन दिनों में तीन बार यहां आ चुके हैं। नियमित कॉलोनी होने के बाद बावजूद गांव से खराब हालात हो रहे हैं।
- योगी हंसराज, पार्षद प्रतिनिधि, हरनाम सिंह कॉलोनी
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पानी निकासी के नाम पर बिल तैयार हो रहे है लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। जब तक सीवरेज प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ेगा तब तक समाधान नहीं होगा। जल्द ही मामले को लेकर सीएम से मिलेंगे।
-संजय रूखाया, पार्षद वार्ड 17
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जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अलॉटमेंट के लिए मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर होने हैं। उनके हस्ताक्षर के बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी हो जाएगा।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
लोग बोले-
नगर परिषद में जुड़ने के बाद उम्मीद थी कि विकास कार्य होंगे लेकिन अब पहले से भी हालात खराब हो गए हैं। पानी निकासी प्रबंध न होने से जलभराव हो रहा है, इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। सीवरेज प्रोजेक्ट शुरू न होने से सड़कें भी नहीं बन पा रही हैं।
-सुभाष कुमार, निवासी हरनाम सिंह कॉलोनी
सरकार ने नियमित हुई कॉलोनी पर डेवलपमेंट चार्ज दोगुना लगा दिया है लेकिन विकास कार्य नहीं करवाए जा रहा हैं। चार साल हो गए हैं लेकिन अभी तक कॉलोनी से पानी निकासी का प्रबंध नहीं हो पाए हैं। जिससे स्थानीय निवासी काफी परेशान हैं।
- डॉ. मनमोहन सिंह, निवासी हरनाम सिंह कॉलोनी