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74 हजार विद्यार्थियों को 45 दिन बाद भी किताबों का इंतजार

Thu, 18 May 2017 12:38 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला फतेहाबाद
ब्यूरो अमर उजाला फतेहाबाद Updated Thu, 18 May 2017 12:38 AM IST
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seventy four thousand student after fourty five days books wait
जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ते बच्चे। - फोटो : amarujala beuro
नया सत्र शुुरू होने के 45 दिन बाद भी सरकारी स्कूलों में अब तक किताबें नहीं पहुंची हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने अपनी नाक बचाने के लिए कैचअप अभियान चला दिया है, जिसमें अध्यापक विद्यार्थियों को पुराना सिलेबस ही पढ़ाएंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार, अधिकारियों को 31 मई तक कैचअप अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 23 मई से ही सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएंगे। इसका सीधा सा मतलब ये रहेगा कि बच्चों के हाथों में जुलाई से पहले किताबें आने की की कोई संभावना ही नहीं है।
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कक्षा पास करने के बावजूद दो माह तक पुरानी किताबें पढ़ना ही कैचअप अभियान
शिक्षा विभाग ने आश्चर्यजनक रूप से इस सत्र से पहली से आठवीं तक कैचअप अभियान को लागू कर दिया गया। इस अभियान में पुरानी कक्षा की ही किताबें दो माह तक बच्चों को पढ़ाई जाएगी। हालांकि, औपचारिक रूप से इसके पीछे ये तर्क दिया गया था कि कई बार कुछ कमजोर बच्चे पिछली कक्षा का काम ठीक ढंग से समझ नहीं पाते, ऐसे में कैचअप अभियान से उनकी पढ़ाई की नींव मजबूत होगी। अब ये तर्क किसी के भी गले नहीं उतर रहा कि जो बच्चा सारा साल पढ़ाई करके अच्छे से ना समझ सका, वो कक्षा पास करके पुरानी किताबें पढ़कर कैसे समझेगा। स्पष्ट है कि किताबें नहीं पहुंचने की हालत में शिक्षा विभाग अपनी नाक बचाने के लिए कैचअप अभियान का सहारा ले रहा है।
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टेंडर को लेकर थी पसोपेश, अब डिलीवरी को लेकर संशय
किताबें भेजने को लेकर सरकार शुरु से ही पसोपेश में रही है। पहले किताबों को छपवाने के लिए दिए गए टेंडर पर भी संशय बना हुआ था। दूसरी ओर किताबों को स्कूलों में पहुंचाने को लेकर भी स्थिति साफ नहीं की गई है। हालांकि शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों के मुखियाओं को ये कहा गया है कि जल्दी ही किताबें आनी शुुरू हो सकती हैं, ऐेसे में ड्यूटी टाइम के बाद भी स्कूल को खुला रखें। लेकिन कब तक किताबें आनी हैं, इसे लेकर खुद अधिकारी भी कुछ स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे। अध्यापकों के सामने विकट स्थिति ये है कि जल्दी ही सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश हो रहे हैं। ऐसे में अगर इन अवकाश के शुरू होने से पहले स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची तो अध्यापकों को अवकाश के दिनों में भी स्कूल खुले रखने पड़ सकते हैं। अगर ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अगर किताबें आती भी हैं तो सभी विद्यार्थियों को बांटने के लिए जुलाई तक का इंतजार करना पड़ेगा।
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फतेहाबाद में पहली से आठवीं तक विद्यार्थियों की स्थिति
प्राइमरी स्कूल        छात्रों की संख्या     मिडिल स्कूल        विद्यार्थियों की संख्या
386            44269            86        29674


वर्जन...
सरकारी स्कूलों में 20 से 25 मई के बीच किताबें पहुंचने की संभावना है। विभाग ने इस दौरान कैचअप अभियान की रूपरेखा तैयार की थी ताकि अध्यापक बच्चे का शैक्षणिक स्तर जांच सकें। ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले ही किताबें बच्चों को देने की योजना है।’
- दयानंद सिहाग, डिप्टी डीईओ, फतेहाबाद
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